झारखंड के कोडरमा जिले की घाटी में रविवार से सोमवार तक भीषण जाम लगा रहा। रांची-पटना मुख्य मार्ग पर भारी वाहन खराब होने से बिहार और झारखंड के बीच आवागमन कई घंटे प्रभावित रहा। वाहनों की कतार बिहार के नवादा जिले के रजौली तक पहुंच गई। सोमवार सुबह से यातायात धीरे-धीरे सामान्य होना शुरू हुआ।
एक नज़र में
- कोडरमा घाटी में वाहन खराब होने से रविवार से सोमवार तक जाम रहा।
- पुलिस के अनुसार करीब 20 किलोमीटर सड़क हिस्से पर यातायात प्रभावित हुआ।
- बिहार से आने वाले वाहनों को अकबरपुर-सतगावां और झारखंड से जाने वाले वाहनों को बरही-गयाजी की ओर भेजा गया।
- स्थानीय लोगों और यात्रियों ने क्रेन की त्वरित व्यवस्था और सड़क की स्थायी मरम्मत की मांग की है।
कैसे लगा जाम
अलग-अलग रिपोर्टों में जाम के कारण और अवधि अलग बताई गई है। हिन्दुस्तान के मुताबिक रविवार देर शाम घाटी में एक बड़ी गाड़ी खराब हुई और करीब 10 घंटे तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में कहा गया कि कोडरमा थर्मल पावर प्लांट से ऐश लादकर निकला एक ट्रक जमसोती नाला के पास खराब हुआ। क्रेन से उसे हटाया गया, लेकिन इसके बाद और वाहन भी खराब होते गए। इस रिपोर्ट में जाम करीब 14 घंटे का बताया गया है। प्रभात खबर ने लिखा कि रविवार रात ट्रक का चक्का फटने के बाद करीब 15 घंटे जाम रहा।
रजौली से भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार रविवार सुबह एक ट्रक खराब हुआ और दूसरे ट्रक का डीजल खत्म हो गया। इसके बाद दोनों ओर से ओवरटेकिंग होने लगी। दोपहर में एक ट्रेलर से कंटेनर पलट गया और एक हाइवा व अन्य ट्रक भी खराब हो गए। इस रिपोर्ट में यातायात करीब 20 घंटे प्रभावित रहने की बात कही गई है।
यात्रियों की परेशानी और प्रशासन की व्यवस्था
जाम के कारण कोडरमा, हजारीबाग और रांची की ओर जाने वाले यात्री फंसे रहे। झारखंड से बिहार आने वाले वाहन भी घंटों रुके रहे। भास्कर के अनुसार यात्रियों को खाने और पानी के लिए भटकना पड़ा। सोमवार को रजौली के चितरकोली समेकित जांच चौकी पर उत्पाद विभाग की सघन जांच से भी कतार धीमी हुई, हालांकि बाद में जांच तेज की गई।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा। बिहार से झारखंड जाने वाले वाहन अकबरपुर से सतगावां के रास्ते भेजे गए। झारखंड से बिहार आने वाले वाहनों को बरही से गयाजी की ओर डायवर्ट किया गया। डीटीओ रंजीत कुमार ने बताया कि घाटी में बड़े वाहन के खराब होने से कई घंटे आवागमन बाधित रहा और सुबह से परिचालन शुरू हो गया है। रजौली के एसडीओ स्वतंत्र कुमार सुमन ने कहा कि जाम का ज्यादातर हिस्सा झारखंड क्षेत्र में था। उनके अनुसार सूचना मिलते ही पेट्रोलिंग वाहन भेजे गए थे और आवागमन अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है।
बार-बार जाम और आगे का सवाल
प्रभात खबर ने लिखा है कि घाटी में पिछले महीनों में कई बार वाहन खराब होने या दुर्घटना से जाम लग चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर में एनएचएआई ने घाटी में पैचवर्क और ओवरले का काम जल्द शुरू करने की जानकारी दी थी। नवंबर की शुरुआत तक यह काम पूरा हुआ या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं मिल सकी है। घाटी में एनएचएआई की ओर से स्थायी क्रेन या रिकवरी वैन तैनात है या नहीं, यह भी साफ नहीं है। फोरलेन के वैकल्पिक मार्ग की डीपीआर मंजूरी के लिए भेजी गई है, पर अंतिम स्वीकृति या निर्माण शुरू होने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
स्थानीय लोग लंबे समय से सड़क मरम्मत की मांग कर रहे हैं। इस घटना के बाद उन्होंने त्वरित क्रेन व्यवस्था और बेहतर यातायात प्रबंधन की मांग फिर उठाई है।
स्रोत
- हिन्दुस्तान: Nawada News: कोडरमा घाटी में महाजाम, रूट डायवर्ट कर भेजे गये वाहन
- दैनिक भास्कर: कोडरमा घाटी में कई वाहन खराब होने से 20 किमी लंबा जाम, 14 घंटे फंसे रहे ...
- दैनिक भास्कर: कोडरमा घाटी में 20 घंटे जाम, रजौली तक लगी गाड़ियों की कतारें
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