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KPSC भर्ती जांच: हाई कोर्ट ने आर हितेंद्र को SIT का नया प्रमुख बनाया

कर्नाटक हाई कोर्ट ने KPSC भर्ती में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए IPS अधिकारी आर हितेंद्र को SIT का प्रमुख नियुक्त किया है।

KPSC भर्ती जांच: हाई कोर्ट ने आर हितेंद्र को SIT का नया प्रमुख बनाया
प्रतीकात्मक फोटो। फोटो: Vyacheslav Argenberg / Wikimedia Commons, CC BY 4.0

कर्नाटक हाई कोर्ट ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की भर्तियों में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) का नया प्रमुख वरिष्ठ IPS अधिकारी आर हितेंद्र को बनाया है। Jagran Josh की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने 2 नवंबर को यह आदेश दिया।

एक नज़र में

  • आर हितेंद्र ने SIT प्रमुख के रूप में ADGP आलोक कुमार की जगह ली है।
  • ADGP सौमेंदु मुखर्जी को टीम का सदस्य बनाया गया है।
  • कोर्ट ने कहा कि जांच स्वतंत्र हो और किसी बाहरी प्रभाव से मुक्त रहे।
  • मामला 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती और प्रश्नपत्र लीक के आरोपों से जुड़ा है।

SIT में क्या बदलाव हुए

हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, ADGP सौमेंदु मुखर्जी अब IPS अधिकारी दिव्या वी गोपीनाथ की जगह टीम में शामिल होंगे। अनूप ए शेट्टी, कुशल चौकसे और क्षमा मिश्रा टीम के सदस्य बने रहेंगे। नई SIT KPSC भर्ती से जुड़े दो मामलों की जांच करेगी।

कोर्ट ने कहा कि SIT बनाने का मकसद सिर्फ जांच करने वाले हाथ बदलना नहीं है, बल्कि जांच को नए सिरे से स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ाना है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि पहले CID की जांच में शामिल रहे अधिकारियों को SIT या उसकी सहायक टीम में न रखा जाए। कोर्ट के शब्दों में, जांच पिछली टीम की "छाया से अलग" रहनी चाहिए।

राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह टीम को जरूरी स्टाफ, इन्फ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सुविधाएं और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए। SIT और प्रवर्तन निदेशालय (ED) अपनी जांच अलग-अलग करेंगे, लेकिन आपस में तालमेल रखेंगे।

मामला क्या है

पहला मामला KPSC के जरिए 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित गड़बड़ी का है। जांच के मुताबिक, कुछ उम्मीदवारों ने परीक्षा से पहले सवाल और जवाब पाने के लिए 20 लाख से 40 लाख रुपये तक की रिश्वत दी, ऐसा आरोप है।

CID की जांच के बाद 29 अगस्त को KPSC के पूर्व परीक्षा नियंत्रक और IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को गिरफ्तार किया गया। उन पर बिचौलिए बसवराज कन्नाले के जरिए उम्मीदवारों तक प्रश्न और उत्तर पहुंचाने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया कि बेंगलुरु में 8 और 9 जनवरी को हुई परीक्षा में टॉप 15 में आए 11 उम्मीदवारों को कथित तौर पर सवाल-जवाब मिले थे।

दूसरा मामला निलंबित KPSC अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहुकार की बेटी के कथित अवैध चयन से जुड़ा है।

अब तक का घटनाक्रम और आगे क्या

हाई कोर्ट ने 21 सितंबर को पांच सदस्यीय SIT बनाने का आदेश दिया था। राज्य सरकार ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्टूबर को SIT के गठन को सही माना, पर कहा कि जांच वहीं से आगे बढ़े जहां CID ने छोड़ी थी। साथ ही सरकार को वैकल्पिक अधिकारियों के नाम सुझाने की अनुमति दी गई। सरकार ने हाई कोर्ट को चार नाम भेजे, जिनमें से कोर्ट ने आर हितेंद्र को चुना।

रिपोर्ट के अनुसार, 21 सितंबर के आदेश के बाद से CID की जांच रुकी हुई थी। अब SIT इस मामले में जांच को आगे बढ़ाएगी।


स्रोत

देशकर्नाटक

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