5 नवंबर 2026 देश की खबरें 1 मिनट में। साफ़, जांची-परखी, स्रोत के साथ। 👤 साइन इन मेरी फीड टूल्स English Instagram Facebook X
राजनीति

UGC नियम विवाद: जाति भेदभाव रोकने के नियमों की समीक्षा पर केंद्र का विचार

केंद्र 2026 के UGC समानता नियमों की समीक्षा के लिए समिति बनाने पर विचार कर रहा है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि सामान्य वर्ग के छात्र शिकायत व्यवस्था से बाहर रह जाते हैं। सुनवाई स्थगित कर दी गई है।

Supreme Court of India, inside buildings 01
प्रतीकात्मक फोटो: Supreme Court of India, inside buildings 01. Photo: Pinakpani / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

केंद्र ने गुरुवार, 5 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि वह एक समिति बनाने पर विचार कर रहा है।

Supreme Court of India front view 02
प्रतीकात्मक फोटो: Supreme Court of India front view 02। फोटो: Pinakpani / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

यह समिति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के 2026 के नियमों को फिर से देखेगी। यह जानकारी CNBC-TV18 की रिपोर्ट में दी गई है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सरकार की ओर से अदालत में पेश हुए। सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ कर रही थी।

एक नज़र में

  • केंद्र UGC के 2026 समानता नियमों की समीक्षा के लिए समिति पर विचार कर रहा है।
  • इन नियमों का मकसद उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति भेदभाव रोकना है।
  • याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सामान्य वर्ग के छात्र शिकायत प्रक्रिया से बाहर रह जाते हैं।
  • केंद्र की बात के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी।

ये UGC नियम किस बारे में हैं?

ये नियम पूरे भारत के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए हैं। इन्हें 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित किया गया था।

इनका मुख्य ध्यान अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों पर है।

विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को समान अवसर केंद्र और समता समितियाँ बनानी होंगी।

ये संस्थाएँ भेदभाव रोकने के उपाय लागू करती हैं और शिकायतों की जाँच करती हैं।

इन नियमों पर विवाद क्यों हुआ?

याचिकाकर्ताओं ने इन नियमों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

उनका तर्क है कि कुछ प्रावधान सामान्य वर्ग के छात्रों को शिकायत व्यवस्था से दूर रखते हैं।

अदालत में याचिकाओं का एक समूह सुना जा रहा है। इनमें नियमों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए गए हैं।

इन नियमों का आगे क्या होगा?

मेहता ने अदालत से कहा कि सरकार चाहती है कि हर छात्र सुरक्षित महसूस करे और उसके साथ निष्पक्ष व्यवहार हो।

उन्होंने कहा कि सरकार एक समिति नियुक्त करने पर विचार कर रही है।

केंद्र के समिति वाले प्रस्ताव के बाद सुनवाई स्थगित कर दी गई।

UGC नियम: केंद्र ने समिति बनाने पर विचार किया
  1. 13 जनवरी 2026UGC के भेदभाव-रोधी नियम अधिसूचित हुए, जिनका मुख्य ध्यान SC, ST और OBC छात्रों पर है
  2. गुरुवार, 5 नवंबरकेंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि वह नियमों की समीक्षा के लिए समिति बनाने पर विचार कर रहा है
  3. 5 नवंबर (सुनवाई)केंद्र के समिति वाले प्रस्ताव के बाद सुनवाई स्थगित कर दी गई

ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से

रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि समिति कब बनेगी। तो इसका असर किस पर पड़ेगा?

इन नियमों से तय होता है कि कॉलेजों में जाति से जुड़ी शिकायतें कैसे सुनी जाएँगी। कोई भी बदलाव देश भर के छात्रों को प्रभावित कर सकता है।

एग्ज़ाम कॉर्नर

UPSC जीएस पेपर 2 · राजनीति: उच्च शिक्षा में समानता नियम

क्या है खबर

केंद्र ने 5 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह कॉलेजों में जाति भेदभाव रोकने वाले UGC के 2026 के नियमों की समीक्षा के लिए समिति बनाने पर विचार कर रहा है। अदालत ने सुनवाई स्थगित कर दी।

पृष्ठभूमि

  • UGC के समानता नियम 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित हुए। इनका मकसद कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव रोकना है।
  • इनका मुख्य ध्यान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों पर है।
  • याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कुछ प्रावधान सामान्य वर्ग के छात्रों को शिकायत व्यवस्था से बाहर रखते हैं।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • UGC (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा) विनियम, 2026
  • ये विनियम 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित किए गए
  • विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को समान अवसर केंद्र और समता समितियाँ बनानी होंगी

मेन्स के लिए सामग्री

  1. महत्व: कैंपस में जाति भेदभाव के खिलाफ सुरक्षा
  2. मुख्य मुद्दा: याचिकाओं में नियमों की संवैधानिक वैधता पर सवाल
  3. संतुलन: SC, ST, OBC छात्रों की सुरक्षा और हर छात्र के साथ निष्पक्षता
  4. आगे की राह: समीक्षा समिति और सबके लिए निष्पक्ष शिकायत व्यवस्था

अभ्यास प्रश्न: उच्च शिक्षा में जाति भेदभाव रोकने और सामान्य वर्ग के छात्रों की शिकायत तक समान पहुँच के बीच संतुलन की चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

Q1. UGC (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा) विनियम, 2026 कब अधिसूचित हुए?

  1. 13 जनवरी 2026
  2. 5 नवंबर 2026
  3. 26 जनवरी 2025
  4. 15 अगस्त 2025
उत्तर देखें

उत्तर: A. ये नियम 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित हुए।

Q2. इन नियमों के तहत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को क्या बनाना होगा?

  1. कैंपस में लोक अदालत
  2. समान अवसर केंद्र और समता समितियाँ
  3. सिर्फ एंटी-रैगिंग सेल
  4. हाई कोर्ट की शिकायत पीठ
उत्तर देखें

उत्तर: B. संस्थानों को समान अवसर केंद्र और समता समितियाँ बनानी होंगी।

मुख्य शब्द

  • समता समिति: कॉलेज या विश्वविद्यालय में बनी वह समिति जो भेदभाव की शिकायतों की जाँच करती है।
  • अनुसूचित जातियाँ: संविधान में सूचीबद्ध समुदाय, जिन्हें ऐतिहासिक नुकसान के कारण विशेष संरक्षण मिलता है।
  • सॉलिसिटर जनरल: सरकार का वरिष्ठ विधि अधिकारी, जो सुप्रीम कोर्ट में केंद्र की ओर से पक्ष रखता है।

परीक्षा की तैयारी के लिए और खबरें: UPSC Today

ये बातें इस खबर की रिपोर्ट से ली गई हैं। परीक्षा से पहले NCERT किताबों और PIB जैसे मानक स्रोतों से ज़रूर मिलाएं।


स्रोत

राजनीतिUPSC Todayजीएस पेपर 2

हम कैसे रिपोर्ट करते हैं। News Anek की हर खबर कम से कम दो भरोसेमंद स्रोतों से जांची जाती है, और हम उन स्रोतों के नाम देते हैं। कोई गलती दिखी? contact@newsanek.com पर लिखें, और हमारी सुधार नीति व संपादकीय नीति पढ़ें।