बेंगलुरु में सोमवार को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार कन्नड़ भाषा में चिकित्सा साहित्य के निर्माण, विकास और संरक्षण के प्रयासों में पूरा समर्थन देगी। जनता से रिश्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने यह बात राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरजीयूएचएस) के दूसरे कन्नड़ चिकित्सा साहित्य सम्मेलन 2026 का लोगो और ब्रोशर जारी करते समय कही।
एक नज़र में
- मुख्यमंत्री ने कन्नड़ चिकित्सा साहित्य को सरकार का पूरा समर्थन देने की बात कही।
- उन्होंने डॉक्टरों और नर्सों से अपने पेशेवर काम में कन्नड़ का उपयोग करने का प्रयास करने को कहा।
- आरजीयूएचएस से चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा कन्नड़ में उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करने का आह्वान किया गया।
- सम्मेलन 20 और 21 नवंबर को बेंगलुरु मेडिकल कॉलेज में होगा।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा
कार्यक्रम मुख्यमंत्री के गृह कार्यालय कृष्णा में हुआ। शिवकुमार ने कहा कि कन्नड़ लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा है और राज्य भर में लोग इस भाषा को बचाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार कन्नड़ में चिकित्सा साहित्य को बढ़ावा देना सराहनीय कदम है। उन्होंने राज्य की भाषा और संस्कृति की रक्षा की ज़रूरत पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टरों और नर्सों को अपने पेशेवर अभ्यास में कन्नड़ का उपयोग करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने वरिष्ठ डॉक्टरों से भी आग्रह किया कि वे चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा में कन्नड़ के इस्तेमाल का समर्थन करें। उनका कहना था कि ये दोनों तरह की शिक्षा कन्नड़ में उपलब्ध कराई जानी चाहिए, और इसके लिए उन्होंने आरजीयूएचएस से पहल करने को कहा।
सम्मेलन का उद्देश्य
आरजीयूएचएस के कुलपति बी सी भगवान ने बताया कि यह विश्वविद्यालय व्यापक कन्नड़ चिकित्सा साहित्य सम्मेलन आयोजित करने वाला पहला स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय था। उनके मुताबिक सम्मेलन का मकसद कन्नड़ में चिकित्सा ज्ञान, अनुसंधान और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को आम लोगों तक पहुंचाना है। यह आयोजन 20 और 21 नवंबर को बेंगलुरु मेडिकल कॉलेज में होगा।
आम पाठकों के लिहाज़ से यह इसलिए अहम है कि स्वास्थ्य की जानकारी अपनी भाषा में मिलने से उसे समझना आसान होता है। सम्मेलन का लक्ष्य भी यही बताया गया है कि चिकित्सा से जुड़ी बातें कन्नड़ जानने वाले लोगों तक सीधे पहुंचें।
कार्यक्रम में कौन मौजूद रहा
लोगो और ब्रोशर जारी करने के मौके पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ शरण प्रकाश आर पाटिल, सम्मेलन अध्यक्ष और चिकित्सा लेखक एसपी योगन्ना, विधायक एआर कृष्णमूर्ति, डॉ एनटी श्रीनिवास, डॉ बीटी रुद्रेश, डॉ वसुंधरा भूपति, पूर्व विधायक इवान निगली, डॉ सरोजा और डॉ वीना सुल्या मौजूद थे। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मोहम्मद मोहसिन भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
रिपोर्ट में सरकार के समर्थन के स्वरूप या किसी नई योजना का ब्योरा नहीं दिया गया है। फिलहाल मुख्यमंत्री ने समर्थन का भरोसा दिया है और आगे की पहल की उम्मीद आरजीयूएचएस से जताई है।