3 नवंबर 2026 देश की खबरें 1 मिनट में। साफ़, जांची-परखी, स्रोत के साथ। मेरी खबरें कैलकुलेटर English Instagram Facebook X
देश

चक्रवात मुरासु ने आंध्र में शुरू की लैंडफॉल, ओडिशा से 1.60 लाख लोग सुरक्षित जगह पहुंचे

गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु ने ओंगोल के पास लैंडफॉल शुरू की। आज तक के मुताबिक ओडिशा से 1.60 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।

चक्रवात मुरासु ने आंध्र में शुरू की लैंडफॉल, ओडिशा से 1.60 लाख लोग सुरक्षित जगह पहुंचे
प्रतीकात्मक फोटो। फोटो: Joydeep Chakraborty / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु ने मंगलवार तड़के करीब एक बजे आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में ओंगोल के पास लैंडफॉल शुरू कर दी। आज तक के लाइव अपडेट के अनुसार तूफान का असर आंध्र के साथ ओडिशा में भी दिखा है, जहां से 1.60 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।

एक नज़र में

  • मुरासु ने ओंगोल के पास लैंडफॉल शुरू की, हवा की रफ्तार 110 से 120 किमी प्रति घंटा रही।
  • ओडिशा से 1.60 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
  • प्रकाशम के कलेक्टर के मुताबिक जिले में किसी की जान नहीं गई।
  • बापटला, कृष्णा और प्रकाशम के निचले इलाकों में तूफानी लहरों का खतरा बुधवार सुबह तक रह सकता है।

लैंडफॉल के दौरान क्या हुआ

IMD के अनुसार लैंडफॉल के समय तूफान की आंख तट को छू रही थी। यह ओंगोल से करीब 40 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, कवाली से 60 किलोमीटर उत्तर-पूर्व और बापटला से 70 किलोमीटर दक्षिण में दर्ज की गई। तूफान के साथ 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जो कभी-कभी 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गईं। तटवर्ती इलाकों में ये हवाएं सुबह तक बनी रहीं।

विभाग ने दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में अगले 12 घंटों तक भारी बारिश की आशंका जताई है। कई जगहों पर तेज बारिश पहले ही शुरू हो चुकी थी। पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने और सड़कें जाम होने की खबरें हैं। बापटला में सूर्यलंका रोड के पास गिरे पेड़ को NDRF के जवानों ने हटाया।

राहत और बचाव की स्थिति

प्रकाशम जिले के कलेक्टर पी. राजा बाबू ने कहा कि जिले में हालात सामान्य हैं और किसी की जान नहीं गई है। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री RTGS के जरिए लगातार स्थिति की समीक्षा करते रहे और सुबह करीब 3:30 बजे टेलीकॉन्फ्रेंस में उन्होंने कई सुझाव दिए। आज तक के लाइव अपडेट में यह भी बताया गया कि पलनाडु जिले में भारी बारिश के बीच 150 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू से बात की।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। रिपोर्ट में चेन्नई में भी राहत और बचाव की तैयारी का जिक्र है। साथ ही तेलंगाना के लिए 3 और 4 नवंबर को बारिश को लेकर अलर्ट की बात कही गई है।

आगे क्या खतरा है

IMD के अनुसार चक्रवात के कारण तटीय इलाकों में 1 से 1.5 मीटर ऊंची तूफानी लहरें उठ सकती हैं। ये ज्वार से ऊपर आकर बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों के निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा पैदा कर सकती हैं। यह स्थिति बुधवार सुबह तक रह सकती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि किसानों, मछुआरों और आम लोगों को सतर्क रहना चाहिए। मौसम विभाग लगातार अपडेट जारी कर रहा है। समय पर तैयारी और सरकारी उपाय नुकसान को कम करने में मदद कर सकते हैं। लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी रहने तक तटीय इलाकों में जोखिम बना हुआ है।


स्रोत

देशओडिशा

हम कैसे रिपोर्ट करते हैं। News Anek की हर खबर कम से कम दो भरोसेमंद स्रोतों से जांची जाती है, और हम उन स्रोतों के नाम देते हैं। कोई गलती दिखी? contact@newsanek.com पर लिखें, और हमारी सुधार नीति व संपादकीय नीति पढ़ें।