दिल्ली सरकार ने झुग्गी पुनर्वास की एक नई नीति अधिसूचित की है। इसका लक्ष्य लगभग पांच लाख परिवारों को पक्के घर देना है।
इस नीति से लगभग 20 लाख लोगों को फायदा मिल सकता है। यह जानकारी इंडिया टुडे की रिपोर्ट में 5 नवंबर 2026 को दी गई है।
ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से
यह नीति 1 जनवरी 2025 से पहले बसी झुग्गी बस्तियों पर लागू होगी। पात्र परिवारों को वैकल्पिक आवास दिए बिना नहीं हटाया जाएगा।
एक नज़र में
- लगभग पांच लाख परिवारों को पक्के 1BHK घर मिल सकते हैं।
- पुनर्वास मौजूदा स्थान पर या तीन किलोमीटर के दायरे में होगा।
- वैकल्पिक आवास दिए बिना परिवारों को नहीं हटाया जाएगा।
- घरों का आवंटन कंप्यूटरीकृत लॉटरी से होगा।
नए घर कैसे बनेंगे और कैसे मिलेंगे?
पात्र परिवारों को एक बेडरूम, हॉल और किचन वाली इकाई मिलेगी।
आवासीय परिसरों में स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं और खेल के मैदान भी होंगे।
एक ही ढांचे की अलग-अलग मंज़िलों पर रहने वाले स्वतंत्र परिवारों को अलग इकाइयां मिलेंगी।
विकलांग व्यक्तियों वाले परिवारों को भूतल पर घर देने में प्राथमिकता होगी।
घरों का आवंटन कंप्यूटरीकृत लॉटरी से होगा। भौगोलिक सूचना प्रणाली पर आधारित एक डिजिटल मंच परियोजनाओं और लाभार्थियों के रिकॉर्ड पर नज़र रखेगा।
तो पुनर्विकास के दौरान परिवारों का क्या होगा?
जहां पुनर्विकास मौजूदा स्थान पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत होगा, वहां डेवलपर अस्थायी या किराए के आवास का इंतज़ाम करेंगे।
वे किराए के लिए आर्थिक मदद भी दे सकते हैं।
प्रभावित पात्र परिवारों की आपत्तियों के समाधान के लिए शिकायत निवारण और अपील व्यवस्था भी बनेगी।
साझा सुविधाओं और सुरक्षा का रखरखाव पहले आवंटन की तारीख से पांच साल तक होगा।
मुख्यमंत्री ने इस नीति के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह नीति 'Jahan Jhuggi, Wahan Makan' योजना को गति देगी।
उनके मुताबिक लक्ष्य सिर्फ घर देना नहीं, बल्कि गरिमा, सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं देना है।
गुप्ता ने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंत्योदय के विचार और गरीबों के कल्याण से प्रेरित है।
रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि पहले घर कब तैयार होंगे।
समझिए
पहले क्या हुआ
- इस नीति से दिल्ली सरकार ने मौजूदा 'Jahan Jhuggi, Wahan Makan' योजना को गति दी है।
- यह नीति 1 जनवरी 2025 से पहले बसी झुग्गी बस्तियों पर लागू होती है।
यह क्यों अहम है
लगभग पांच लाख परिवारों, यानी करीब 20 लाख लोगों, को पक्के घर मिल सकते हैं। वैकल्पिक आवास के बिना परिवारों को नहीं हटाया जाएगा।
आगे क्या
- शिकायत और अपील की व्यवस्था बनाई जाएगी, और घरों का आवंटन कंप्यूटरीकृत लॉटरी से होगा। रिपोर्ट में पहले आवंटन की तारीख नहीं बताई गई है।
एग्ज़ाम कॉर्नर
UPSC जीएस पेपर 2 · शासन: झुग्गी पुनर्वास नीति
क्या है खबर
दिल्ली सरकार ने लगभग पांच लाख परिवारों को पक्के घर देने के लिए नई झुग्गी पुनर्वास नीति अधिसूचित की है। यह जानकारी इंडिया टुडे की रिपोर्ट में 5 नवंबर 2026 को दी गई।
पृष्ठभूमि
- इस नीति का नाम दिल्ली झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास और पुनर्स्थापन नीति, 2026 है।
- यह नीति मौजूदा 'Jahan Jhuggi, Wahan Makan' योजना से जुड़ी है।
- यह मौजूदा स्थान या तीन किलोमीटर के दायरे में पुनर्वास को प्राथमिकता देती है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- 1 जनवरी 2025 से पहले बसी बस्तियां इस नीति में शामिल हैं।
- पात्र परिवारों को एक बेडरूम, हॉल और किचन वाली इकाइयां मिलेंगी।
- पहले आवंटन की तारीख से पांच साल तक साझा सुविधाओं का रखरखाव होगा।
मेन्स के लिए सामग्री
- महत्व: पक्के घर झुग्गी परिवारों को सुरक्षा, गरिमा और स्कूल व स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच दे सकते हैं।
- मुख्य मुद्दा: मौजूदा स्थान के पास पुनर्वास से परिवार काम, स्कूल और ज़रूरी सेवाओं के पास रहते हैं।
- चुनौतियां: लाखों परिवारों को घर देने के लिए सावधान योजना, निष्पक्ष लॉटरी और साफ रिकॉर्ड चाहिए।
- आगे की राह: शिकायत निवारण, डिजिटल निगरानी और पारदर्शी आवंटन से नीति पर भरोसा बढ़ सकता है।
अभ्यास प्रश्न: चर्चा कीजिए कि शहरी गरीबों को आवास देते हुए परिवारों को उनकी आजीविका और ज़रूरी सेवाओं के पास कैसे रखा जा सकता है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
Q1. नई दिल्ली नीति में पुनर्वास के लिए प्राथमिक दूरी कितनी है?
- 1 किलोमीटर
- 3 किलोमीटर
- 5 किलोमीटर
- 10 किलोमीटर
उत्तर देखें
उत्तर: B. नीति मौजूदा स्थान या तीन किलोमीटर के दायरे में पुनर्वास को प्राथमिकता देती है।
Q2. यह नीति किन झुग्गी बस्तियों पर लागू होती है?
- 1 जनवरी 2025 के बाद बसी बस्तियों पर
- केवल नई दिल्ली की सरकारी ज़मीन की बस्तियों पर
- 1 जनवरी 2025 से पहले बसी बस्तियों पर
- केवल विकलांग व्यक्तियों वाली बस्तियों पर
उत्तर देखें
उत्तर: C. नीति उन पात्र बस्तियों पर लागू है जो 1 जनवरी 2025 से पहले बसी थीं।
मुख्य शब्द
- झुग्गी पुनर्वास: झुग्गी में रहने वाले लोगों को बेहतर आवास और सेवाएं देने की प्रक्रिया।
- सार्वजनिक-निजी भागीदारी: ऐसा मॉडल जिसमें सरकार और निजी डेवलपर किसी परियोजना पर साथ काम करते हैं।
- शिकायत निवारण: प्रभावित लोगों की शिकायतें सुनकर उनका समाधान करने की व्यवस्था।
परीक्षा की तैयारी के लिए और खबरें: UPSC Today
ये बातें इस खबर की रिपोर्ट से ली गई हैं। परीक्षा से पहले NCERT किताबों और PIB जैसे मानक स्रोतों से ज़रूर मिलाएं।