मध्य प्रदेश में अवैध शराब से भरे ट्रक को रोकने की कोशिश के दौरान खातेगांव थाने के SHO इंस्पेक्टर दिलीप पुरी की जान चली गई। Times Now की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना सोमवार तड़के इंदौर-बेतूल हाईवे पर संदलपुर चौराहे के पास नर्मदा ढाबे के नज़दीक हुई। हादसे में एक कॉन्स्टेबल भी घायल हुआ। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि ट्रक का ड्राइवर और क्लीनर फरार हैं।
एक नज़र में
- खातेगांव SHO दिलीप पुरी की ट्रक की चपेट में आने से मौत, कॉन्स्टेबल सोहन जाट घायल।
- ट्रक से 1,800 लीटर से ज़्यादा अवैध शराब ज़ब्त की गई।
- राहुल जैसवाल, विजय राव और करम सिंह हिरासत में; ड्राइवर और क्लीनर फरार।
- फरार आरोपियों की जानकारी देने पर 10,000 रुपये प्रति व्यक्ति इनाम घोषित।
क्या हुआ हाईवे पर
पुलिस के बयान के मुताबिक SHO दिलीप पुरी ट्रक को रुकवाने की कोशिश कर रहे थे। आरोप है कि ड्राइवर ने उन्हें जान से मारने की नीयत से गाड़ी उन पर चढ़ा दी और भाग गया। अधिकारियों ने बताया कि ड्राइवर ने पुलिस से बचने के लिए ट्रक को रोड डिवाइडर पर चढ़ा दिया और इसी दौरान पिछला पहिया थाना प्रभारी के ऊपर से गुज़र गया। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका।
कॉन्स्टेबल सोहन जाट को भी ट्रक ड्राइवर ने कथित तौर पर कुचलने की कोशिश की, जिसमें वे घायल हो गए। बाद में पुलिस टीमों ने ट्रक को पकड़ लिया। प्रारंभिक जांच के अनुसार MP नंबर का यह ट्रक हरदा जिले के टिमरनी से शराब लेकर गुजरात जा रहा था।
जांच और गिरफ्तारियां
हिरासत में लिए गए लोगों में कथित तस्करी नेटवर्क का संचालक राहुल जैसवाल, उसका साथी विजय राव और वाहन उपलब्ध कराने के आरोपी करम सिंह शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि राहुल तीन शराब दुकानों से अलग-अलग इलाकों में सप्लाई का तालमेल करता था और अवैध कारोबार से आया पैसा इकट्ठा कर हिस्सेदारों में बांटता था।
पुलिस के अनुसार शराब ठेकेदार पंकज जैसवाल की कारोबार में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जबकि राहुल, मनीष और मोहिन जैसवाल की 30-30 प्रतिशत। पुलिस ने बताया कि मनीष, मोहिन और पंकज क्रमशः इंदौर, गुजरात और बड़वानी के रहने वाले हैं। विजय राव ने कथित तौर पर राहुल के लिए काम करना स्वीकार किया है। फरार ड्राइवर गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत और उसके साथी की तलाश में पांच जिलों में छापेमारी चल रही है।
खातेगांव थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 109(1), 121(2) और 3(5) तथा आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अंतिम संस्कार और परिवार की मांग
रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना देवास जिले में चल रही कथित ज़हरीली शराब की जांच के बीच हुई, जहां ग्रामीणों ने हाल में 10 लोगों की मौत का दावा किया था। दिलीप पुरी का पार्थिव शरीर उनके पैतृक कस्बे बरमंडल (धार जिला) ले जाया गया, जहां राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार हुआ। परिवार ने मामले की CBI जांच, दोषियों को फांसी की सज़ा और आरोपियों पर "बुलडोज़र कार्रवाई" की मांग की है।