भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA) की उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय शाखा को वर्ष 2025-26 के लिए संस्थान की "सर्वश्रेष्ठ शाखा" चुना गया है। Mint की रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर की 25 शाखाओं में उसे पहला स्थान मिला है। यह सम्मान नई दिल्ली में संस्थान के मुख्यालय में दिया गया।
एक नज़र में
- IIPA की उत्तर प्रदेश शाखा 25 शाखाओं में पहले स्थान पर रही।
- उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने पुरस्कार दिया, वे IIPA के अध्यक्ष भी हैं।
- शाखा के चेयरमैन आर रमानी और मानद सचिव के रविंदर नाइक ने पुरस्कार लिया।
- IIPA ने चयन के अंकन मानदंड सार्वजनिक नहीं किए हैं।
समारोह में क्या हुआ
रिपोर्ट के अनुसार, उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में IIPA मुख्यालय में यह सम्मान प्रदान किया। उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय शाखा की ओर से चेयरमैन आर रमानी और मानद सचिव के रविंदर नाइक ने इसे स्वीकार किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और IIPA के महानिदेशक सुरेंद्र कुमार बागडे भी मौजूद थे।
यह पुरस्कार 2025-26 की अवधि में संस्थान की 25 शाखाओं के प्रदर्शन के आधार पर दिया गया। शाखा की गतिविधियों में लोक प्रशासन पर अकादमिक चर्चाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम, प्रशासनिक क्षमता निर्माण की पहल और शासन व जनकल्याण से जुड़े संस्थागत संवाद शामिल हैं।
शाखा और संस्थान के बारे में
IIPA की स्थापना भारत सरकार ने की थी। संस्थान लोकतांत्रिक प्रशासन, सुशासन, जनकल्याण, प्रशासनिक सुधार और जनभागीदारी को बढ़ावा देने का काम करता है। उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय शाखा लखनऊ में स्थित है और इन्हीं क्षेत्रों से जुड़ी गतिविधियां चलाती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस सम्मान से शाखा संस्थान के राष्ट्रीय नेटवर्क में शीर्ष पर पहुंची है। इससे प्रशासनिक ज्ञान, पेशेवर विकास और शासन से जुड़े विषयों पर संवाद में क्षेत्रीय संस्थाओं की भूमिका की ओर भी ध्यान गया है।
चेयरमैन का बयान और ध्यान देने वाली बातें
आर रमानी ने कहा कि यह उपलब्धि शाखा के सदस्यों, पदाधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगियों के सामूहिक प्रयास को दिखाती है। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय किसी एक व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता। उन्होंने सभी के निरंतर योगदान को स्वीकार किया और सदस्यों से आग्रह किया कि आने वाले वर्षों में भी इसी प्रतिबद्धता से काम करें, ताकि शाखा अपनी यह स्थिति बनाए रख सके।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पुरस्कार की घोषणा में शाखा के काम को संस्थागत सक्रियता और सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया गया। हालांकि अंतिम रैंकिंग तय करने के लिए इस्तेमाल हुए अंकन ढांचे या शाखा-वार आकलन की जानकारी नहीं दी गई।
रिपोर्ट के अनुसार, यह सम्मान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जवाबदेह प्रशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर देने की बात कहती रही है। लेकिन यह पुरस्कार IIPA द्वारा अपनी शाखा की गतिविधियों और प्रदर्शन के लिए दिया गया संस्थागत सम्मान है, सरकार के कामकाज का आकलन नहीं।