अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 99 दावों के निपटारे के लिए 23.16 लाख रुपये की मंज़ूरी दी है। श्री विजया पुरम में 2 नवंबर को हुई बोर्ड की 34वीं बैठक में यह फ़ैसला लिया गया। द थे वेव अंडमान की रिपोर्ट के मुताबिक, यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए दी जाएगी।
एक नज़र में
- बोर्ड ने 99 दावों के लिए कुल 23.16 लाख रुपये मंज़ूर किए।
- दावे पेंशन, मातृत्व, चिकित्सा और मृत्यु सहायता योजनाओं के हैं।
- भुगतान DBT के माध्यम से किया जाएगा।
- बैठक की अध्यक्षता बोर्ड की चेयरमैन और श्रम एवं रोज़गार सचिव वंदना राव ने की।
बैठक में क्या हुआ
बोर्ड की यह बैठक श्रम आयुक्त कार्यालय के कॉन्फ़्रेंस हॉल में हुई। इसमें केंद्र सरकार के नामित प्रतिनिधि, अंडमान और निकोबार प्रशासन के प्रतिनिधि, नियोक्ता और ट्रेड यूनियनों के सदस्य शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, पंजीकृत श्रमिकों को कल्याण लाभ देने से जुड़े एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा के बाद बोर्ड ने सर्वसम्मति से इन दावों के निपटारे को मंज़ूरी दी।
चर्चा के दौरान वंदना राव ने कहा कि पात्र लाभार्थियों तक कल्याणकारी सहायता प्रभावी ढंग से और बिना देरी के पहुँचनी चाहिए। मंज़ूर की गई राशि को DBT से भेजने का फ़ैसला इसलिए लिया गया है कि भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी और कुशल रहे।
किन योजनाओं के तहत मिलेगी मदद
मंज़ूर राशि चार तरह की सामाजिक सुरक्षा सहायता के दावों को कवर करेगी। ये हैं पेंशन लाभ, मातृत्व लाभ, चिकित्सा सहायता और मृत्यु सहायता। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि किस योजना के तहत कितने दावे हैं या प्रति दावा कितनी राशि दी जाएगी।
बोर्ड के बारे में
यह बोर्ड 2009 में बना था। इसका काम पंजीकृत भवन और निर्माण श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और कल्याण सहायता उपलब्ध कराना है। फ़िलहाल बोर्ड पंजीकृत लाभार्थियों के लिए नौ कल्याण योजनाएँ चला रहा है।
निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए ऐसी योजनाएँ इलाज, बच्चे के जन्म, बुढ़ापे और परिवार में मृत्यु जैसे मौकों पर आर्थिक सहारा देती हैं। इन 99 दावों की मंज़ूरी इन योजनाओं के तहत ताज़ा स्वीकृति है। स्रोत में भुगतान की तारीख़ का ज़िक्र नहीं है।