छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को कांग्रेस पर पलटवार किया। कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बस्तर के लिए मुआवज़े को लेकर सवाल पूछे थे। Asianet Newsable की रिपोर्ट के मुताबिक, साय ने पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस को ऐसे सवाल पूछने का कोई हक नहीं है। उन्होंने पिछली राज्य सरकार पर नक्सलवाद से लड़ने में नाकाम रहने का आरोप लगाया।
एक नज़र में
- साय ने कहा कि कांग्रेस को बस्तर के मुआवज़े पर सवाल पूछने का अधिकार नहीं है।
- उनका आरोप है कि तत्कालीन सरकार के असहयोगी रवैये से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद सबसे ज़्यादा जमा रहा।
- अमित शाह ने 21 अक्टूबर को कहा था कि 31 मार्च 2026 को देश नक्सलवाद से मुक्त हो गया।
- साय ने राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन एनर्जी निवेश की संभावनाओं पर भी बात की।
नक्सलवाद पर साय का बयान
मुख्यमंत्री साय ने कहा, "उन्हें ऐसे सवाल पूछने का कोई अधिकार नहीं है।" उनके मुताबिक पिछली सरकार ने नक्सलवाद की समस्या से किसी ठोस इरादे के साथ लड़ाई नहीं लड़ी। साय का कहना था कि तत्कालीन सरकार के असहयोगी रवैये की वजह से ही छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद सबसे ज़्यादा मज़बूत बना रहा। वे एक दिन की दिल्ली यात्रा पर थे और वहीं पत्रकारों से बात कर रहे थे।
अमित शाह ने क्या कहा था
इससे पहले 21 अक्टूबर को राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस परेड में बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि नक्सलवाद के खिलाफ देश की दशकों पुरानी लड़ाई 31 मार्च 2026 को एक अहम पड़ाव पर पहुंची, जब देश इस समस्या से मुक्त हुआ। शाह के अनुसार नक्सलवाद 1981 से कई ज़िलों में असर डालता रहा और इसमें सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों की जान गई।
शाह ने कहा कि सुरक्षा बलों के सबसे ज़्यादा जवान छत्तीसगढ़ में शहीद हुए। उन्होंने यह भी बताया कि 13,700 से ज़्यादा निर्दोष नागरिकों ने अपनी जान गंवाई।
ऊर्जा और निवेश पर भी बोले साय
दिल्ली दौरे के दौरान साय ने ऊर्जा क्षेत्र पर भी बात की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कुल ऊर्जा खपत का 15 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से आए। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना को इस क्षेत्र की सराहनीय पहल बताया। साय के मुताबिक राजनांदगांव के खैरा गांव ने इस योजना को पूरी तरह अपनाया है और वहां हर घर में सोलर पैनल लगे हैं।
निवेश के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में अगले पांच साल में 1.33 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि ऊर्जा क्षेत्र में 5.60 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर राज्य में काम पहले से चल रहा है, जिससे ग्रीन एनर्जी में आगे बढ़ने का रास्ता बनेगा।
स्रोत में कांग्रेस के सवालों का विस्तृत ब्योरा या मुआवज़े की रकम का उल्लेख नहीं है। इस मुद्दे पर आगे की प्रतिक्रियाओं पर नज़र रहेगी।