तमिलनाडु सरकार ने आने वाले दीपावली त्योहार से पहले राज्य की सहकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों के श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए बोनस की घोषणा की है। यह बोनस और अतिरिक्त भुगतान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए है। डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि चीनी मिल कर्मचारी त्योहार खुशी से मना सकें।
एक नज़र में
- तमिलनाडु की 16 सहकारी और 2 सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों के कर्मचारियों को बोनस मिलेगा।
- सुब्रमणिया शिवा और कल्लाकुरिची-II सहकारी मिलों के कर्मचारियों को अधिकतम 20 प्रतिशत तक बोनस दिया जाएगा।
- बाकी 14 सहकारी और 2 सार्वजनिक क्षेत्र की मिलों के कर्मचारियों को कुल 10 प्रतिशत बोनस मिलेगा।
- करीब 5,190 कर्मचारियों को लाभ होगा और सरकार कुल 351.40 लाख रुपये खर्च करेगी।
किन मिलों को कितना बोनस
रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में इस समय 16 सहकारी और 2 सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलें चल रही हैं। इनमें से दो सहकारी मिलों, सुब्रमणिया शिवा और कल्लाकुरिची-II, के कर्मचारियों को अधिकतम 20 प्रतिशत तक बोनस मिलेगा। इन दोनों मिलों के पास पर्याप्त अतिरिक्त निधि है, इसलिए उनके लिए यह अधिक दर तय की गई है।
बाकी 14 सहकारी मिलों और 2 सार्वजनिक क्षेत्र की मिलों के कर्मचारियों को कुल 10 प्रतिशत बोनस दिया जाएगा। इसमें 8.33 प्रतिशत वैधानिक बोनस है और 1.67 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान।
कितने कर्मचारियों को फायदा और कितना खर्च
सरकार के इस फैसले से सभी 18 चीनी मिलों के लगभग 5,190 श्रमिकों और कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। बोनस और अतिरिक्त भुगतान पर सरकार कुल 351.40 लाख रुपये खर्च करेगी। यह रकम करीब 3.51 करोड़ रुपये बैठती है।
क्यों अहम है यह फैसला
त्योहार से पहले बोनस मिलने से मिल कर्मचारियों के परिवारों को खर्च में मदद मिलती है। चीनी मिलों में काम करने वाले कर्मचारी गन्ना पेराई और चीनी उत्पादन की पूरी प्रक्रिया से जुड़े होते हैं। ऐसे में यह घोषणा उनके लिए राहत की खबर मानी जा सकती है।
स्रोत रिपोर्ट में भुगतान की तारीख या वितरण की प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। इस बारे में आगे सरकार की ओर से जानकारी आने पर स्थिति साफ होगी।