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भूटान में ग्लेशियर झील फटी, पश्चिम बंगाल और असम के लिए बाढ़ की चेतावनी

भूटान की शिनताफू झील से अचानक पानी छूटने के बाद भारत ने उत्तर बंगाल और असम के कुछ इलाकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।

भूटान में ग्लेशियर झील फटी, पश्चिम बंगाल और असम के लिए बाढ़ की चेतावनी
प्रतीकात्मक फोटो। फोटो: Joydeep / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0

भूटान की शिनताफू (Shintaphu) ग्लेशियर झील में अचानक पानी छूटने की घटना के बाद भारत सरकार ने पश्चिम बंगाल और असम के कुछ हिस्सों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। WION की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना गुरुवार, 29 अक्टूबर की शाम सामने आई। चेतावनी दी गई है कि संकोश नदी में जलस्तर तेज़ी से बढ़ सकता है।

एक नज़र में

  • भूटान के गासा ज़िले की शिनताफू झील में glacial lake outburst flood (GLOF) की सूचना मिली।
  • अलीपुरद्वार (पश्चिम बंगाल) और धुबरी (असम) में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका जताई गई।
  • एडवाइजरी के मुताबिक बाढ़ का पानी 6 से 8 घंटे में भारत-भूटान सीमा तक पहुंच सकता था।
  • कूचबिहार के तूफानगंज और बक्सीरहाट में NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं।

क्या हुआ और कहां

रिपोर्ट के अनुसार शिनताफू झील भूटान के गासा ज़िले में लाया गेवोग के लुंगो इलाके में, वाकिला पर्वत के नीचे है। घटना के बाद नदी किनारे रहने वालों को सतर्क करने के लिए सायरन बजाए गए। प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की भी खबर है।

शिनताफू झील भूटान की 17 संभावित खतरनाक ग्लेशियर झीलों में से एक है। नेशनल सेंटर फॉर हाइड्रोलॉजी एंड मेटेरोलॉजी (NCHM) के एक अधिकारी ने बताया कि तकत्सिमाखांग में जलस्तर मापने का स्टेशन है, लेकिन शुरुआती सूचनाओं के समय वहां कोई अलर्ट नहीं बजा था। झील से कितना पानी निकला और आगे नीचे के इलाकों पर इसका कितना असर होगा, यह उस समय साफ नहीं था।

GLOF क्या होता है और भारत पर असर क्यों

GLOF तब होता है जब ग्लेशियर पिघलने से बनी झील में जमा पानी अचानक छूट जाता है। अक्सर ऐसा तब होता है जब झील को रोके रखने वाली प्राकृतिक दीवार टूट जाती है। इसके बाद पानी पहाड़ी घाटियों में तेज़ी से बहता है और मलबा, बस्तियां, सड़कें, पुल और खेतों को नुकसान पहुंचा सकता है।

शिनताफू झील भूटान में पुनात्संगछू नदी के बेसिन में है। यही नदी भारत में आकर संकोश कहलाती है। इसलिए ऊपरी इलाके में अचानक पानी छूटने से निचले इलाकों के समुदायों के लिए खतरा बन सकता है। भारत की चेतावनी में कहा गया है कि पुनात्संगछू के ऊपरी हिस्से में आई flash flood से अलीपुरद्वार और धुबरी में जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

प्रशासन और नेताओं की अपील

असम के धुबरी के अलावा उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग की पहाड़ियों, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और कूचबिहार ज़िलों में भी अलर्ट जारी किया गया है। दोनों ज़िलों के अधिकारियों से स्थिति पर करीबी नज़र रखने और ज़रूरी एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है। कूचबिहार में असम सीमा के पास संकोश नदी के किनारे लोगों को संभावित खतरे के बारे में बताया जा रहा है।

दार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिस्टा ने X पर पोस्ट कर नदी किनारे रहने वालों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया। उन्होंने लिखा कि झील का पानी मोफू नदी से होकर संकोश की ओर बह रहा है, इसलिए संकोश और उससे जुड़ी सहायक नदियों के जलग्रहण क्षेत्र में रहने वाले लोग तुरंत सुरक्षित दूरी पर चले जाएं। रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल के वन मंत्री और कुमारग्राम के विधायक मनोज कुमार उरांव ने भी संकोश किनारे रहने वाले निवासियों से अपील की।


स्रोत

देशपश्चिम बंगाल

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