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# शेख़ हसीना का दावा, विदेशी समर्थन की ज़रूरत नहीं, दिसंबर तक वापसी की योजना
- URL: https://newsanek.com/hindi/sheikh-hasina-return-bangladesh-foreign-backing/
- Published: 2026-11-05T17:18:41.000Z
- Updated: 2026-11-05T17:50:37.000Z
- Description: हसीना ने AP से ईमेल बातचीत में कहा कि उन्हें अपनी वापसी के लिए विदेशी समर्थन नहीं चाहिए। उनका कहना है कि योजना नहीं बदली है, भले ही उन पर मौत की सज़ा है और भारत ने उन्हें नहीं सौंपा है।
- Author: Kumar Ujjwal
- Tags: दुनिया, UPSC Today, जीएस पेपर 2, समझिए, #sub-international, #national-desk

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना का कहना है कि अपने देश लौटने के लिए उन्हें किसी विदेशी ताक़त के समर्थन की ज़रूरत नहीं है।

उन्होंने यह बात गुरुवार को समाचार एजेंसी AP को ईमेल इंटरव्यू में कही।

हिंदुस्तान टाइम्स ने उनकी टिप्पणियां प्रकाशित की हैं। हसीना भारत में निर्वासन में रह रही हैं।

उनका कहना है कि दिसंबर तक लौटने की योजना नहीं बदली है, भले ही गिरफ़्तारी या मौत का खतरा हो।

### एक नज़र में

- हसीना कहती हैं कि बांग्लादेश लौटने के लिए उन्हें विदेशी समर्थन की ज़रूरत नहीं।
- वह दिसंबर तक लौटने की योजना पर कायम हैं, भले ही गिरफ़्तारी या मौत का खतरा हो।
- बांग्लादेश के एक ट्रिब्यूनल ने नवंबर 2025 में उन्हें गैरहाज़िरी में मौत की सज़ा सुनाई।
- वह आरोपों से इनकार करती हैं और इस फ़ैसले को चुनौती देती हैं।

## हसीना ने विदेशी समर्थन पर क्या कहा?

उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका और भारत जैसे देश बांग्लादेश पर दबाव डालेंगे, ताकि उनकी सुरक्षित वापसी हो।

उन्होंने कहा कि वह किसी विदेशी सुरक्षा की मांग नहीं कर रहीं।

उनका कहना है कि बांग्लादेश सभी देशों के साथ दोस्ती और सहयोग को अहमियत देता है।

लेकिन अपने देश लौटने के लिए उन्हें किसी विदेशी ताक़त के आशीर्वाद की ज़रूरत नहीं।

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक़, उनकी वापसी सत्ता पाने के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेश के लोगों के साथ खड़े होने के लिए है।

## तो उनकी वापसी इतनी जोखिम भरी क्यों मानी जा रही है?

हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश से निकल गई थीं। छात्रों के नेतृत्व वाले आंदोलन ने उन्हें सत्ता से हटने पर मजबूर किया था।

![2016-02-24 Bangladesh Awami League Parliamentary Board Meeting at Ganabhaban Dhaka (PID-0055686)](https://newsanek.com/hindi/content/images/2026/11/sheikh-hasina-return-bangladesh-foreign-backing-2ad092.jpg)

प्रतीकात्मक फोटो: 2016-02-24 Bangladesh Awami League Parliamentary Board Meeting at Ganabhaban Dhaka (PID-0055686)। फोटो: Press Information Department / [Wikimedia Commons](https://commons.wikimedia.org/wiki/File%3A2016-02-24%5FBangladesh%5FAwami%5FLeague%5FParliamentary%5FBoard%5FMeeting%5Fat%5FGanabhaban%5FDhaka%5F%28PID-0055686%29.jpg?ref=newsanek.com), Public domain

तब से वह भारत में रह रही हैं।

नवंबर 2025 में बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल ने उन्हें गैरहाज़िरी में मौत की सज़ा सुनाई।

आरोप जुलाई और अगस्त 2024 में प्रदर्शनों की कार्रवाई से जुड़े मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों से जुड़े हैं।

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ उस हिंसा में लगभग 1,400 लोग मारे गए।

द वीक की रिपोर्ट के अनुसार हसीना और अवामी लीग के दूसरे वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ लगभग 600 आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं।

हसीना: दिसंबर तक वापसी की योजना

**लगभग 1,400 लोग**उस हिंसा में मारे गए लोग

**लगभग 600 मामले**दर्ज आपराधिक मामले

ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से

हसीना ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने फ़ैसले को ठुकराया है और मुकदमे की वैधता पर सवाल उठाए हैं।

## आगे क्या होगा, और अभी क्या साफ़ नहीं है?

हसीना ने कहा है कि वह तारीख़, समय और प्रवेश का स्थान बाद में बताएंगी। यह जानकारी हिंदुस्तान टाइम्स ने सितंबर के इंटरव्यू के हवाले से दी है।

द वीक के मुताबिक़ जुलाई में उन्होंने कहा था कि वह अदालतों के सामने आत्मसमर्पण करेंगी।

बांग्लादेश बार-बार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर चुका है। लेकिन भारत ने अब तक उन्हें नहीं सौंपा है।

तो भारत के पाठकों के लिए यह मामला क्यों मायने रखता है? भारत 2024 से उन्हें शरण दे रहा है, और ढाका उन्हें वापस चाहता है।

समझिए

### पहले क्या हुआ

- हसीना अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद सत्ता से हटीं और ढाका छोड़कर चली गईं। तब से वह भारत में रह रही हैं।
- नवंबर 2025 में बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल ने प्रदर्शनों की कार्रवाई के मामले में उन्हें गैरहाज़िरी में मौत की सज़ा सुनाई।
- बांग्लादेश बार-बार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर चुका है, लेकिन भारत ने उन्हें नहीं सौंपा है।

### यह क्यों अहम है

यह भारत के पाठकों के लिए अहम है, क्योंकि एक बांग्लादेशी पूर्व नेता भारत में रह रही हैं और ढाका उन्हें वापस चाहता है।

### आगे क्या

- हसीना ने कहा है कि वह दिसंबर तक लौटेंगी और तारीख़, समय और प्रवेश का स्थान बाद में बताएंगी।

एग्ज़ाम कॉर्नर

**UPSC जीएस पेपर 2** · अंतरराष्ट्रीय संबंध: भारत और बांग्लादेश

### क्या है खबर

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने कहा कि दिसंबर तक घर लौटने के लिए उन्हें किसी विदेशी समर्थन की ज़रूरत नहीं है। यह बात उन्होंने गुरुवार को AP से बातचीत में कही।

### पृष्ठभूमि

- हसीना अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद सत्ता से हटकर बांग्लादेश से निकल गई थीं और तब से भारत में रह रही हैं।
- बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल ने नवंबर 2025 में प्रदर्शनों की कार्रवाई के मामले में उन्हें गैरहाज़िरी में मौत की सज़ा सुनाई।
- बांग्लादेश बार-बार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर चुका है, लेकिन भारत ने उन्हें नहीं सौंपा है।

### प्रीलिम्स के लिए तथ्य

- बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल ने नवंबर 2025 में हसीना को गैरहाज़िरी में मौत की सज़ा सुनाई।
- संयुक्त राष्ट्र के अनुसार जुलाई और अगस्त 2024 की हिंसा में लगभग 1,400 लोग मारे गए।
- हसीना अगस्त 2024 में ढाका से निकलीं और तब से भारत में रह रही हैं।

### मेन्स के लिए सामग्री

1. **महत्व:** दिखाता है कि पड़ोसी देश में राजनीतिक संकट भारत और बांग्लादेश के संबंधों को कैसे प्रभावित कर सकता है।
2. **मुख्य मुद्दा:** पूर्व नेताओं के प्रत्यर्पण की मांग, और क्या शरण देने वाले देश को उन्हें सौंपना चाहिए।
3. **चुनौतियां:** राजनीतिक निर्वासितों को शरण देने और कूटनीतिक प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन बनाना।
4. **आगे का रास्ता:** साफ़ कानूनी रास्ते, निष्पक्ष सुनवाई और सरकारों के बीच बातचीत से तनाव कम हो सकता है।

**अभ्यास प्रश्न:** पड़ोसी देशों में राजनीतिक निर्वासितों के प्रत्यर्पण की चुनौतियों पर चर्चा कीजिए, शेख़ हसीना के मामले के संदर्भ में।

### प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

**Q1.** नवंबर 2025 में शेख़ हसीना को गैरहाज़िरी में मौत की सज़ा किस संस्था ने सुनाई?

1. भारत का सर्वोच्च न्यायालय
2. बांग्लादेश का अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल
3. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद
4. अवामी लीग पार्टी
उत्तर देखें

**उत्तर: B.** लेख में बताया गया है कि बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल ने यह सज़ा सुनाई।

**Q2.** शेख़ हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश से निकलने के बाद किस देश में रह रही हैं?

1. पाकिस्तान
2. नेपाल
3. भारत
4. म्यांमार
उत्तर देखें

**उत्तर: C.** लेख के अनुसार वह ढाका छोड़ने के बाद से भारत में रह रही हैं।

### मुख्य शब्द

- **प्रत्यर्पण**: किसी आरोपी या दोषी व्यक्ति को एक देश से दूसरे देश को औपचारिक रूप से सौंपना।
- **मानवता के ख़िलाफ़ अपराध**: आम नागरिकों के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर किए गए गंभीर अपराध, जैसे हत्या या उत्पीड़न।
- **गैरहाज़िरी में**: ऐसी सुनवाई या सज़ा जब आरोपी अदालत में मौजूद न हो।

परीक्षा की तैयारी के लिए और खबरें: [UPSC Today](https://newsanek.com/hindi/upsc-today/)

ये बातें इस खबर की रिपोर्ट से ली गई हैं। परीक्षा से पहले NCERT किताबों और PIB जैसे मानक स्रोतों से ज़रूर मिलाएं।

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### स्रोत

- [Hindustan Times: ‘Don’t need blessings of foreign powers': Hasina on if she wants US, India to pressure Bangladesh for her safe return](https://www.hindustantimes.com/india-news/dont-need-blessings-of-foreign-powers-hasina-on-if-she-wants-us-india-to-pressure-bangladesh-for-her-safe-return-101793869882814.html?ref=newsanek.com)
- [The Week: Sheikh Hasina says she doesn't need blessing of a foreign power to return to Bangladesh](https://www.theweek.in/news/world/2026/11/05/sheikh-hasina-bangladesh-return.html?ref=newsanek.com)