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महाराष्ट्र का लक्ष्य 2030 तक 30% इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकरण

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य चार्जिंग केंद्र और बैटरी रीसाइक्लिंग सुविधाएं बढ़ा रहा है। पुणे जिले में मर्सिडीज-बेंज का चाकन प्लांट इस योजना का अहम हिस्सा है।

Delhi India Government
प्रतीकात्मक फोटो: Delhi India Government. Photo: Laurie Jones aka ljonesimages on Flickr / Wikimedia Commons, CC BY-SA 2.0

महाराष्ट्र चाहता है कि 2030 तक नए वाहन पंजीकरण में 30 प्रतिशत वाहन इलेक्ट्रिक हों।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत यह लक्ष्य बताया।

यह बात मर्सिडीज-बेंज की नई GLC Electric के लॉन्च के मौके पर कही गई। यह कार्यक्रम बुधवार को पुणे जिले में कंपनी के चाकन प्लांट में हुआ।

यह जानकारी PSU Watch की रिपोर्ट में दी गई है। CNBCTV18 ने भी लगभग यही जानकारी दी है।

एक नज़र में

  • महाराष्ट्र का लक्ष्य 2030 तक नए पंजीकरण में 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक हिस्सेदारी है।
  • राज्य हाईवे पर फास्ट-चार्जिंग केंद्र और ग्रीन मोबिलिटी कॉरिडोर बना रहा है।
  • पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ प्रमुख ऑटोमोबाइल विनिर्माण केंद्र हैं।
  • मर्सिडीज-बेंज ने महाराष्ट्र में लगभग 3,200 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

राज्य क्या योजना बना रहा है?

सरकार प्रमुख हाईवे पर फास्ट-चार्जिंग केंद्र जोड़ रही है।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग पर सतत गतिशीलता कॉरिडोर भी बनाए जा रहे हैं।

राज्य बैटरी रीसाइक्लिंग सुविधाओं को भी बढ़ावा दे रहा है। इन कदमों से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

फडणवीस के मुताबिक, राज्य अब केवल कार बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहता।

उन्होंने बैटरी तकनीक, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर का नाम लिया।

इसका रोज़गार और उद्योग पर क्या असर होगा?

फडणवीस ने कहा कि भारत के कुल ऑटोमोबाइल उत्पादन में महाराष्ट्र का योगदान 20 प्रतिशत से ज़्यादा है। इस काम में पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ सबसे आगे हैं।

उन्होंने बताया कि मर्सिडीज-बेंज के चाकन प्लांट में लगभग 1,200 लोगों को सीधा रोज़गार मिला है।

इसके आपूर्तिकर्ता और सेवा नेटवर्क से 18,000 और लोगों को काम मिलता है।

राज्य अब 'मेक इन महाराष्ट्र' से 'इनोवेट इन महाराष्ट्र' की ओर बढ़ रहा है। इसका मतलब है कि फैक्ट्री के साथ इंजीनियरिंग और शोध पर भी ज़्यादा ध्यान।

राज्य ने मर्सिडीज-बेंज से क्या मांगा?

फडणवीस ने कंपनी से चाकन प्लांट का इस्तेमाल सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि एशिया और दुनिया के बाज़ारों के लिए करने को कहा।

उन्होंने बैटरी, सॉफ्टवेयर और गतिशीलता शोध के लिए महाराष्ट्र पर विचार करने का न्योता भी दिया।

उन्होंने बताया कि GLC Electric के अनावरण के 36 घंटे के भीतर लगभग 650 संभावित ग्राहकों ने रुचि दिखाई।

महाराष्ट्र के इलेक्ट्रिक वाहन लक्ष्य के मुख्य आँकड़े
30%2030 तक इलेक्ट्रिक वाहन लक्ष्य
1,200 लोगचाकन प्लांट में सीधा रोज़गार
18,000 लोगआपूर्ति और सेवा नेटवर्क में रोज़गार
650 ग्राहकGLC Electric में रुचि

ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से

उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार भी इस कार्यक्रम में मौजूद थीं।

फडणवीस ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, पुरंदर में प्रस्तावित हवाई अड्डे और पालघर के वाढवण बंदरगाह का भी ज़िक्र किया।

उनके अनुसार इन परियोजनाओं से वैश्विक बाज़ारों से संपर्क मज़बूत होगा।

एग्ज़ाम कॉर्नर

UPSC जीएस पेपर 3 · पर्यावरण: ईवी नीति और गतिशीलता

क्या है खबर

महाराष्ट्र चाहता है कि 2030 तक नए वाहन पंजीकरण में 30 प्रतिशत वाहन इलेक्ट्रिक हों। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह बात पुणे जिले के चाकन प्लांट में मर्सिडीज-बेंज GLC Electric के लॉन्च पर कही।

पृष्ठभूमि

  • भारत के कुल ऑटोमोबाइल उत्पादन में महाराष्ट्र का योगदान 20 प्रतिशत से ज़्यादा है। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ इसके मुख्य केंद्र हैं।
  • ईवी नीति के तहत राज्य हाईवे पर फास्ट-चार्जिंग केंद्र और सतत गतिशीलता कॉरिडोर बना रहा है।
  • राज्य 'मेक इन महाराष्ट्र' से 'इनोवेट इन महाराष्ट्र' की ओर बढ़ना चाहता है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • महाराष्ट्र का लक्ष्य 2030 तक नए पंजीकरण में 30 प्रतिशत ईवी हिस्सेदारी है
  • महाराष्ट्र भारत के कुल ऑटोमोबाइल उत्पादन में 20 प्रतिशत से ज़्यादा योगदान देता है
  • समृद्धि महामार्ग मुंबई और नागपुर को जोड़ता है

मेन्स के लिए सामग्री

  1. महत्व: स्वच्छ परिवहन और बैटरी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो सॉफ्टवेयर जैसे नए उद्योग
  2. राज्यों की भूमिका: लक्ष्य तय करना, हाईवे पर चार्जिंग केंद्र और गतिशीलता कॉरिडोर
  3. चुनौतियाँ: चार्जिंग की पहुँच, बैटरी रीसाइक्लिंग, स्थानीय शोध और कौशल
  4. आगे की राह: समन्वित बुनियादी ढांचा, कौशल और शोध

अभ्यास प्रश्न: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की चुनौतियों और अवसरों की चर्चा कीजिए। इस बदलाव में राज्य सरकारों की भूमिका की जाँच कीजिए।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

Q1. महाराष्ट्र 2030 तक नए वाहन पंजीकरण में कितनी हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों की चाहता है?

  1. 20 प्रतिशत
  2. 25 प्रतिशत
  3. 30 प्रतिशत
  4. 50 प्रतिशत
उत्तर देखें

उत्तर: C. मुख्यमंत्री फडणवीस ने 2030 तक 30 प्रतिशत का लक्ष्य बताया।

Q2. समृद्धि महामार्ग किन दो शहरों को जोड़ता है?

  1. मुंबई और पुणे
  2. मुंबई और नागपुर
  3. पुणे और नासिक
  4. नागपुर और हैदराबाद
उत्तर देखें

उत्तर: B. मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग इस योजना के गतिशीलता कॉरिडोर में शामिल है।

मुख्य शब्द

  • इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति: इलेक्ट्रिक वाहनों के लक्ष्य और समर्थन वाली सरकारी योजना।
  • बैटरी रीसाइक्लिंग: पुरानी बैटरियों को इकट्ठा कर उनसे उपयोगी सामग्री वापस निकालना।
  • फास्ट-चार्जिंग ढांचा: वे चार्जिंग केंद्र जो ईवी की बैटरी जल्दी भरते हैं।

परीक्षा की तैयारी के लिए और खबरें: UPSC Today

ये बातें इस खबर की रिपोर्ट से ली गई हैं। परीक्षा से पहले NCERT किताबों और PIB जैसे मानक स्रोतों से ज़रूर मिलाएं।


स्रोत