हिमाचल प्रदेश के मेडिकल छात्रों को अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय जाने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक एकेडमिक एक्सचेंज प्रोग्राम की घोषणा की है। यह घोषणा सोमवार को यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद की गई।
एक नज़र में
- हिमाचल के मेडिकल छात्र और शिक्षक अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय का दौरा करेंगे।
- मनुराज सूद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
- पहले हुए समझौते (MoA) को प्रभावी ढंग से लागू करने की बात कही गई।
- टेलीमेडिसिन, कैंसर इलाज की आधुनिक तकनीक और AI पर जोर दिया गया।
क्या है एक्सचेंज प्रोग्राम
PTI के हवाले से टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पहल का मकसद छात्रों को अमेरिकी यूनिवर्सिटी में अपनाई जा रही नई मेडिकल तकनीकों, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और पढ़ाने के तरीकों से परिचित कराना है। हिमाचल के मेडिकल शिक्षक भी एक्सपोज़र विज़िट पर जाएंगे। इसके अलावा फैकल्टी एक्सचेंज कार्यक्रमों के जरिए खास ट्रेनिंग, टीचिंग, रिसर्च और प्रोफेशनल डेवलपमेंट में मदद मिलेगी।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मनुराज सूद ने किया। बैठक में राज्य में मेडिकल शिक्षा, रिसर्च और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
सहयोग के तहत क्या होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनिवर्सिटी के साथ पहले हुए मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MoA) को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि प्रदेश में मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो सके। इस साझेदारी में दोनों पक्ष एकेडमिक संसाधन, रिसर्च पब्लिकेशन, पढ़ाई की सामग्री और तकनीकी जानकारी साझा करेंगे।
राज्य सरकार यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय में इस्तेमाल होने वाली मेडिकल तकनीकों, उपकरणों और बेहतर तरीकों को अपनाने की संभावना भी देखेगी, ताकि मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिले।
सुक्खू ने मेडिकल शिक्षा में रिसर्च को बढ़ावा देने, टेलीमेडिसिन सेवाओं को मजबूत करने और कैंसर के इलाज की आधुनिक तकनीकों तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने की जरूरत बताई।
छात्रों और राज्य के लिए क्या मायने
मुख्यमंत्री के मुताबिक सरकार इस सहयोग को आसान बनाने के लिए जरूरी मदद देगी और राज्य के मेडिकल संस्थानों में आधुनिक तरीके लागू करने की कोशिश करेगी। उम्मीद है कि इस कार्यक्रम से मेडिकल छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अकादमिक अनुभव मिलेगा, जबकि शिक्षक मेडिकल रिसर्च, विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं और उभरती तकनीकों की जानकारी हासिल कर सकेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार यह साझेदारी हिमाचल और अमेरिका के संस्थानों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान में भी मदद कर सकती है। इसका व्यापक लक्ष्य प्रदेश में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है। रिपोर्ट में दौरे की तारीखों या चयन प्रक्रिया की जानकारी नहीं दी गई है।