झारखंड हाई कोर्ट ने दुमका जिले की चौकीदार भर्ती से जुड़े एक मामले में दिव्यांग अभ्यर्थी के पक्ष में फैसला सुनाया है।
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने बुधवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि दौड़ में सिर्फ 3 सेकंड की देरी के कारण अयोग्य ठहराए गए अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र दिया जाए।

यह पत्र 8 सप्ताह के भीतर जारी करना होगा।
एक नज़र में
- दुमका में चौकीदार के 328 पदों की भर्ती से जुड़ा मामला।
- दिव्यांग अभ्यर्थी ने दौड़ 10 मिनट 3 सेकंड में पूरी की, तय समय से 3 सेकंड ज्यादा।
- हाई कोर्ट ने अभ्यर्थी को नियुक्ति का हकदार माना।
- दुमका में दिव्यांग श्रेणी के 13 में से 11 पद अब भी खाली हैं।
क्या है पूरा मामला
यह मामला दुमका जिले में चौकीदार के 328 पदों पर भर्ती का है।
दैनिक जागरण और Edex Live की रिपोर्ट के अनुसार याचिकाकर्ता दिव्यांग श्रेणी (PwD) के अभ्यर्थी थे और लिखित परीक्षा में सफल हुए थे।
इसके बाद शारीरिक परीक्षा हुई, जिसमें दौड़ भी शामिल थी।
याचिका के मुताबिक दौड़ में उन्हें सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के साथ ही उतारा गया।
दिव्यांगता को देखते हुए न अतिरिक्त समय दिया गया और न कोई खास सहायता।
याचिकाकर्ता ने दौड़ 10 मिनट 3 सेकंड में पूरी की, यानी तय सीमा से सिर्फ 3 सेकंड ज्यादा।
इसी आधार पर उन्हें नियुक्ति के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की।
अदालत में क्या दलीलें रहीं
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शुभम मिश्रा ने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 2(y) और धारा 20 के तहत अधिकारियों की कानूनी जिम्मेदारी है कि वे दिव्यांग व्यक्तियों को उचित सुविधा दें।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले विकास कुमार बनाम संघ लोक सेवा आयोग का भी हवाला दिया।
राज्य सरकार ने कहा कि भर्ती के नियमों में दिव्यांग अभ्यर्थियों को दौड़ में अतिरिक्त समय देने का प्रावधान नहीं है। हाई कोर्ट ने यह दलील नहीं मानी।
अदालत ने कहा कि कोई भी नियम या सरकारी अधिसूचना संसद के बनाए कानून के खिलाफ नहीं हो सकती।
उचित सुविधा न देना दिव्यांगता अधिनियम की भावना के विपरीत है।
खाली पद और आगे क्या
सुनवाई में अदालत ने यह भी ध्यान दिया कि दुमका जिले में दिव्यांग श्रेणी के लिए आरक्षित 13 पदों में से 11 अभी खाली हैं।
इन स्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता चौकीदार पद पर नियुक्ति के हकदार हैं।
अदालत ने अधिकारियों को 8 सप्ताह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी करने का आदेश दिया है।
ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से
स्थानीय स्तर पर यह फैसला उन दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए अहम माना जा रहा है जो सरकारी भर्तियों में शामिल होते हैं।
सरकार आदेश का पालन कैसे करेगी, इस बारे में स्रोतों में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
स्रोत
- दैनिक जागरण: दौड़ में तीन सेकंड की देरी पर दिव्यांग को नौकरी से वंचित नहीं किया ...
- Edex Live: Rejected over three seconds in physical test, disabled government job aspirant secures appointment via Jharkhand High Court
- लोकमत न्यूज हिन्दी: झारखंड HC का बड़ा फैसला: 3 सेकंड की देरी पर नौकरी से निकाले गए ...
- Lokmat Times: Jharkhand HC Orders Job for Specially-Abled Man Rejected Over 3-Second Run Delay