सरकारी कंपनी NBCC Ltd ने बिहार सरकार के साथ एक MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत पटना में चार आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट विकसित किए जाएंगे, जिनकी अनुमानित लागत 2,000 करोड़ रुपये बताई गई है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने सोमवार को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में यह बात बताई।
एक नज़र में
- NBCC ने बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के साथ पटना में 4 रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए MoU किया।
- प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 2,000 करोड़ रुपये है, जिसमें GST शामिल नहीं है।
- दो आवासीय प्रोजेक्ट में कुल 3,331 फ्लैट बनेंगे।
- बिक्री या लीज से 5,152 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है।
समझौते में क्या है
कंपनी के मुताबिक, यह MoU पटना में फेज-1 के तहत चार रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए हुआ है। ये प्रोजेक्ट सेल्फ-फाइनेंसिंग आधार पर होंगे, यानी इनके लिए राज्य सरकार से बजट की मदद नहीं ली जाएगी।
समझौते पर हस्ताक्षर के समय बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और NBCC के सीएमडी केपी महादेवस्वामी मौजूद थे।
कौन-कौन से प्रोजेक्ट बनेंगे
चार में से दो प्रोजेक्ट आवासीय रीडेवलपमेंट के हैं। इनमें कुल 3,331 फ्लैट बनाए जाएंगे। ये फ्लैट EWS, LIG, MIG और HIG श्रेणियों के लिए होंगे, यानी अलग-अलग आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखा गया है।
इसके अलावा NBCC पटना के गर्दनीबाग में DIT बिहार के लिए एक IT टेक पार्क बनाएगी। साथ ही बेली रोड पर जल संसाधन विभाग की साइट पर होटल और व्यावसायिक स्थान विकसित किए जाएंगे।
लागत, आय और फीस
NBCC ने बताया कि बिहार सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग के कैबिनेट नोट और MoU के अनुसार बिक्री या लीज से मिलने वाली संभावित आय 5,152 करोड़ रुपये होगी। वहीं प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत GST को छोड़कर 2,000 करोड़ रुपये रखी गई है।
कंपनी ने यह भी बताया कि PMC (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी) शुल्क 6 प्रतिशत और मार्केटिंग फीस 1.25 प्रतिशत है।
पटना में आवास और व्यावसायिक जगह की मांग को देखते हुए ऐसे प्रोजेक्ट शहर के विकास से जुड़े माने जाते हैं। हालांकि स्रोत में निर्माण शुरू होने या पूरा होने की समयसीमा की जानकारी नहीं दी गई है।