केरल में जन्मी निथ्या रमन ने लॉस एंजिलिस मेयर चुनाव जीत लिया है। उन्होंने मौजूदा मेयर कैरन बास को हराया है।
मैथ्रुभूमि ने लॉस एंजिलिस काउंटी के रजिस्ट्रार-रिकॉर्डर के आंकड़ों के आधार पर यह जानकारी दी।
मैथ्रुभूमि के मुताबिक रमन को 405,193 वोट मिले, जबकि बास को 379,069 वोट मिले। जीत का अंतर साफ़ है।
रिपोर्टों में वोटों का प्रतिशत थोड़ा अलग है। मैथ्रुभूमि ने रमन को 51.67 प्रतिशत और बास को 48.33 प्रतिशत वोट बताया है।
दैनिक जागरण और लोकमत टाइम्स ने रमन को 51.1 प्रतिशत बताया है।
रमन लॉस एंजिलिस की पहली भारतीय मूल की मेयर बनने जा रही हैं।
दैनिक जागरण के मुताबिक, वह शहर के सर्वोच्च निर्वाचित पद पर पहुंचने वाली केवल दूसरी महिला होंगी।
एक नज़र में
- 45 साल की रमन ने लॉस एंजिलिस मेयर चुनाव में कैरन बास को हराया।
- रिपोर्टों में वोट प्रतिशत अलग है, 51.67 और 51.1 प्रतिशत।
- वह लॉस एंजिलिस की पहली भारतीय मूल की मेयर बनने जा रही हैं।
- बेघर लोग, सार्वजनिक सुरक्षा और घर मुख्य चुनावी मुद्दे रहे।
तो निथ्या रमन कौन हैं?
रमन का जन्म 1981 में केरल में हुआ था। छह साल की उम्र में वह परिवार के साथ अमेरिका चली गई थीं।
22 साल की उम्र में उन्हें अमेरिका की नागरिकता मिली। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की।
बाद में मैसेचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, यानी एमआईटी से शहरी नियोजन में मास्टर्स किया।
राजनीति में आने से पहले उन्होंने ट्रांसपेरेंट चेन्नई की स्थापना की। यह एक शहरी शोध संस्था है, जो नागरिक सुविधाओं पर काम करती है।
2013 में लॉस एंजिलिस जाने के बाद उन्होंने SELAH नेबरहुड होमलेस कोलिशन बनाने में मदद की।
2020 में वह पहली बार लॉस एंजिलिस सिटी काउंसिल के लिए चुनी गईं।
तो यह खबर भारत के लिए क्यों मायने रखती है?
रमन अमेरिका के किसी बड़े शहर का नेतृत्व करने वाली पहली भारतीय मूल की नेता नहीं हैं।
दैनिक जागरण ने न्यूयॉर्क सिटी के ज़ोहरान ममदानी सहित कई नेताओं का ज़िक्र किया है।
इस रिपोर्ट में सिनसिनाटी के अफ़ताब प्योरेवाल, एडिसन के सैम जोशी और रिचमंड के डैनी अवुला का भी नाम है। ये सभी भारतीय या दक्षिण एशियाई मूल के हैं।
लोगों ने किन मुद्दों पर ज़्यादा ध्यान दिया?
बर्कले IGS और लॉस एंजिलिस टाइम्स के सर्वे में, 19 से 25 अक्टूबर के बीच, लगभग 40 प्रतिशत संभावित मतदाताओं ने बेघर लोगों के अस्थायी डेरे कम करने को प्राथमिकता दी।
लगभग 30 प्रतिशत लोगों ने सार्वजनिक सुरक्षा और सस्ते घरों को बड़ी चिंता बताया।
दैनिक जागरण के मुताबिक, बास पर पैलिसेड्स आग और बढ़ती बेघरी को लेकर आलोचना हुई थी।
लोकमत टाइम्स ने एक सिंडिकेटेड फ़ीड के हवाले से लिखा कि विश्लेषक सतर्क हैं और दौड़ को अब भी कड़ा बता रहे हैं।
सूत्रों में यह नहीं बताया गया कि रमन कब पदभार संभालेंगी।