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नागालैंड: शिक्षकों की कमी पर छात्रों ने सुंगरो के सरकारी स्कूल पर ताला लगाया

वोखा ज़िले के सुंगरो रेंज में छात्र संगठनों और ग्राम परिषदों ने शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग पर GHSS सुंगरो को सील कर दिया है।

नागालैंड: शिक्षकों की कमी पर छात्रों ने सुंगरो के सरकारी स्कूल पर ताला लगाया
प्रतीकात्मक फोटो। फोटो: Original: Samudra Bikash Hazarika Derivative work: Unpeti / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

नागालैंड के वोखा ज़िले के सुंगरो रेंज में छात्र संगठनों और सामुदायिक संगठनों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया है। उन्होंने गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल (GHSS), सुंगरो को सील कर दिया है। उनकी मांग है कि स्कूल में शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ की नियुक्ति की जाए। Edexlive ने The Morung Express के हवाले से यह खबर दी है।

एक नज़र में

  • आंदोलन 2 नवंबर को शुरू हुआ और स्कूल को सील कर दिया गया।
  • पंगती, ओकोत्सो, सुंगरो, पुराना और नया आरी, यानथामो और आशा गांवों के संगठन इसमें शामिल हैं।
  • संगठनों के मुताबिक कई पद 2022 से खाली हैं।
  • लिखित आश्वासन मिलने तक स्कूल बंद रखने की बात कही गई है।

प्रदर्शनकारियों के आरोप और मांगें

पंगती विलेज स्टूडेंट्स यूनियन (PVSU) के अध्यक्ष बोनाओ लोथा और अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षकों की सेवानिवृत्ति और मृत्यु के बाद कई पद 2022 से खाली पड़े हैं और उनकी जगह नई नियुक्ति नहीं हुई। उनके अनुसार स्कूल में भाषा के शिक्षक, शारीरिक शिक्षा के शिक्षक और एक लोअर डिविजन असिस्टेंट (LDA) नहीं हैं।

संगठनों का कहना है कि निचले सेक्शन में गणित पढ़ाने वाला सिर्फ एक शिक्षक है, क्योंकि दूसरे शिक्षक का तबादला हो गया और उनकी जगह कोई नहीं आया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मातृत्व अवकाश पर जाने वाली शिक्षिकाओं के लिए विकल्प के तौर पर कोई शिक्षक नहीं दिया गया।

पढ़ाई पर असर

प्रदर्शनकारी संगठनों के मुताबिक इस कमी से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। कुछ छात्रों को पूरा पाठ्यक्रम पढ़े बिना परीक्षा देनी पड़ी। उनका कहना है कि छात्र 2022 से भाषा शिक्षकों के बिना हैं, और पर्यावरण शिक्षा सहित कुछ अन्य विषयों में भी शिक्षकों की कमी है।

बोनाओ लोथा ने माना कि आंदोलन परीक्षा के समय के करीब शुरू हुआ है, लेकिन उनके अनुसार समुदाय के पास ज़्यादा विकल्प नहीं बचे थे, क्योंकि कई विषयों में शिक्षक न होने से पढ़ाई पहले से प्रभावित हो रही थी।

सरकार से अपील और आगे की स्थिति

छात्र संगठनों ने बताया कि उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग को कई बार ज्ञापन और शिकायतें दीं और हस्तक्षेप के लिए अल्टीमेटम भी दिया। उनका कहना है कि 29 अक्टूबर को विभाग का जो आदेश आया, उसमें GHSS सुंगरो के लिए एक भी शिक्षक का नाम नहीं था, जबकि पहले मौखिक आश्वासन दिए गए थे।

ओकोत्सो विलेज डेवलपमेंट बोर्ड के सचिव पेनथुंगो ने अधिकारियों से मामला सुलझाने की अपील की और कहा कि छात्रों की शिक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। पंगती विलेज काउंसिल के चेयरमैन ज़ानबेमो डब्ल्यू किठान ने कहा कि यह मुद्दा बार-बार उठाया गया है और GHSS सुंगरो पूरे रेंज के लिए अहम संस्थान है। उन्होंने बताया कि GHSS वोखा के बाद ज़िले में सबसे अधिक नामांकन इसी स्कूल में है, फिर भी पर्याप्त स्टाफ नहीं मिला। उन्होंने कम नामांकन वाले सरकारी स्कूलों की तुलना में स्टाफ आवंटन में अंतर पर भी सवाल उठाया।

संयुक्त संगठनों ने कहा है कि आंदोलन जारी रहेगा और स्कूल तब तक सील रहेगा, जब तक संबंधित विभाग लिखित आश्वासन नहीं देता और पर्याप्त शिक्षण व गैर-शिक्षण स्टाफ की मांग पूरी नहीं करता।


स्रोत

देशनागालैंड

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