केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के चंडीगढ़ दौरे के बाद चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। खास खबर की रिपोर्ट के मुताबिक, लक्की का कहना है कि शहर के लोग लंबे समय से अपने हक के लिए इंतजार कर रहे हैं, लेकिन दौरे के बाद भी उन्हें कोई वास्तविक राहत नहीं मिली।
एक नज़र में
- कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने अमित शाह के दौरे को लेकर निराशा जताई।
- कॉलोनियों में मालिकाना हक सिर्फ ओरिजिनल अलॉटी को देने की चर्चा पर सवाल उठाया गया।
- गांवों में लाल डोरे के बाहर बने 30 हजार से अधिक मकानों और दुकानों के नियमितीकरण की मांग उठी।
- हाउसिंग बोर्ड के परिवारों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम की मांग की गई।
कॉलोनियों के मालिकाना हक पर सवाल
लक्की ने कहा कि चंडीगढ़ केंद्र सरकार के सीधे नियंत्रण में है। इसलिए गृह मंत्री से उम्मीद थी कि वे शहर की पुरानी समस्याओं पर ठोस और समयबद्ध फैसला लेकर जाते। उनके मुताबिक कांग्रेस कॉलोनीवासियों को मालिकाना हक दिलाने के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष कर रही है। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी यह मुद्दा संसद में कई बार उठा चुके हैं।
लक्की ने कहा कि अब सुनने में आ रहा है कि मालिकाना हक केवल ओरिजिनल अलॉटी को मिलेगा। उनका दावा है कि कॉलोनियों में 90 प्रतिशत से अधिक मकान मूल आवंटी बेच चुके हैं और करीब 10 प्रतिशत ही वहां रह गए हैं। ऐसे में बाकी परिवारों का क्या होगा, यह सवाल उन्होंने उठाया। उनका कहना है कि पावर ऑफ अटॉर्नी या अन्य वैध दस्तावेजों पर रह रहे परिवारों को छोड़ा गया तो नए विवाद खड़े हो सकते हैं।
गांवों और हाउसिंग बोर्ड के मुद्दे
गांवों के बारे में लक्की ने कहा कि 30 हजार से अधिक मकान और दुकानें लाल डोरे के बाहर बनी हैं और इन्हें नियमित करने की मांग वर्षों से लंबित है। उन्होंने नगर निगम के जरिए पानी के कनेक्शन देने और लैंड पूलिंग स्कीम लागू करने पर भी फैसला न होने का सवाल उठाया। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार को गांवों की याद केवल चुनाव के समय आती है।
हाउसिंग बोर्ड के मकानों में रहने वाले परिवारों के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें बार-बार नोटिस भेजे जा रहे हैं। उनके अनुसार गृह मंत्री को इन परिवारों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम की घोषणा करनी चाहिए थी। उन्होंने मकानों में हुए बदलावों और दूसरे लंबित मामलों का स्थायी समाधान निकालने की मांग भी की।
इंडस्ट्री की मांगें और आगे
लक्की ने औद्योगिक क्षेत्र का मुद्दा भी उठाया। उनके मुताबिक इंडस्ट्री के लोग लंबे समय से एफएआर (FAR) बढ़ाने और लीजहोल्ड प्रॉपर्टी को फ्रीहोल्ड करने की मांग कर रहे हैं। उपलब्ध खबर के हिस्से में इसके आगे का बयान नहीं है। खबर की शुरुआती पंक्तियों में शेयरवाइज रजिस्ट्री और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों का भी जिक्र है, जिन पर गृह मंत्री की चुप्पी को कांग्रेस ने निराशाजनक बताया।
ये बयान कांग्रेस अध्यक्ष के हैं और राजनीतिक आरोपों के रूप में सामने आए हैं। रिपोर्ट में इन मुद्दों पर केंद्र सरकार या गृह मंत्रालय की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है।