भारत और इंडोनेशिया की सेनाओं ने मंगलवार को पूर्वी जावा में संयुक्त सैन्य अभ्यास गरुड़ शक्ति 2026 का 48 घंटे का अंतिम सत्यापन अभ्यास (validation exercise) शुरू किया। Telangana Today की रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें भारतीय सेना और इंडोनेशियाई सेना (TNI-AD) की स्पेशल फोर्सेज हिस्सा ले रही हैं।
एक नज़र में
- पूर्वी जावा के जंगली इलाके में 48 घंटे का अंतिम अभ्यास शुरू हुआ।
- सैनिकों के धैर्य, आपसी तालमेल और दबाव में फैसले लेने की क्षमता को परखा जाएगा।
- अभ्यास 27 अक्टूबर को बन्युवांगी में शुरू हुआ था और 6 नवंबर तक चलेगा।
- भारत की ओर से पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) के जवान शामिल हैं।
अंतिम अभ्यास में क्या परखा जाएगा
जकार्ता स्थित भारतीय दूतावास ने X पर बताया कि यह अभ्यास कठिन जंगल इलाके में हो रहा है। इसमें सैनिकों को पिछले एक हफ्ते में सीखे गए कौशल का इस्तेमाल करना होगा। इनमें निशानेबाजी, पर्वतारोहण, हेलिकॉप्टर से उतरकर की जाने वाली कार्रवाई, गश्त और कॉम्बैट ट्रैकिंग शामिल हैं।
दूतावास के मुताबिक, वास्तविक हालात जैसे परिदृश्य में दोनों देशों के जवानों को मिलकर काम करना होगा। मकसद इस संस्करण में हुई प्रगति को पक्का करना और आगे चलकर जटिल संयुक्त मिशनों के लिए एक टीम की तरह तैयार होना है।
पिछले दिनों का प्रशिक्षण
इससे पहले शनिवार को दोनों सेनाओं ने इंडोनेशिया के बन्युवांगी में जंगल के इलाके में नकली कॉम्बैट ट्रैकिंग अभ्यास किया। इसमें जमीन के निशानों को खास तरीके से पढ़कर किसी लक्ष्य का पीछा करना सिखाया गया।
जवानों को घने जंगल में निगरानी, टोही (reconnaissance) और हालात की जानकारी के लिए ड्रोन के इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी मिला। दूतावास के अनुसार, इसमें पारंपरिक फील्डक्राफ्ट और आधुनिक तकनीक को साथ जोड़ा गया, ताकि कोई निशान अनदेखा न रहे और कोई खतरा बिना जांचे न छूटे।
अभ्यास का दायरा
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत-इंडोनेशिया संयुक्त स्पेशल फोर्सेज अभ्यास गरुड़ शक्ति 27 अक्टूबर को इंडोनेशिया के बन्युवांगी में शुरू हुआ था। दोनों देशों की स्पेशल फोर्सेज 6 नवंबर तक जंगल युद्ध अभियानों में साथ प्रशिक्षण लेंगी। इंडोनेशिया की ओर से वहां की स्पेशल फोर्सेज के जवान इसमें शामिल हैं।
रक्षा क्षेत्र पर नजर रखने वाले पाठकों के लिए यह अभ्यास दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का एक उदाहरण है। स्रोत में अभ्यास के बाद की किसी अगली योजना का जिक्र नहीं है।