3 नवंबर 2026 देश की खबरें 1 मिनट में। साफ़, जांची-परखी, स्रोत के साथ। मेरी खबरें कैलकुलेटर English Instagram Facebook X
पैसा

IDBI Bank निजीकरण के विरोध में भोपाल में रैली, कर्मचारियों की हड़ताल का दूसरा दिन

IDBI Bank के प्रस्तावित निजीकरण के खिलाफ दो दिवसीय हड़ताल के आखिरी दिन भोपाल में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और चिनार पार्क तक रैली निकाली।

IDBI Bank निजीकरण के विरोध में भोपाल में रैली, कर्मचारियों की हड़ताल का दूसरा दिन
प्रतीकात्मक फोटो। फोटो: Vyacheslav Argenberg / Wikimedia Commons, CC BY 4.0

IDBI Bank के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल मंगलवार को दूसरे और आखिरी दिन पहुंच गई। भोपाल में कर्मचारी बोर्ड ऑफिस चौराहे पर जमा हुए, प्रदर्शन किया और फिर रैली निकालकर चिनार पार्क पहुंचे, जहां सभा हुई। पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने इस हड़ताल का समर्थन किया है।

एक नज़र में

  • IDBI Bank के प्रस्तावित निजीकरण के खिलाफ दो दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल, मंगलवार को आखिरी दिन।
  • भोपाल में बोर्ड ऑफिस चौराहे से चिनार पार्क तक रैली निकली और वहां सभा हुई।
  • वक्ताओं का कहना है कि सार्वजनिक धन और LIC के निवेश से संभले बैंक का निजीकरण जनहित में नहीं है।
  • नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी कर्मचारियों के समर्थन में X पर पत्र साझा किया।

भोपाल में कैसा रहा प्रदर्शन

हड़ताल के दूसरे दिन IDBI Bank के कर्मचारी पहले बोर्ड ऑफिस चौराहे पर इकट्ठा हुए। यहां उन्होंने प्रस्तावित निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद चौराहे से चिनार पार्क तक रैली निकाली गई। पार्क में आम सभा आयोजित की गई, जिसमें निजीकरण के प्रस्ताव का विरोध किया गया।

सभा को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस और IDBI Bank की ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया। इनमें वीके शर्मा, दीपक रत्न शर्मा, अनिल परमार, विकास सिंह, नागेश पांचाल, अकांक्षा गुप्ता, गुणशेखरण और भगवान स्वरूप कुशवाहा के नाम रिपोर्ट में दिए गए हैं।

यूनियनों का तर्क

वक्ताओं ने कहा कि IDBI Bank को सार्वजनिक धन और LIC के निवेश से फिर से खड़ा किया गया है। इसलिए उनके मुताबिक ऐसे बैंक का निजीकरण जनहित में नहीं है। बैंक के ग्राहकों और कर्मचारियों, दोनों के लिए यह मुद्दा इसलिए अहम है कि यूनियनें इसे आम लोगों के पैसे से जुड़े फैसले के रूप में उठा रही हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रस्तावित निजीकरण को लेकर एक पत्र की प्रति X पर साझा की थी। उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा और बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों का समर्थन किया। उन्होंने लिखा, "कांग्रेस के समय में IDBI बना। देश का उद्योग खड़ा करने के लिए। मैं IDBI बैंक के कर्मचारियों के साथ खड़ा हूँ।"

आगे क्या

स्रोत रिपोर्ट में हड़ताल के बाद के किसी अगले कार्यक्रम या सरकार के जवाब की जानकारी नहीं दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार हड़ताल का अंतिम दिन था। निजीकरण पर आगे का फैसला और यूनियनों की अगली रणनीति सामने आने पर तस्वीर साफ होगी।


स्रोत

पैसा

हम कैसे रिपोर्ट करते हैं। News Anek की हर खबर कम से कम दो भरोसेमंद स्रोतों से जांची जाती है, और हम उन स्रोतों के नाम देते हैं। कोई गलती दिखी? contact@newsanek.com पर लिखें, और हमारी सुधार नीति व संपादकीय नीति पढ़ें।