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# संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता COP31 अंतल्या, तुर्की में शुरू
- URL: https://newsanek.com/hindi/un-climate-talks-antalya-cop-turkey/
- Published: 2026-11-07T03:33:23.000Z
- Updated: 2026-11-07T04:20:17.000Z
- Description: इस बैठक में जीवाश्म ईंधन से दूर जाने के वादों और नुकसान की भरपाई के पैसे पर बात होगी। अमेरिका के इस बार हिस्सा लेने की उम्मीद नहीं है।
- Author: Kumar Ujjwal
- Tags: दुनिया, #sub-international, #sub-science-space, #trending, #trending-world

संयुक्त राष्ट्र की जलवायु वार्ता तुर्की के अंतल्या शहर में शुरू हो गई है। इस बैठक को COP31 कहा जा रहा है, यानी 31वीं कॉन्फ़्रेंस ऑफ़ पार्टीज़।

यह सोमवार को शुरू होगी, और पहले विश्व नेता भाषण देंगे।

यह जानकारी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट में दी गई है, जिसे NBC न्यूज़ और पायनियर प्रेस ने भी छापा है।

रिपोर्ट के मुताबिक़ इस साल आपदाएँ, ऊर्जा की कीमतों में झटके और तेज़ी से बढ़ता तापमान बड़ी चिंता बने हुए हैं।

### एक नज़र में

- COP31 की बातचीत सोमवार को तुर्की के अंतल्या में शुरू होगी।
- संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ दुनिया अभी 1.4 सेल्सियस गर्म है और 2.6 सेल्सियस की ओर बढ़ रही है।
- कोपर्निकस के अनुसार अक्टूबर 2026 अब तक का सबसे गर्म अक्टूबर रहा।
- इस साल अमेरिका के हिस्सा लेने की उम्मीद नहीं है।

## दुनिया इतनी तेज़ी से गर्म क्यों हो रही है?

दो महीने पहले संयुक्त राष्ट्र ने अपना दस साल पुराना लक्ष्य बदला था। इसमें तापमान बढ़ोतरी को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने की बात थी।

अब दुनिया इस स्तर को पार करती दिख रही है।

कई वैज्ञानिक मानते हैं कि global warming की रफ़्तार बढ़ रही है। यूरोप की जानलेवा गर्मी की लहरें और नेपाल में आई भयानक बाढ़ इसके साफ़ उदाहरण हैं।

यूरोपीय जलवायु एजेंसी कोपर्निकस के मुताबिक़ 2026 लगभग पक्का दूसरा ऐसा साल होगा जब तापमान 1.5 डिग्री से ऊपर गया। पहला साल 2024 था।

जोहान रॉकस्ट्रॉम, जो जर्मनी के पोट्सडैम क्षेत्र में निदेशक हैं, ने कहा, "अब तक हम असफल रहे हैं।"

ऊर्जा संकट भी एक बड़ा झटका रहा है। 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले से यूरोप में ऊर्जा संकट आया था।

इस साल अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर बमबारी की। इस संघर्ष से होर्मुज़ जलसंधि बंद हो गई और जीवाश्म ईंधन की कीमतें बढ़ गईं।

## इन बातचीत में मुख्य मुद्दे क्या हैं?

एक बड़ा मुद्दा यह है कि जीवाश्म ईंधन से दूर जाने के वादे कैसे पूरे किए जाएँ। सह-मेज़बान तुर्की एक अलग योजना पर ज़ोर दे रहा है।

इसमें परिवहन समेत ज़्यादा ऊर्जा को सौर और पवन ऊर्जा से बनी बिजली की ओर ले जाने की बात है।

बातचीत में पैसे पर भी चर्चा होगी। गरीब देशों को अक्षय ऊर्जा अपनाने, गर्म होती दुनिया के हिसाब से ढलने और जलवायु नुकसान की भरपाई के लिए फंड चाहिए।

जर्मनी के NewClimate Institute के निकलास होने ने कहा कि सबसे मुश्किल सवाल यह है कि पैसा कौन देगा।

उनके मुताबिक़ सबसे बड़े योगदानकर्ता अमेरिका के बाहर हो जाने से कोई और देश आसानी से उसकी जगह नहीं ले सकता।

## इन बातचीत के बाद आगे क्या होगा?

भाषणों के बाद वार्ताकार यह देखेंगे कि पिछले जलवायु वादों को कैसे पूरा किया जाए।

वर्ल्ड रिसोर्सेज़ इंस्टीट्यूट के डेविड वास्कॉ ने कहा कि यह समय जलवायु की अच्छी और बुरी दोनों तस्वीरों को गौर से देखने का है।

रिपोर्ट में अभी यह नहीं बताया गया है कि बातचीत में क्या तय होगा। इसका नतीजा ही बताएगा कि पुराने वादे असल कदमों में बदलते हैं या नहीं।

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### स्रोत

- [Pioneer Press: UN climate talks start in the year of disasters, energy price shocks and fast rising temperatures](https://www.twincities.com/2026/11/06/climate-cop31-the-issues/?ref=newsanek.com)
- [NBC News: UN climate talks start in a year of disasters, energy price shocks and fast rising temperatures](https://www.nbcnews.com/science/climate-change/un-climate-talks-cop-31-disasters-energy-price-shocks-heat-rcna607881?ref=newsanek.com)