सोचिए, दिल्ली में सुबह उठते ही दरवाज़े पर ताज़ा दूध मिल जाए। कई परिवारों के लिए Doodhvale Farms का पहला अनुभव यही था।
यह कंपनी प्रोटीन ब्रांड के रूप में शुरू नहीं हुई थी। इसकी शुरुआत एक सीधी समस्या से हुई, जो इसके संस्थापक परिवारों को रोज़ झेलनी पड़ती थी।
एक नज़र में
- कंपनी 2019 में शुरू हुई, क्योंकि इसके संस्थापक परिवारों को भरोसेमंद दूध नहीं मिल रहा था।
- पहले दूध की आपूर्ति ठीक की गई, फिर पनीर, दही और दूध के उत्पाद शुरू हुए।
- कंपनी का कहना है कि इसके पनीर में प्रति 100 ग्राम 25 ग्राम प्रोटीन होता है।
- अक्टूबर 2026 में The India Collective में इसे उभरते D2C डेयरी प्रोटीन ब्रांड का सम्मान मिला।
तो शुरुआत कहां से हुई?
2019 में दिल्ली के दो संस्थापक परिवारों को एक ऐसी समस्या का सामना करना पड़ा, जिसे कई घर अच्छी तरह जानते हैं।
उन्हें ऐसा दूध नहीं मिल रहा था, जिस पर वे पूरा भरोसा कर सकें।
इसलिए उन्होंने खुद इसका हल निकालने का फैसला किया। शुरू में ध्यान किसी चमकदार उत्पाद पर नहीं था।
ध्यान इस पर था कि अच्छा दूध लोगों के घर तक पहुंचे।
शुरुआती सालों में मुश्किल क्या थी?

दूध का कारोबार आसान नहीं है। दूध जल्दी खराब होता है, और उसकी गुणवत्ता फार्म से दरवाज़े तक की हर कड़ी पर निर्भर करती है।
संस्थापकों को इस पूरी कड़ी को खुद संभालना पड़ा। हर सुबह ताज़गी की उम्मीद रखने वाले ग्राहकों का भरोसा एक-एक डिलीवरी से बनाना पड़ा।
कारोबार के लिए मोड़ कब आया?

जब कंपनी ने अपनी दूध की आपूर्ति पर नियंत्रण पा लिया, तब उसके पास आगे बढ़ने के लिए ठोस आधार था।
फिर उसने उच्च प्रोटीन वाला पनीर, दही और दूध शुरू किया।
बाद में उसने व्हे-आधारित Farm Protein उत्पाद भी जोड़े। कंपनी की सोच है कि शाकाहारी बहुलता वाले देश में डेयरी प्रोटीन का स्वाभाविक स्रोत है।
आज Doodhvale Farms कहां खड़ी है?

आज कंपनी को उभरते डेयरी प्रोटीन ब्रांड के रूप में पहचान मिली है। सह-संस्थापक Aman J Jain और Ishu Jain ने अक्टूबर 2026 में यह सम्मान लिया।
- 2019दिल्ली के दो संस्थापक परिवार भरोसेमंद दूध न मिलने की समस्या का हल खुद निकालने लगे।
- आपूर्ति पर नियंत्रण के बादउच्च प्रोटीन वाला पनीर, दही और दूध शुरू हुआ, फिर व्हे-आधारित Farm Protein उत्पाद जुड़े।
- अक्टूबर 2026सह-संस्थापक Aman J Jain और Ishu Jain को उभरते डेयरी प्रोटीन ब्रांड का सम्मान मिला।
ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से
Aman Jain कहते हैं कि यह सम्मान बताता है कि उन्होंने जो दिशा चुनी, उस पर लोगों की नज़र है।
Ishu Jain कहते हैं कि दूध की हर लीटर को उसके फार्म तक वापस ढूंढा जा सकता है।
यह कहानी Passionate In Marketing ने बताई।
कहानी बिज़नेस की
इस सफ़र से 3 सीख
- जिस चीज़ पर आपका नियंत्रण हो, उसी से शुरुआत करें
- अपने कच्चे माल का स्रोत पूरी तरह जानें
- उत्पाद की रेंज धीरे-धीरे, एक साफ़ कदम के बाद दूसरा कदम बढ़ाकर बनाएं