एंटरटेनमेंट कंपनी Walt Disney एक बार फिर बड़ी छंटनी की तैयारी में बताई जा रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने कुछ मैनेजर्स से सालाना खर्च में करीब 20% तक कटौती करने के तरीके तलाशने को कहा है। कंपनी हजारों कर्मचारियों की नौकरी खत्म करने पर विचार कर रही है, लेकिन कितने लोग प्रभावित होंगे, यह अभी साफ नहीं है।
एक नज़र में
- Disney ने कुछ मैनेजर्स से सालाना खर्च में करीब 20% कटौती के रास्ते खोजने को कहा है।
- कंपनी ने छंटनी की संख्या या समयसीमा पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
- बचत का एक हिस्सा फिल्म-टीवी कंटेंट, टेक्नोलॉजी, थीम पार्क और क्रूज शिप कारोबार में लगाने की योजना है।
- वित्त वर्ष 2025 के अंत तक कंपनी में करीब 2,31,000 कर्मचारी थे।
क्या है योजना
CEO Josh D'Amaro के नेतृत्व में Disney अपने कारोबार का नए सिरे से आकलन कर रही है। मकसद खर्च घटाने के साथ उन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना है, जहां कंपनी को आगे ग्रोथ की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, कटौती का असर अलग-अलग बिजनेस डिवीजन पर अलग-अलग हो सकता है और कुछ विभागों में यह ज्यादा रह सकता है।
जहां लागत ज्यादा है या कारोबार की प्राथमिकता बदल रही है, वहां कटौती हो सकती है। वहीं ग्रोथ वाले क्षेत्रों में निवेश जारी रखने या बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है। फिलहाल यह तय नहीं है कि 20% बचत का लक्ष्य किन विभागों पर लागू होगा।
पहले भी हुई हैं छंटनियां
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Disney ने सितंबर 2026 में ह्यूमन रिसोर्स और टेक्नोलॉजी डिवीजन में 100 कर्मचारियों की छंटनी की थी। अप्रैल 2026 में करीब 1,000 पद खत्म किए गए थे, और 2025 में भी कई सौ कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया था।
सबसे बड़ा अभियान 2023 में पूर्व CEO Bob Iger के समय हुआ, जब करीब 7,000 नौकरियां खत्म की गईं। यह कुल खर्च में 5.5 अरब डॉलर की कटौती की योजना का हिस्सा था।
इंडस्ट्री और कॉरपोरेट कर्मचारियों के लिए मायने
कंपनी के सामने AI का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल, फिल्म कारोबार में प्रतिस्पर्धा और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की होड़ जैसी चुनौतियां हैं। यह दबाव सिर्फ Disney पर नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार Netflix और Skydance ने भी कर्मचारियों की संख्या घटाने जैसे कदम उठाए हैं। Skydance ने इस साल की शुरुआत में Warner Bros Discovery का अधिग्रहण किया था।
कंटेंट की लागत, टेक्नोलॉजी में निवेश और स्ट्रीमिंग की प्रतिस्पर्धा के कारण मीडिया कंपनियां मुनाफे पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। कॉरपोरेट सेक्टर के पेशेवरों के लिए यह संकेत है कि खर्च का ढांचा बदलने के दौर में कुछ विभागों में पद घट सकते हैं, जबकि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में निवेश जारी रह सकता है।
अभी यह खबर संभावित योजना के रूप में ही देखी जानी चाहिए। कर्मचारियों पर असर कितना होगा, यह कंपनी के अगले फैसलों से ही साफ होगा।