गुरुवार, 5 नवंबर को भारतीय शेयर बाज़ार तेज़ बढ़त के साथ खुला। कच्चे तेल के दाम घटने और अमेरिका-ईरान बातचीत में प्रगति की उम्मीद से यह तेज़ी आई।
एनालिटिक्स इनसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक निफ्टी 50, 417.45 अंक ऊपर 24,378.05 पर खुला। सेंसेक्स 1,609.54 अंक चढ़कर 78,910.94 पर पहुँच गया।
सुबह के कारोबार में आँकड़े थोड़े अलग थे। एचडीएफसी स्काई की रिपोर्ट में कहा गया कि सुबह 9.33 बजे सेंसेक्स 78,569.43 पर था।
यह 1,268.03 अंक ज़्यादा था।
एक नज़र में
- इस हफ्ते ब्रेंट कच्चा तेल 18 प्रतिशत से ज़्यादा गिरा।
- सस्ते तेल से भारत का आयात बिल और महंगाई घट सकती है।
- रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मज़बूत खुला।
- विदेशी निवेशक 4 नवंबर को शुद्ध खरीदार रहे।
कच्चे तेल के दाम क्यों गिर रहे हैं?
ब्रेंट कच्चा तेल गुरुवार सुबह 94.09 डॉलर प्रति बैरल पर था। यह शुक्रवार के छह महीने के उच्चस्तर 118 डॉलर से लगभग 20 प्रतिशत नीचे है।
यह जानकारी एचडीएफसी स्काई ने दी।
बिज़नेस टुडे के मुताबिक इस हफ्ते ब्रेंट फ्यूचर्स 18 प्रतिशत से ज़्यादा गिरे। भू-राजनीतिक जोखिम की चिंता कम होने से यह गिरावट आई।
अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के नतीजों का भी असर दिखा। डेमोक्रेट्स ने सीनेट और हाउस दोनों पर नियंत्रण पा लिया है।
निवेशकों को उम्मीद है कि इससे अमेरिका पर ईरान के साथ युद्ध खत्म करने का दबाव बढ़ेगा।
तो इसका भारत पर क्या असर होगा?
भारत बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है। तेल सस्ता हो तो आयात बिल घट सकता है। महंगाई का दबाव भी कम हो सकता है।
रुपया डॉलर के मुकाबले 29 पैसे मज़बूत होकर 94.35 पर खुला। सीआर फॉरेक्स एडवाइज़र्स के अमित पबारी ने कहा कि आरबीआई के उपायों का असर दिख रहा है।
कॉरपोरेट फॉरवर्ड डॉलर खरीद अक्टूबर में 35 प्रतिशत गिरकर 49.5 अरब डॉलर रह गई। यह आठ महीने का सबसे निचला स्तर है, पबारी के मुताबिक।
सितंबर और अक्टूबर में भारी बिकवाली के बाद विदेशी निवेशक फिर खरीदार बने हैं। उन्होंने 4 नवंबर को 7,284 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
घरेलू निवेशकों ने 3,712 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
आगे बाज़ार का रुख क्या रह सकता है?
कोटक नियो के श्रीकांत चौहान ने कहा कि छोटी अवधि का नज़रिया सकारात्मक है। लेकिन अस्थायी रूप से ज़्यादा खरीद वाली स्थिति बनी है।
इसलिए ऊँचे स्तरों पर सीमित दायरे में कारोबार हो सकता है।
सेंसेक्स के लिए 78,000 से 77,500 का स्तर अहम समर्थन है। 79,000 पर प्रतिरोध बताया गया है। निफ्टी के लिए 24,300 से 24,400 का स्तर अहम प्रतिरोध है।
दोनों रिपोर्टों में बढ़त की गिनती अलग है। एनालिटिक्स इनसाइट इसे लगातार पाँचवाँ सत्र बताता है।
एचडीएफसी स्काई के मुताबिक सेंसेक्स की बढ़त चार सत्रों में आई।
एनालिटिक्स इनसाइट ने साफ कहा है कि वह वित्तीय सलाह नहीं देता। यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है।