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दुबई से सोना लाने पर ड्यूटी के नियम और छूट की सीमा

दुबई में सोना भारत से सस्ता मिल सकता है। पर बिना ड्यूटी की छूट सिर्फ़ गहनों पर है। इसकी सीमा वज़न, विदेश में रहने की अवधि और लिंग पर टिकी है।

Anklet from India, 19th century, silver with gold wash, HAA
प्रतीकात्मक फोटो: Anklet from India, 19th century, silver with gold wash, HAA. Photo: Hiart / Wikimedia Commons, CC0

दुबई में सोना भारत से सस्ता मिल सकता है। इसी वजह से विदेश में रहने वाले कई भारतीय त्योहारों के समय सोना साथ लाते हैं।

News9Live ने इस बारे में रिपोर्ट दी है और कहा है कि पहले नियम जानना ज़रूरी है।

News9Live में दी गई रिपोर्टों के मुताबिक, दुबई में 24k सोने का एक ग्राम लगभग Rs 12,532 का है। दिल्ली में उसी एक ग्राम की कीमत Rs 14,617 बताई गई।

Dubai Gold Souk on 31 May 2007 Pict 1
प्रतीकात्मक फोटो: Dubai Gold Souk on 31 May 2007 Pict 1। फोटो: Imre Solt / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0

एक नज़र में

  • बिना ड्यूटी की छूट सिर्फ़ गहनों पर है, सोने की छड़, बिस्किट या सिक्कों पर नहीं।
  • लेख के अनुसार, एक साल से ज़्यादा विदेश में रहने वाली महिला 40 ग्राम तक सोना बिना ड्यूटी ला सकती है।
  • सीमा से ज़्यादा सोने पर ड्यूटी लगती है, जो लेख में 15 प्रतिशत बताई गई है।
  • सीमा से ज़्यादा सोने की घोषणा भारत पहुंचने से कम से कम तीन दिन पहले ATITHI ऐप पर करनी होगी।

किसे बिना ड्यूटी का सोना मिल सकता है, और कितना?

बिना ड्यूटी की छूट सिर्फ़ गहनों पर लागू होती है।

सोने की छड़, बिस्किट और सिक्कों को यह छूट नहीं मिलती, चाहे यात्री की स्थिति या विदेश में रहने की अवधि कुछ भी हो।

वकील राहील पटेल, गांधी लॉ एसोसिएट्स में पार्टनर, ने इससे अलग बात कही।

उनके मुताबिक, कम से कम छह महीने विदेश में रहने वाला यात्री रियायती ड्यूटी देकर विदेशी मुद्रा में 1 किलो तक सोना ला सकता है।

इसमें छड़, सिक्के और गहने शामिल हैं। पत्थर या मोती जड़े गहने इस रियायत में नहीं आते।

लेख में वज़न की सीमाएं भी बताई गई हैं। एक साल से ज़्यादा विदेश में रहने वाली महिला 40 ग्राम तक ला सकती है। अन्य यात्रियों की सीमा 20 ग्राम है।

एक साल से कम विदेश में रहने वाला कोई भी व्यक्ति बिना ड्यूटी का सोना नहीं ला सकता।

तो इन सीमाओं को लेकर उलझन क्यों है?

लेख में कहा गया है कि सीमा वज़न पर तय है, कीमत पर नहीं। फिर भी इसमें कीमत की सीमाएं भी दी गई हैं।

एक साल से ज़्यादा विदेश में रहने वाला पुरुष यात्री Rs 50,000 तक के गहने बिना ड्यूटी ला सकता है। महिला के लिए यह रकम दोगुनी, यानी Rs 1 लाख है।

सोने पर छूट की मुख्य सीमाएं
40 ग्राममहिला यात्री, एक साल से ज़्यादा विदेश में (वज़न)
20 ग्रामअन्य यात्री (वज़न सीमा)
Rs 50,000पुरुष यात्री, गहने (कीमत सीमा)
Rs 1 लाखमहिला यात्री, गहने (कीमत सीमा)

ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से

लेख में ये आंकड़े पूरी तरह एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। इसलिए यात्रा से पहले कस्टम से ताज़ा आधिकारिक नियम ज़रूर जांच लें।

लेख के अनुसार ये नियम 2 फ़रवरी से लागू हुए।

उड़ान से पहले यात्रियों को क्या करना चाहिए?

पासपोर्ट, खरीद का बिल और शुद्धता का प्रमाण पत्र साथ रखें। लेख सलाह देता है कि भारत से निकलने से पहले कस्टम से निर्यात प्रमाण पत्र ले लें।

इससे वापसी पर सवाल कम उठते हैं।

अगर सीमा से ज़्यादा सोना है, तो भारतीय हवाई अड्डे पहुंचने से कम से कम तीन दिन पहले ATITHI ऐप पर घोषणा करें।

फिर हवाई अड्डे से बाहर निकलने के लिए रेड चैनल लें। News9Live ने यह भी कहा है कि उसका लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए है।

एग्ज़ाम कॉर्नर

UPSC जीएस पेपर 3 · अर्थव्यवस्था: सोने पर सीमा शुल्क

क्या है खबर

News9Live ने दुबई से भारत में सोना लाने के सीमा शुल्क नियमों की जानकारी दी, जिसमें गहनों के लिए बिना ड्यूटी की सीमा शामिल है। ये नियम निवासियों, एनआरआई, पर्यटकों और कामगारों पर लागू होते हैं।

पृष्ठभूमि

  • सीमा शुल्क नियमों में सोने के गहनों और सोने की छड़, बिस्किट और सिक्कों को अलग माना जाता है।
  • बिना ड्यूटी की सीमा सोने के रूप, यात्री के विदेश में रहने की अवधि और लिंग पर निर्भर करती है।
  • सीमा से ज़्यादा सोने पर ड्यूटी लगती है, जो लेख के मुताबिक 15 प्रतिशत है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • लेख के अनुसार महिला यात्री 40 ग्राम और अन्य यात्री 20 ग्राम बिना ड्यूटी का सोना ला सकते हैं, अगर निवास की शर्तें पूरी हों।
  • सीमा से ज़्यादा सोने की घोषणा भारत पहुंचने से कम से कम तीन दिन पहले ATITHI ऐप पर करनी होगी।
  • लेख के अनुसार ये नियम 2 फ़रवरी से लागू हुए।

मेन्स के लिए सामग्री

  1. महत्व: सोने के नियम त्योहारों की खरीद और सरकार की ड्यूटी से होने वाली आय दोनों पर असर डालते हैं।
  2. मुख्य मुद्दा: वज़न और कीमत दोनों पर आधारित सीमाएं यात्रियों को भ्रमित कर सकती हैं और कस्टम पर विवाद बढ़ा सकती हैं।
  3. चुनौतियां: हवाई अड्डों पर सीमाओं को लागू करना, पात्रता साफ़ समझाना और राजस्व व यात्री सुविधा में संतुलन बनाना।
  4. आगे का रास्ता: सरल और एक जैसे नियम, आसान घोषणा प्रणाली और ड्यूटी व सीमा की स्पष्ट सार्वजनिक जानकारी।

अभ्यास प्रश्न: भारत में सोने के आयात को नियंत्रित करने में सीमा शुल्क और बिना ड्यूटी की सीमा की भूमिका पर चर्चा कीजिए। क्या ऐसे नियम राजस्व और यात्री सुविधा में संतुलन रखते हैं, इसका परीक्षण कीजिए।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

Q1. लेख के अनुसार बिना ड्यूटी की सीमा से ज़्यादा सोने पर कितनी ड्यूटी लगती है?

  1. 5 प्रतिशत
  2. 10 प्रतिशत
  3. 15 प्रतिशत
  4. 25 प्रतिशत
उत्तर देखें

उत्तर: C. लेख में बताया गया है कि सोने पर ड्यूटी 15 प्रतिशत है।

Q2. भारत पहुंचने से पहले सीमा से ज़्यादा सोने की घोषणा किस ऐप पर करनी होती है?

  1. DigiLocker
  2. ATITHI
  3. UMANG
  4. Aarogya Setu
उत्तर देखें

उत्तर: B. लेख के अनुसार सीमा से ज़्यादा सोने की घोषणा ATITHI ऐप पर कम से कम तीन दिन पहले करनी चाहिए।

मुख्य शब्द

  • बिना ड्यूटी की सीमा: वह मात्रा जिसे यात्री बिना सीमा शुल्क दिए देश में ला सकता है।
  • सीमा शुल्क: देश में लाए गए सामान पर सरकार द्वारा लगाया जाने वाला कर।
  • निर्यात प्रमाण पत्र: कस्टम का वह आधिकारिक दस्तावेज़ जो बताता है कि सामान देश से वैध रूप से बाहर ले जाया गया।

परीक्षा की तैयारी के लिए और खबरें: UPSC Today

ये बातें इस खबर की रिपोर्ट से ली गई हैं। परीक्षा से पहले NCERT किताबों और PIB जैसे मानक स्रोतों से ज़रूर मिलाएं।


स्रोत

कारोबारUPSC Todayजीएस पेपर 3

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