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# भारत और यूरोपीय संघ की बातचीत पूरी, होरिज़न यूरोप शोध कार्यक्रम में भारत की भागीदारी पर सहमति
- URL: https://newsanek.com/hindi/paraguay-pena-steps-down-ueno-bank-crisis/
- Published: 2026-11-07T03:32:59.000Z
- Updated: 2026-11-07T04:20:19.000Z
- Description: समझौते पर हस्ताक्षर के बाद भारतीय शोधकर्ता और संस्थान फंडिंग के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह कदम प्रधानमंत्री मोदी की दिसंबर के मध्य में प्रस्तावित ब्रसेल्स यात्रा से पहले आया है।
- Author: Kumar Ujjwal
- Tags: दुनिया, #sub-international, #trending, #trending-world, #tl-d65fe8

भारत और यूरोपीय संघ ने होरिज़न यूरोप में भारत की भागीदारी पर बातचीत पूरी कर ली है। यह यूरोपीय संघ का प्रमुख शोध और नवाचार कार्यक्रम है।

यूरोपीय आयोग ने 6 नवंबर को इस कदम को एक अहम पड़ाव बताया। उसके मुताबिक इससे दोनों देशों का वैज्ञानिक सहयोग और गहरा होगा।

यह जानकारी द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दी गई है। द इकोनॉमिक टाइम्स ने भी इस खबर को कवर किया है।

### एक नज़र में

- भारत और यूरोपीय संघ ने होरिज़न यूरोप से जुड़ी बातचीत पूरी कर ली है।
- समझौते पर हस्ताक्षर और ज़रूरी प्रक्रिया पूरी होने पर भारतीय शोधकर्ता फंडिंग पा सकेंगे।
- भारत की इस भागीदारी की शुरुआत जनवरी 2027 में होनी है।
- प्रधानमंत्री मोदी के दिसंबर के मध्य में ब्रसेल्स जाने की उम्मीद है।

## होरिज़न यूरोप क्या है, और यह क्यों मायने रखता है?

होरिज़न यूरोप एक शोध और नवाचार कार्यक्रम है। इसका कुल बजट 93.5 अरब यूरो है।

इसका सबसे बड़ा हिस्सा पिलर II कहलाता है।

यह स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक, उद्योग, अंतरिक्ष, जलवायु, ऊर्जा और बायोइकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में साझा परियोजनाओं को सहारा देता है।

यूरोपीय संघ की स्टार्टअप, शोध और नवाचार आयुक्त एकातेरिना ज़ाहारिएवा ने इस विकास का स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि इस समझौते से व्यवसायों और शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर खुलेंगे।

## आगे क्या होगा, और कब?

अगला कदम एसोसिएशन समझौते पर हस्ताक्षर है। यह इस पर निर्भर है कि दोनों पक्ष अपनी ज़रूरी प्रक्रियाएं पूरी करते हैं।

उसके बाद भारतीय शोधकर्ता और संस्थान होरिज़न यूरोप से सीधे फंडिंग पा सकेंगे। वे साझा शोध परियोजनाओं का नेतृत्व भी कर सकेंगे।

भारत की यह भागीदारी जनवरी 2027 में शुरू होने वाली है।

प्रधानमंत्री मोदी से दिसंबर के मध्य में ब्रसेल्स में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर की उम्मीद है।

## बातचीत यहां तक कैसे पहुंची?

भारत और यूरोपीय संघ ने फरवरी में भागीदारी पर प्रारंभिक बातचीत शुरू की थी। इसके बाद जुलाई में औपचारिक बातचीत हुई।

यह कदम 2001 में हुए विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग समझौते पर आधारित है। वह समझौता 2030 तक के लिए नवीनीकृत किया गया है।

जनवरी में भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में 2030 तक का संयुक्त रणनीतिक एजेंडा अपनाया गया था। इसमें भी शोध को अहम हिस्सा माना गया है।

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### स्रोत

- [The New Indian Express: Ahead of PM Modi's visit, India, EU conclude negotiations on flagship research, innovation programme](https://www.newindianexpress.com/india/2026/Nov/06/ahead-of-pm-modis-visit-india-eu-conclude-negotiations-on-flagship-research-innovation-programme?ref=newsanek.com)
- [The Economic Times: EU and India conclude negotiations on association to Horizon Europe to push innovation ties](https://economictimes.indiatimes.com/news/economy/foreign-trade/eu-and-india-conclude-negotiations-on-association-to-horizon-europe-to-push-innovation-ties/articleshow/135611805.cms?ref=newsanek.com)