> ## Content Index
> Fetch the complete content index at: https://newsanek.com/hindi/llms.txt
> Use this file to discover other available public pages before exploring further.

# मनरेगा: गांव में 100 दिन की मज़दूरी और 2025 में क्या बदला
- URL: https://newsanek.com/hindi/mgnrega-100-days-work/
- Published: 2026-11-07T04:32:56.000Z
- Updated: 2026-11-07T14:20:22.000Z
- Description: मनरेगा में ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन की मज़दूरी की गारंटी थी। संसद ने 2025 में इसे खत्म कर VB-G RAM G कानून बनाया। जानिए पुराने कानून में क्या था, अब क्या अलग है और आवेदन कैसे करें।
- Author: Kumar Ujjwal
- Tags: सरकारी योजना, #scheme-rural-development, #scheme-for-worker, #scheme-all-india

यहां पूरी योजना एक जगह है: क्या मिलता है, कौन पात्र है, आवेदन कैसे करें, और क्या जांचें।

__योजना एक नज़र में__
| योजना                | महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), जिसकी जगह 2025 में VB-G RAM G अधिनियम आया |
| -------------------- | ---------------------------------------------------------------------------------------------------------- |
| मंत्रालय             | ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार                                                                         |
| फायदा                | हर ग्रामीण परिवार को साल में 100 दिन तक मज़दूरी, 15 दिन में काम न मिले तो बेरोज़गारी भत्ता                 |
| कौन आवेदन कर सकता है | ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य जो अकुशल शारीरिक काम करने को तैयार हों                                       |
| पैसा कैसे मिलता है   | मज़दूरी सीधे कर्मी के बैंक या डाकघर खाते में                                                               |
| कहां आवेदन करें      | ग्राम पंचायत कार्यालय, या सरकारी पोर्टल nrega.nic.in                                                       |
| आवेदन शुल्क          | मुफ्त                                                                                                      |

### एक नज़र में

- हर ग्रामीण परिवार को मांगने पर साल में 100 दिन तक मज़दूरी।
- काम घर से 5 किलोमीटर के अंदर होना चाहिए, और कम से कम आधे काम महिलाओं के लिए।
- 15 दिन में काम न मिले तो बेरोज़गारी भत्ता मिल सकता है।
- 2025 में कानून बदला, इसलिए आवेदन से पहले नए नियम देख लें।

## तो काम करने वाले को असल में क्या मिलता है?

पुराने कानून में हर वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिन की मज़दूरी का वादा था।

गारंटी हर ग्रामीण परिवार के एक वयस्क सदस्य के लिए थी, जो अकुशल शारीरिक काम करना चाहे।

मज़दूरी इलाके की कानूनी न्यूनतम दर पर दी जाती थी। पैसा सीधे कर्मी के खाते में जाता था।

महिलाओं के लिए कम से कम एक तिहाई काम तय था, और कोशिश थी कि उनका हिस्सा आधे से ऊपर रहे।

## 2025 में क्या बदला है?

2025 में संसद ने विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम पारित किया, जिसे VB-G RAM G कहा जाता है।

इसने मनरेगा को खत्म कर ग्रामीण रोज़गार और आजीविका का नया ढांचा ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत बनाया।

नए कानून में काम पहले से मंज़ूर योजनाओं के तहत तय होगा। पहले काम मांग पर दिया जाता था।

अब खर्च केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में बंटेगा। पहले लगभग पूरा खर्च केंद्र देता था।

आलोचक कहते हैं इससे काम का अधिकार कमज़ोर होगा। सरकार कहती है नया कानून बेहतर योजना वाला है। नवीनतम नियम सरकारी साइट पर देखें।

## कौन आवेदन कर सकता है, और कौन नहीं?

ग्रामीण परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य काम मांग सकता है, अगर वह अकुशल शारीरिक काम करने को तैयार हो।

काम आमतौर पर घर से 5 किलोमीटर के अंदर होना चाहिए।

शहरी इलाकों के लोग इस योजना में शामिल नहीं हैं। यह सिर्फ ग्रामीण परिवारों के लिए है।

यह योजना सभी जाति, धर्म और लिंग के लोगों के लिए खुली है। महिलाओं के लिए काम का आरक्षित हिस्सा है।

## कौन से कागज़ तैयार रखें?

ग्राम पंचायत से मिलने वाला जॉब कार्ड, या उसके लिए आवेदन, तैयार रखें।

पासपोर्ट साइज़ फोटो और आधार कार्ड या कोई दूसरा पहचान पत्र रखें।

बैंक या डाकघर खाता नंबर रखें, क्योंकि मज़दूरी उसी में आती है।

## आवेदन कैसे करें, एक-एक कदम?

ग्राम पंचायत कार्यालय जाकर जॉब कार्ड का आवेदन मांगें।

परिवार की जानकारी भरें, और फोटो व पहचान पत्र दें।

जॉब कार्ड मिलने के बाद लिखित में काम के लिए आवेदन करें, और बताएं कितने दिन चाहिए।

पंचायत को 15 दिन में काम देना होता है। न दे तो लिखित में बेरोज़गारी भत्ता मांगें।

## जॉब कार्ड या भुगतान कैसे देखें?

nrega.nic.in पर जाकर रिपोर्ट सेक्शन में मस्टर रोल और भुगतान की स्थिति देखें।

आप ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय से भी अपना रिकॉर्ड मांग सकते हैं।

अगर मज़दूरी देर से आए या न आए, तो पंचायत और ब्लॉक कार्यालय में लिखित शिकायत दें।

## काम न मिले तो क्या करें?

सबसे पहले लिखित में काम के लिए आवेदन करें, और उसकी रसीद या प्रति रखें।

15 दिन में काम न मिले तो पंचायत से बेरोज़गारी भत्ता मांगा जा सकता है।

शिकायत ब्लॉक विकास अधिकारी या जिला कार्यक्रम समन्वयक तक भी पहुंचाई जा सकती है।

## धोखे से सावधान रहें

इस योजना में काम मुफ्त है। जॉब कार्ड या काम के लिए किसी एजेंट को पैसे न दें।

अगर कोई पैसे मांगे, तो ग्राम पंचायत और जिला कार्यालय को बताएं।

## अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

### क्या मनरेगा अब भी चल रही है?

2025 में पुराना कानून खत्म कर VB-G RAM G अधिनियम लाया गया। मौजूदा नियम nrega.nic.in और ग्राम पंचायत से जांचें।

### क्या पति और पत्नी दोनों काम ले सकते हैं?

हां। ग्रामीण परिवार का हर वयस्क सदस्य काम मांग सकता है, अगर वह अकुशल काम करने को तैयार हो।

### रोज़ की मज़दूरी कितनी है?

मज़दूरी राज्य स्तर पर तय होती है और समय-समय पर बदली जाती है। अपने इलाके की मौजूदा दर पंचायत से पूछें।

### आवेदन की कोई आखिरी तारीख है?

काम मांगने की कोई तय आखिरी तारीख नहीं है। जब जरूरत हो, ग्राम पंचायत में लिखित आवेदन दें।

### अगर मज़दूरी समय पर न मिले तो?

पंचायत और ब्लॉक कार्यालय में लिखित शिकायत दें। नियमों के तहत देरी से मज़दूरी पर मुआवज़ा मिल सकता है।

### आधिकारिक लिंक

- [Official website](https://nrega.nic.in/?ref=newsanek.com)

यह गाइड योजना के आधिकारिक नियमों पर आधारित है। नियम और रकम बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर ज़रूर जांचें। News Anek सरकारी वेबसाइट नहीं है।