भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का असर कई राज्यों में दिख रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, तूफान के आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में ओंगोल के पास तट से टकराने की प्रक्रिया तड़के 1.00 बजे शुरू हो गई। इसके बाहरी असर से पुडुचेरी और उत्तरी तमिलनाडु में आधी रात से लगातार बारिश हो रही है।
एक नज़र में
- पुडुचेरी और उत्तरी तमिलनाडु में आधी रात से लगातार बारिश, सामान्य जनजीवन प्रभावित।
- प्रकाशम जिले में लैंडफॉल शुरू, तटीय इलाकों में 110 से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं।
- विजयवाड़ा हवाई अड्डे की 18 उड़ानें रद्द।
- ओडिशा के 5 जिलों से 1.60 लाख से अधिक लोग सुरक्षित शिविरों में पहुंचाए गए।
पुडुचेरी और तमिलनाडु में क्या हाल है
रिपोर्ट के मुताबिक, चक्रवात के बाहरी प्रभाव के कारण पुडुचेरी और उत्तरी तमिलनाडु में आधी रात से बारिश थमी नहीं है। लगातार हो रही बारिश से रोज़मर्रा का जनजीवन प्रभावित हुआ है। स्रोत में इन इलाकों के लिए किसी अन्य चेतावनी या राहत इंतज़ाम की जानकारी नहीं दी गई है।
आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल और चेतावनी
आईएमडी के अनुसार, चक्रवात का ‘वॉल क्लाउड’ क्षेत्र तट के बेहद करीब है। इसी वजह से तटीय इलाकों में भारी बारिश के साथ 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं।
विभाग ने कहा है कि अगले 12 घंटों में दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में भीषण बारिश हो सकती है। समुद्र में 1 से 1.5 मीटर ऊंची तूफानी लहरें (स्टॉर्म सर्ज) उठने की आशंका है। इससे बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों के निचले इलाकों में पानी भर सकता है। सुरक्षा कारणों से विजयवाड़ा (वीजीए) हवाई अड्डे की 18 उड़ानें रद्द की गई हैं।
ओडिशा में बड़े पैमाने पर इंतज़ाम
ओडिशा सरकार ने खतरे को देखते हुए गंजाम, गजपति, कोरापुट, रायगढ़ा और मलकानगिरी जिलों से 1.60 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित शिविरों में पहुंचाया है। लगातार बारिश के कारण गजपति में 150 भूस्खलन संभावित क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं। प्रभावित जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और अग्निशमन सेवा की 300 से अधिक बचाव टीमें तैनात की गई हैं।
पिछले चक्रवात से तुलना
मौसम विभाग के अनुसार, यह चक्रवात पिछले सप्ताह आए चक्रवात ‘अर्नब’ की तुलना में थोड़ा कमजोर है। इसके बावजूद आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और ओडिशा में इसका व्यापक असर देखा जा रहा है। पुडुचेरी के लोगों के लिए फिलहाल यही सलाह है कि वे मौसम विभाग की ताज़ा जानकारी पर नज़र रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।