ईरान ने भारत, चीन, इराक़ और क़तर के जहाज़ों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर लगी आवाजाही की रोक से छूट दी है।
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के उपाध्यक्ष अहमद हयात-मोघद्दम ने यह बात एक इंटरव्यू में कही।
WION ने यह खबर 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य एक अहम जलमार्ग है। ईरान का कहना है कि इन चार देशों के जहाज़ इससे आज़ादी से गुज़र सकते हैं, और अमेरिका भी उन्हें नहीं रोक रहा।
यह घोषणा इस जलमार्ग के आसपास जहाज़ों पर बार-बार हुए हमलों के बीच आई है।

इन हमलों के बाद नई दिल्ली ने व्यावसायिक जहाज़ों पर हमले बंद करने की मांग की थी।
एक नज़र में
- ईरान का कहना है कि भारत, चीन, इराक़ और क़तर के जहाज़ आसानी से गुज़र सकते हैं।
- ईरान के मुताबिक़ भारत को छूट दवाइयों के आयात में मदद के लिए दी गई है।
- ईरान का कहना है कि वह भारतीय और चीनी जहाज़ों से ट्रांज़िट फ़ीस लेता है।
- IMO ने फ़रवरी से अगस्त के बीच व्यापारिक जहाज़ों पर कम से कम 70 हमले गिने।
ईरान ने यह छूट क्यों दी?
हयात-मोघद्दम के मुताबिक़ भारत को यह छूट दवाइयों के आयात को आसान बनाने के लिए दी गई है।
उन्होंने कहा कि चीन की छूट राजनीतिक समर्थन और आर्थिक संबंधों से जुड़ी है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान भारतीय और चीनी जहाज़ों से ट्रांज़िट फ़ीस लेता है। क़तर के जहाज़ बिना शुल्क के गुज़रते हैं।
इराक़ के जहाज़ फ़ीस देते हैं या नहीं, यह उन्होंने साफ़ नहीं किया।
तो इसका भारत पर असर क्या है?
भारत अपने कच्चे तेल की ज़रूरत का लगभग 90% आयात से पूरा करता है। इसका लगभग 30% अब इसी जलमार्ग से आता है। पहले यह हिस्सा 70% था।
भारत ने रूस, अमेरिका, पश्चिम अफ़्रीका और UAE के फ़ुजैरा से भी तेल खरीदना बढ़ाया है। फिर भी उसके LPG आयात का 90% इसी जलमार्ग से आता है।
क़तर और UAE से आने वाले LNG आयात का 50% से ज़्यादा भी इसी रास्ते से आता है। उर्वरक आयात भी इस पर निर्भर है।
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ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से
समुद्र में स्थिति कितनी गंभीर है?
अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने फ़रवरी से अगस्त के बीच व्यापारिक जहाज़ों पर कम से कम 70 हमले गिने। इन हमलों में 19 नाविकों की मौत हुई।
पश्चिम एशिया संघर्ष में अब तक मारे गए 24 भारतीयों में से 15 नाविक थे।
Al Arabiya की रिपोर्ट के मुताबिक़ ईरान के वरिष्ठ नेता सेना से क़तर की मध्यस्थता वाले प्रस्ताव पर विचार करने को कह रहे हैं।
इसका मकसद अमेरिका के साथ संघर्ष को फिर से भड़कने से रोकना बताया गया है।
समझिए
पहले क्या हुआ
- अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के अनुसार, संघर्ष के दौरान फ़रवरी से अगस्त के बीच व्यापारिक जहाज़ों पर हमले दर्ज हुए।
- उस अवधि में व्यापारिक जहाज़ों पर कम से कम 70 हमले गिने गए, और उनमें 19 नाविकों की मौत हुई।
- भारत अब अपने कच्चे तेल आयात का लगभग 30% होर्मुज़ जलडमरूमध्य से लेता है, जो पहले 70% था। आपूर्ति के स्रोत बढ़ाने से यह बदलाव आया।
यह क्यों अहम है
भारत के LPG आयात का 90% अब भी इसी जलमार्ग से आता है, और उर्वरक आपूर्ति भी इस पर निर्भर है।
एग्ज़ाम कॉर्नर
UPSC जीएस पेपर 2 · अंतरराष्ट्रीय संबंध: होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाज़ परिवहन
क्या है खबर
ईरान का कहना है कि उसने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में आवाजाही की रोक से भारत, चीन, इराक़ और क़तर के जहाज़ों को छूट दी है।
पृष्ठभूमि
- होर्मुज़ जलडमरूमध्य पश्चिम एशिया का एक रणनीतिक जलमार्ग है, और अब भारत का लगभग 30% कच्चा तेल आयात इसी से होकर आता है।
- अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने फ़रवरी से अगस्त के बीच व्यापारिक जहाज़ों पर कम से कम 70 हमले गिने।
- पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद भारत ने रूस, अमेरिका, पश्चिम अफ़्रीका और UAE के फ़ुजैरा से भी तेल खरीदना बढ़ाया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- होर्मुज़ जलडमरूमध्य पश्चिम एशिया का एक रणनीतिक जलमार्ग है
- अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने व्यापारिक जहाज़ों पर हमलों की गिनती की
- भारत के LPG आयात का लगभग 90% अब भी होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर आता है
मेन्स के लिए सामग्री
- महत्व: ऊर्जा, LPG और उर्वरक की आपूर्ति इस जलमार्ग से सुरक्षित गुज़रने पर निर्भर है।
- मुख्य मुद्दा: चुनिंदा छूट से अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता पर सवाल उठते हैं।
- चुनौतियाँ: जहाज़ों पर बार-बार हमलों से नाविकों की मौत हुई है और समुद्री आवाजाही बाधित हुई है।
- आगे का रास्ता: आपूर्ति के रास्ते बढ़ाने और सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने से जोखिम कम हो सकता है।
अभ्यास प्रश्न: पश्चिम एशिया के संघर्ष भारत की ऊर्जा सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता के सिद्धांत को कैसे प्रभावित करते हैं, इसकी चर्चा कीजिए।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
Q1. IMO के अनुसार फ़रवरी से अगस्त के बीच व्यापारिक जहाज़ों पर कितने हमले दर्ज हुए?
- 19
- 24
- 50
- 70
उत्तर देखें
उत्तर: D. लेख के मुताबिक IMO ने उस अवधि में व्यापारिक जहाज़ों पर कम से कम 70 हमले गिने।
Q2. ईरान की छूट सूची में कौन सा देश नहीं था?
- भारत
- चीन
- इराक़
- रूस
उत्तर देखें
उत्तर: D. छूट भारत, चीन, इराक़ और क़तर को दी गई। रूस का ज़िक्र सिर्फ़ भारत के कच्चे तेल आपूर्तिकर्ता के रूप में है।
मुख्य शब्द
- होर्मुज़ जलडमरूमध्य: पश्चिम एशिया का एक संकरा जलमार्ग, जिससे होकर जहाज़ तेल और गैस ले जाते हैं।
- ट्रांज़िट फ़ीस: किसी जलमार्ग या रास्ते से गुज़रने के लिए दिया जाने वाला शुल्क।
- LNG: द्रवित प्राकृतिक गैस, यानी प्राकृतिक गैस को शिपिंग के लिए तरल रूप में बदला गया रूप।
परीक्षा की तैयारी के लिए और खबरें: UPSC Today
ये बातें इस खबर की रिपोर्ट से ली गई हैं। परीक्षा से पहले NCERT किताबों और PIB जैसे मानक स्रोतों से ज़रूर मिलाएं।