सिविल कंस्ट्रक्शन सेक्टर की कंपनी LCC Projects को गुजरात जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (GWSSB) से 703 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिला है। कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को भेजी फाइलिंग में यह जानकारी दी। Zee Business की रिपोर्ट के मुताबिक यह खबर 3 नवंबर 2026 को सामने आई।
एक नज़र में
- LCC Projects को GWSSB से 703 करोड़ रुपए का जल आपूर्ति ऑर्डर मिला।
- काम 18 महीने में पूरा करना है, जिसमें 3 महीने की टेस्टिंग और ऑपरेशन्स भी शामिल है।
- ऑर्डर की खबर के बाद कंपनी के स्टॉक में 1.24% की तेजी दिखी।
- कंपनी में प्रमोटर्स के पास करीब 90 फीसदी हिस्सेदारी है।
ऑर्डर में क्या काम होगा
कंपनी की फाइलिंग के अनुसार यह पानी की सप्लाई से जुड़ी इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (EPC) परियोजना है। इसे घरेलू स्तर का ऑर्डर बताया गया है। कंपनी को परियोजना के तहत तय सभी काम पूरे करने होंगे। साथ ही अनुबंध में दी गई सभी शर्तों और जिम्मेदारियों को निभाने की जवाबदेही भी उसी की होगी।
यह ऑर्डर 2 नवंबर 2026 को जारी आशय पत्र (LOI) के आधार पर मिला है। परियोजना की शुरुआत भी इसी तारीख से मानी जाएगी। कुल 18 महीने की अवधि में 3 महीने टेस्टिंग और ऑपरेशन्स के रखे गए हैं। यानी निर्माण पूरा होने के बाद परियोजना को चलाकर उसकी जांच भी की जाएगी।
कंपनी और शेयर की स्थिति
LCC Projects Limited की स्थापना 28 दिसंबर 2017 को हुई थी। कंपनी भारत में EPC क्षेत्र में काम करती है और इसका मुख्य कारोबार सिंचाई और पानी की आपूर्ति से जुड़ी परियोजनाओं के निर्माण पर केंद्रित है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी को इस क्षेत्र में करीब दो दशक का अनुभव है। वह बांध, नहर, लिफ्ट सिंचाई और जल आपूर्ति योजनाओं जैसे काम करती है। उसकी परियोजनाएं देश के 11 राज्यों में फैली हैं।
ऑर्डर की खबर के बाद कंपनी का स्टॉक 1.24% चढ़ा हुआ दिखा। रिपोर्ट में स्टॉक का 52-वीक हाई 191.90 रुपए बताया गया है। 52-वीक लो का आंकड़ा 117 रुपए दिया गया है, हालांकि रिपोर्ट में इसे सिर्फ "52-वीक 117 रुपए" लिखा गया है।
स्वतंत्र सरकारी संस्था से मिला काम
कंपनी ने साफ किया है कि ऑर्डर देने वाली संस्था GWSSB में उसके प्रवर्तकों या प्रवर्तक समूह की कोई हिस्सेदारी या हित नहीं है। यह सौदा संबंधित पक्षों के बीच लेनदेन की श्रेणी में भी नहीं आता। यानी यह ऑर्डर कंपनी को एक स्वतंत्र सरकारी संस्था से मिला है।
निवेशकों के लिए ऐसी जानकारी इसलिए अहम होती है कि इससे कंपनी के कामकाज और आगे के प्रोजेक्ट का अंदाज़ा मिलता है। हालांकि यह खबर सिर्फ कंपनी की फाइलिंग पर आधारित है और शेयर में निवेश का फैसला अपनी जांच के बाद ही लेना चाहिए।