सदौ असम कर्मचारी परिषद (SAKP) ने असम सरकार से 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी जारी करने की मांग की है। संगठन चाहता है कि अब तक जमा सारा बकाया भी दिवाली से पहले एक ही किस्त में दिया जाए। India Today NE की रिपोर्ट के मुताबिक, परिषद ने इसके लिए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को ज्ञापन सौंपा है।
एक नज़र में
- SAKP ने 1 जुलाई 2026 से प्रभावी DA बढ़ोतरी और पूरा बकाया दिवाली से पहले एकमुश्त देने की मांग की है।
- ज्ञापन पर परिषद के अध्यक्ष कुमुद कुमार कटकी और महासचिव प्रणबज्योति भुइयां के हस्ताक्षर हैं।
- परिषद ने केंद्र सरकार की मंजूरी का हवाला देकर राज्य के कर्मचारियों के लिए भी समान राहत मांगी है।
- राज्य सरकार की ओर से अभी कोई जवाब नहीं आया है।
ज्ञापन में क्या कहा गया
परिषद ने मुख्यमंत्री से इस मामले में दखल देने और जल्द कदम उठाने का अनुरोध किया है। ज्ञापन में कहा गया है कि मुख्यमंत्री वित्त विभाग को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दें।
संगठन ने बताया कि केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के लिए जुलाई 2026 की DA बढ़ोतरी को मंजूरी दे चुकी है। इसी आधार पर परिषद ने असम सरकार के कर्मचारियों, शिक्षकों, अधिकारियों और पेंशनभोगियों के लिए भी वैसी ही राहत मांगी है।
दिवाली से पहले भुगतान क्यों मांगा गया
ज्ञापन के मुताबिक, अगर बढ़ा हुआ DA और लंबित बकाया दिवाली से पहले मिल जाए, तो कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आर्थिक राहत मिलेगी। साथ ही त्योहारों के मौसम में घरेलू खर्च बढ़ाने में भी मदद होगी।
परिषद ने यह भी माना कि राज्य भर में प्रशासनिक और विकास से जुड़ी योजनाओं को लागू करने में सरकारी कर्मचारियों की अहम भूमिका है। साथ ही उसने कहा कि उनकी लंबित आर्थिक मांगों पर ध्यान देना जरूरी है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए क्या मायने
राज्य सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि DA बढ़ने से मासिक वेतन और पेंशन पर सीधा असर पड़ता है। बकाया एकमुश्त मिलने की मांग पूरी होती है, तो पिछली अवधि की रकम एक साथ हाथ में आएगी।
गुवाहाटी में मीडिया से बात करते हुए वरिष्ठ सरकारी कर्मचारी शैलेंद्र पांडे ने कहा कि कर्मचारी संगठन और राज्य सरकार के बीच सकारात्मक बातचीत कर्मचारियों की चिंताएं सुलझाने के लिए जरूरी है।
आगे क्या
रिपोर्ट के अनुसार, ज्ञापन पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का अभी इंतजार है। लंबित DA और बकाया जारी करने की समयसीमा भी अब तक साफ नहीं है।