तमिलनाडु मैरीटाइम बोर्ड ने चेन्नई पोर्ट, मामल्लपुरम और पुडुचेरी को जोड़ने वाले 80 नॉटिकल मील लंबे तटीय रूट पर फेरी सेवा चलाने के लिए निजी ऑपरेटरों को आमंत्रित किया है। Swarajya की रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड ने सोमवार (2 नवंबर) को इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट यानी रुचि पत्र जारी किए।
एक नज़र में
- रूट चेन्नई पोर्ट, मामल्लपुरम और पुडुचेरी को जोड़ेगा, कुल दूरी करीब 80 नॉटिकल मील।
- बोर्ड ने 2 नवंबर को रुचि पत्र जारी किए, 16 नवंबर को प्री-बिड बैठक होगी।
- चेन्नई पोर्ट के क्रूज़ टर्मिनल की क्षमता करीब 800 यात्री प्रति घंटे है।
- पुडुचेरी पोर्ट में 150 मीटर का बर्थ है, जहां 2 मीटर तक ड्राफ्ट वाले जहाज आ सकते हैं।
प्री-बिड बैठक में क्या होगा
रिपोर्ट के अनुसार, 16 नवंबर को होने वाली प्री-बिड कंसल्टेशन मीटिंग में तकनीकी हितधारक और इच्छुक ऑपरेटर शामिल होंगे। इसमें रूट की दिशा और रास्ते, जेटी पर पानी की गहराई और पर्यावरण से जुड़ी सुरक्षा मंज़ूरियों की समीक्षा की जाएगी। यानी परियोजना आगे बढ़ाने से पहले ज़मीनी और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा होगी।
सरकार की योजना की पृष्ठभूमि
PWD, हाईवे और माइनर पोर्ट मंत्री आदव अर्जुन ने इससे पहले विधानसभा में बताया था कि सरकार चेन्नई और पुडुचेरी के बीच फेरी सेवा की संभावना तलाशना चाहती है। यह सेवा यूनेस्को विश्व धरोहर शहर मामल्लपुरम होते हुए चलाने की बात कही गई थी।
प्रस्ताव का मकसद कोरोमंडल तट की पर्यटन संभावनाओं का बेहतर उपयोग करना है। साथ ही ईस्ट कोस्ट रोड पर गाड़ियों की भीड़ कम करने की भी उम्मीद जताई गई है।
मौजूदा बंदरगाह सुविधाएं
रिपोर्ट में बताया गया है कि चेन्नई पोर्ट पर पहले से एक क्रूज़ पैसेंजर टर्मिनल मौजूद है, जो करीब 800 यात्री प्रति घंटे संभाल सकता है। वहीं पुडुचेरी पोर्ट में 150 मीटर लंबा बर्थ है, जिस पर 2 मीटर तक ड्राफ्ट वाले जहाज खड़े हो सकते हैं। जेटी पर पानी की गहराई की समीक्षा इसलिए अहम मानी जा रही है कि फेरी के आकार और संचालन पर इसका असर पड़ सकता है।
यात्रियों के लिए क्यों अहम
चेन्नई से पुडुचेरी के बीच ज़्यादातर लोग सड़क से सफर करते हैं और पर्यटन के मौसम में ईस्ट कोस्ट रोड पर भीड़ रहती है। अगर समुद्री रास्ते से फेरी शुरू होती है तो यात्रियों और पर्यटकों को एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है। हालांकि अभी प्रक्रिया शुरुआती चरण में है। किराया, ऑपरेटर का चयन और सेवा शुरू होने की तारीख जैसी जानकारी स्रोत में नहीं दी गई है। आगे की स्थिति प्री-बिड बैठक और ऑपरेटरों की रुचि पर निर्भर करेगी।