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दुनिया

ईरानी तेल कारोबार पर अमेरिकी प्रतिबंध, भारतीय कारोबारी और नौ संस्थाएँ निशाने पर

अमेरिकी ट्रेज़री ने यह कार्रवाई 4 नवंबर को घोषित की। आरोप है कि एक नेटवर्क ने ईरानी तेल ढोने वाले जहाज़ों को फ़र्ज़ी पंजीकरण दिए।

Treasury Building (2)
प्रतीकात्मक फोटो: Treasury Building (2). Photo: Erich Robert Joli Weber / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0

अमेरिका ने एक भारत-आधारित कारोबारी, उनकी पत्नी और नौ भारतीय संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं।

यह कदम अमेरिकी ट्रेज़री विभाग ने 4 नवंबर को घोषित किया।

अमेरिकी प्रतिबंध: मुख्य तथ्य
नौभारत-आधारित कारोबारी के अलावा निशाने पर संस्थाएँ
4 नवंबरप्रतिबंध की घोषणा की तारीख
2नामित पति-पत्नी

ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से

अमेरिका का आरोप है कि ये लोग एक समुद्री धोखाधड़ी नेटवर्क से जुड़े थे।

आरोप है कि इस नेटवर्क ने ईरान को अंतरराष्ट्रीय रोक के बावजूद तेल ढोने में मदद की।

यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'ऑपरेशन इकॉनॉमिक आउटकास्ट' के तहत हुई है। इसका मकसद ईरान की तेल कमाई और दूसरी आय रोकना बताया गया है।

एक नज़र में

  • अमेरिकी ट्रेज़री ने प्रतिबंधों की घोषणा 4 नवंबर को की।
  • निशाने पर एक कारोबारी, उनकी पत्नी और नौ भारतीय संस्थाएँ हैं।
  • आरोप है कि ईरानी तेल वाले जहाज़ों को नकली पंजीकरण दिए गए।
  • एस्वातिनी के अधिकारियों ने इस मामले की एक कंपनी से किसी संबंध से इनकार किया है।

तो आरोप किस तरह के हैं?

ट्रेज़री ने सुनिएल कुमार शर्मा और उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति शाहिद का नाम लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक शर्मा चंडीगढ़ से काम करते हैं।

अमेरिका का कहना है कि इस जोड़े ने जहाज़ों को नकली पंजीकरण, झंडे और समुद्री प्रमाणपत्र दिए। ये जहाज़ ईरानी पेट्रोलियम ढो रहे थे।

आरोप है कि नेटवर्क ने कई देशों की समुद्री संस्थाओं के रूप में खुद को पेश किया। उन देशों ने इसे अधिकार नहीं दिया था।

यह जानकारी दैजीवर्ल्ड की रिपोर्ट में दी गई है।

तो यह भारत के लोगों के लिए क्यों मायने रखता है?

इस मामले में भारतीय कंपनियों और एक भारत-आधारित कारोबारी का नाम आया है। इसलिए भारत में इस पर ध्यान जा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक शर्मा ऑशनीक टेक्नोलॉजीज़ इंडिया के प्रबंध निदेशक हैं। अमेरिका इस कंपनी पर नकली शिप रजिस्ट्री बनाने का आरोप लगाता है।

यह घोषणा अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के एक दिन बाद आई, जिनमें डेमोक्रेट्स को बड़ी बढ़त मिली। ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर दबाव जारी रखने की बात कही है।

इस मामले में आगे क्या होगा?

रिपोर्ट यह नहीं बताती कि भारत में ये प्रतिबंध कैसे लागू होंगे। यह भी साफ़ नहीं है कि नामित लोगों ने कोई जवाब दिया है या नहीं।

एस्वातिनी के अधिकारियों ने एक कंपनी से किसी भी संबंध से सार्वजनिक रूप से इनकार किया है।

फिर भी अमेरिका का कहना है कि वह कंपनी ईरानी तेल जहाज़ों को सेवाएँ देती रही।

एग्ज़ाम कॉर्नर

UPSC जीएस पेपर 2 · अंतरराष्ट्रीय संबंध: अमेरिकी प्रतिबंध

क्या है खबर

अमेरिकी ट्रेज़री ने 4 नवंबर को चंडीगढ़ के एक कारोबारी, उनकी पत्नी और नौ भारतीय संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए। आरोप है कि इन्होंने ईरानी तेल ढोने वाले जहाज़ों को नकली पंजीकरण दिए।

पृष्ठभूमि

  • यह कार्रवाई 'ऑपरेशन इकॉनॉमिक आउटकास्ट' के तहत हुई, जिसका मकसद ईरान की तेल कमाई रोकना है।
  • अमेरिका का कहना है कि नेटवर्क ने बिना अधिकार कई देशों की समुद्री संस्थाओं के रूप में खुद को पेश किया।
  • एस्वातिनी के अधिकारियों ने इस मामले की एक कंपनी से किसी संबंध से इनकार किया है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • ऑपरेशन इकॉनॉमिक आउटकास्ट अमेरिका की वह कार्रवाई है जिसका मकसद ईरान की तेल कमाई रोकना है
  • अमेरिकी ट्रेज़री ने प्रतिबंधों की घोषणा 4 नवंबर को की
  • एस्वातिनी मैरीटाइम अफेयर्स एंड इंटरनेशनल शिप रजिस्ट्री सिंगापुर-आधारित कंपनी है

मेन्स के लिए सामग्री

  1. महत्व: अमेरिकी प्रतिबंधों में भारतीय कंपनियों और एक भारत-आधारित कारोबारी का नाम
  2. मुख्य मुद्दा: प्रतिबंधित तेल ढोने के लिए शिप रजिस्ट्री और झंडों का दुरुपयोग
  3. चुनौतियाँ: विदेशी एकतरफ़ा प्रतिबंधों से भारतीय कंपनियों पर जोखिम
  4. आगे की राह: मज़बूत अनुपालन जाँच और पारदर्शी समुद्री पंजीकरण

अभ्यास प्रश्न: एकतरफ़ा आर्थिक प्रतिबंधों का भारत की विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा पर प्रभाव चर्चा कीजिए।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

Q1. 4 नवंबर को प्रतिबंधों की घोषणा किस अमेरिकी विभाग ने की?

  1. ट्रेज़री विभाग
  2. विदेश विभाग
  3. वाणिज्य विभाग
  4. रक्षा विभाग
उत्तर देखें

उत्तर: A. यह घोषणा अमेरिकी ट्रेज़री विभाग ने की।

Q2. ये प्रतिबंध ईरान की कमाई रोकने वाले किस अमेरिकी अभियान के तहत हैं?

  1. ऑपरेशन एनर्जी शील्ड
  2. ऑपरेशन मैक्सिमम प्रेशर
  3. ऑपरेशन इकॉनॉमिक आउटकास्ट
  4. ऑपरेशन ओशन वॉच
उत्तर देखें

उत्तर: C. यह कार्रवाई 'ऑपरेशन इकॉनॉमिक आउटकास्ट' का हिस्सा है।

मुख्य शब्द

  • शैडो फ्लीट: ऐसे जहाज़ जो अंतरराष्ट्रीय रोक से बचने के लिए अपना असली मालिक या झंडा छिपाते हैं।
  • शिप रजिस्ट्री: वह आधिकारिक सूची जिसमें जहाज़ दर्ज होता है और उसे राष्ट्रीय झंडा मिलता है।
  • प्रतिबंध: सरकार द्वारा लगाई जाने वाली व्यापार सीमाएँ या संपत्ति पर रोक।

परीक्षा की तैयारी के लिए और खबरें: UPSC Today

ये बातें इस खबर की रिपोर्ट से ली गई हैं। परीक्षा से पहले NCERT किताबों और PIB जैसे मानक स्रोतों से ज़रूर मिलाएं।


स्रोत

दुनियाUPSC Todayजीएस पेपर 2

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