मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने 3 नवंबर को राज्य के गृह विभाग से अपील की कि वह म्यांमार से आए अवैध प्रवासियों के बायोमेट्रिक पंजीकरण की ताज़ा जानकारी नियमित रूप से साझा करे। इंडिया टुडे एनई की रिपोर्ट के मुताबिक, उनका यह बयान मिज़ोरम सरकार की कथित घोषणा के एक दिन बाद आया। मिज़ोरम ने कहा था कि राज्य में शरण लेने वाले म्यांमार के शरणार्थियों का बायोमेट्रिक पंजीकरण अब अंतिम चरण में है।
एक नज़र में
- एन बिरेन सिंह ने 3 नवंबर को मणिपुर गृह विभाग से बायोमेट्रिक पंजीकरण के ताज़ा आंकड़े साझा करने को कहा।
- एक दिन पहले मिज़ोरम सरकार ने कथित तौर पर कहा कि म्यांमार शरणार्थियों का बायोमेट्रिक पंजीकरण अंतिम चरण में है।
- सिंह के अनुसार यह मुद्दा राजनीति का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा की रक्षा का है।
- अगस्त में मणिपुर विधानसभा को बताया गया था कि अब तक 24,475 अवैध प्रवासी पकड़े गए हैं।
सिंह ने क्या कहा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए एक पोस्ट में बिरेन सिंह ने कहा कि यह विषय राजनीति से जुड़ा नहीं है। उनके मुताबिक यह राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा की सुरक्षा और राज्य के लोगों के भविष्य की रक्षा से जुड़ा मामला है।
उन्होंने मिज़ोरम के उन कदमों का ज़िक्र किया, जो वहां म्यांमार से आने वालों पर नज़र रखने के लिए उठाए जा रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि मणिपुर के गृह विभाग को भी इकट्ठा किए गए बायोमेट्रिक डेटा का ताज़ा ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए। इसमें यह भी बताया जाए कि कितने लोगों की पहचान हुई और कितनों का सत्यापन किया गया।
पारदर्शिता पर ज़ोर
सिंह का कहना है कि ऐसी जानकारी नियमित रूप से सामने आने से जनता का भरोसा मजबूत होगा। साथ ही इससे यह संदेश भी जाएगा कि सरकार राज्य की सुरक्षा और यहां के मूल समुदायों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
अब तक के आंकड़े
रिपोर्ट में याद दिलाया गया है कि अगस्त में मणिपुर के गृह मंत्री कोन्थौजम गोविंददास ने राज्य विधानसभा को जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि म्यांमार से आए 24,475 अवैध प्रवासियों की पहचान अब तक मणिपुर में की जा चुकी है। सिंह की ताज़ा मांग इसी प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति सामने रखने से जुड़ी है।
रिपोर्ट में इस मांग पर मणिपुर सरकार या गृह विभाग की ओर से किसी प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।