बंगाल की खाड़ी में बना भीषण चक्रवाती तूफान 'मुरासु' 3 नवंबर को दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकरा गया। एबीपी न्यूज़ की लाइव रिपोर्ट के मुताबिक भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि तूफान ने नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के नजदीक तट पार किया। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
एक नज़र में
- मुरासु ने ओंगोल के पास, नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश का तट पार किया।
- तट पार करते समय हवा की रफ्तार 100-110 किमी प्रति घंटा रही।
- प्रकाशम जिले के नागुलुप्पलपाडु में 198 मिमी बारिश दर्ज हुई।
- IMD के अनुसार तूफान धीरे-धीरे कमजोर होगा और 3 नवंबर की आधी रात तक डीप डिप्रेशन बन सकता है।
तूफान की स्थिति और असर
IMD के अनुसार तूफान उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा था। इससे पहले यह चेन्नई से करीब 200 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व और नेल्लोर से लगभग 210 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में था। विभाग ने तट पार करते समय हवा की रफ्तार 100 से 110 किमी प्रति घंटा रहने की बात कही थी, जो झोंकों में 120 किमी प्रति घंटा तक जा सकती थी।
लाइव अपडेट में बताया गया है कि एक जिले में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज हुई, जहां नागुलुप्पलपाडु में 198 मिमी वर्षा हुई। रिपोर्ट में तूफान से आंध्र प्रदेश में भारी असर की बात कही गई है, लेकिन नुकसान का कोई विस्तृत आंकड़ा दिए गए पाठ में नहीं है।
किन इलाकों में बारिश का अलर्ट
IMD की चेतावनी के मुताबिक 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और उससे सटे तेलंगाना में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। 4 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
इसके अलावा 3 नवंबर को रायलसीमा और दक्षिण ओडिशा में भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में 3 और 4 नवंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। विभाग ने प्रभावित इलाकों के लोगों से सतर्क रहने, मौसम के ताजा अपडेट देखने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा है।
ओडिशा में तैयारी और आगे क्या
तूफान के आने से पहले ओडिशा सरकार ने 2 नवंबर को संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने का काम तेज कर दिया था। पीटीआई के हवाले से बताया गया कि राज्य सरकार ने आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को भी मजबूत किया। गजपति और गंजाम जिलों में भारी बारिश, गरज और आकाशीय बिजली के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का पूर्वानुमान था। रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरि, पुरी और खुर्दा में भी बारिश की संभावना बताई गई थी।
IMD का कहना है कि तट पार करने के बाद मुरासु कमजोर पड़ेगा। दोपहर तक यह चक्रवाती तूफान और आधी रात तक डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। तब तक प्रभावित राज्यों में बारिश को लेकर सावधानी जरूरी है।