दीपक सभरवाल ने खाने को ज़्यादातर मेज़ की दूसरी तरफ़ से देखा था।
वे लगभग दो दशक तक General Electric, PepsiCo और Tata जैसी कंपनियों में काम करते रहे।
उनके दिन मीटिंग्स, आंकड़ों और ग्रोथ के लक्ष्यों से भरे रहते थे।
खेती वे वीकेंड पर करते थे, राजस्थान के पुष्कर में परिवार के खेतों पर।

फिर एक दिन उन्होंने अपने ही खेत में इस्तेमाल हो रहे कीटनाशकों पर ध्यान दिया। उसी समय उनकी माँ को कैंसर का पता चला।
ये दोनों बातें उनके मन में एक साथ आईं, और वे उन्हें अनदेखा नहीं कर सके।
एक नज़र में
- दीपक ने GE, PepsiCo और Tata जैसी कंपनियों में लगभग दो दशक काम किया।
- 2012 में उन्होंने खेती का व्यावहारिक सफ़र शुरू किया और लगभग चार साल वीकेंड पर सीखा।
- उन्होंने Earthy Tales Organics Private Limited की सह-स्थापना की, जो दिसंबर 2018 में औपचारिक रूप से शुरू हुई।
- वे नए लोगों को सलाह देते हैं कि लेबल या सर्टिफिकेशन से नहीं, मिट्टी से शुरुआत करें।
तो शुरुआत कहां से हुई?
उन्होंने The Better India को बताया कि एक सीधे सवाल से सब शुरू हुआ। उन्होंने खुद से पूछा कि परिवार रोज़ असल में क्या खा रहा है।
सवाल छोटा था, पर उसने उन्हें बेचैन कर दिया।
2012 में, जब वे अभी GE में काम कर रहे थे, वे वीकेंड पर पुष्कर जाने लगे। वहां उन्होंने खेती सीखी और परिवार की ज़मीन पर नए तरीके आज़माए।
तो सबसे मुश्किल हिस्सा क्या था?

वीकेंड पर खेती का मतलब था दो बिल्कुल अलग दुनियाओं में संतुलन बनाना। हफ़्ते के दिनों में भारी कॉरपोरेट काम था, और वीकेंड पर खेत का काम।
सीखने में समय लगा, और नतीजे दिखने में धैर्य चाहिए था।
किसानों के साथ करीब से काम करने से उन्होंने यह भी समझा कि जैविक खेती सिर्फ़ रसायनों से बचना नहीं है।
इसमें देखभाल, ज्ञान और ज़मीन के लिए लंबी सोच चाहिए।
उनके जीवन में मोड़ कब आया?

मोड़ तब आया जब उन्होंने देखा कि यह दूरी सिर्फ़ उनके अपने खेत तक सीमित नहीं है।
उन्हें मिट्टी, किसान और अंत में खाने वाले व्यक्ति के बीच एक खाई दिखी। इसी खाई ने उन्हें सिर्फ़ सब्ज़ी बेचने से आगे कुछ बनाने की प्रेरणा दी।
दिसंबर 2018 में उन्होंने Earthy Tales Organics Private Limited औपचारिक रूप से शुरू की।
ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से
यह कंपनी प्राकृतिक खेती, किसानों की आजीविका और बिना सिंथेटिक कीटनाशकों व उर्वरकों से उगे भोजन को शहरी परिवारों तक पहुंचाने पर केंद्रित है।
आज वे कहां हैं?

दीपक अब दिल्ली NCR में रहते हैं और Earthy Tales के सह-संस्थापक एवं CEO हैं। वे जैविक खेत शुरू करने का सोच रहे लोगों के साथ अपना अनुभव बांटते हैं।
उनकी मुख्य सलाह है कि मिट्टी से शुरुआत करें, धीरे चलें और ज़मीन को चरण दर चरण स्वस्थ बनाएं।
यह कहानी सबसे पहले The Better India ने बताई।
कहानी बिज़नेस की
इस सफ़र से 3 सीख
- खेती शुरू करने से पहले मिट्टी और पानी की जांच करें
- पूरा खेत एक साथ बदलने के बजाय धीरे-धीरे मिट्टी को स्वस्थ बनाएं
- मिट्टी से लेकर खाने वाले परिवार तक पूरी कड़ी को समझें