वेस्ट शिलांग के विधायक पॉल लिंगदोह ने सोमवार को मेघालय सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। शिलांग के लोक भवन में हुए समारोह में राज्यपाल चंद्रशेखर एच विजयशंकर ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। Asianet Newsable की रिपोर्ट के मुताबिक, शपथ के बाद उन्होंने पर्यटन और सुरक्षा को लेकर अपनी प्राथमिकताएं बताईं।
एक नज़र में
- वेस्ट शिलांग के विधायक पॉल लिंगदोह ने लोक भवन में कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली।
- उन्होंने कहा कि मेघालय को पर्यटन स्थल के रूप में मजबूत करने वाली परियोजनाओं पर कोई समझौता नहीं होगा।
- पर्यटकों और राज्य के निवासियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई कदम उनके मन में हैं।
- मंत्री मेतबाह लिंगदोह के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
पर्यटन और सुरक्षा पर जोर
शपथ लेने के बाद पॉल लिंगदोह ने कहा कि मेघालय में बहुत संभावनाएं हैं। उनके मुताबिक कुछ परियोजनाएं ऐसी हैं जो राज्य को पर्यटन स्थल के रूप में और ऊंचा स्थान दिलाती हैं, इसलिए ऐसी परियोजनाओं पर कोई समझौता नहीं हो सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके मन में कई उपाय हैं, जिनसे न सिर्फ मेघालय आने वाले पर्यटकों की, बल्कि राज्य के सभी निवासियों की सुरक्षा भी बढ़ाई जाएगी।
पुरानी योजना की समीक्षा करेंगे
पॉल लिंगदोह ने बताया कि इस दिशा में एक योजना पिछले साल तक चल रही थी, लेकिन तभी नेतृत्व में अचानक बदलाव हो गया। उनका कहना था कि एक साल से ज्यादा के अंतराल के बाद अब उन्हें यह देखना होगा कि योजना किस स्थिति में है। यानी वे पहले उसकी मौजूदा स्थिति की समीक्षा करेंगे।
मेतबाह लिंगदोह के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया
मंत्री मेतबाह लिंगदोह के इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर पॉल लिंगदोह ने कहा कि उन्हें इसके हालात की जानकारी नहीं है। उनके अनुसार जो कुछ हुआ, वह मुख्यमंत्री के सचिवालय या उनके आवास में हुआ, इसलिए इस बारे में उनके पास कोई सूचना नहीं है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी ओर से पूरी कोशिश की है कि वे सिर्फ पद पर न रहें, बल्कि जो अधिकार उन्हें मिला है, उसका राज्य पर सकारात्मक असर पड़े। उन्होंने कहा कि वे आगे भी ऐसा ही करते रहेंगे।
पाठकों के लिए क्या मायने रखता है
मेघालय की अर्थव्यवस्था और पहचान में पर्यटन की अहम भूमिका है, इसलिए नए मंत्री की प्राथमिकताएं राज्य के लोगों और यहां आने वालों दोनों के लिए अहम हैं। हालांकि स्रोत में उन्हें कौन-सा विभाग मिलेगा, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। सुरक्षा से जुड़ी पुरानी योजना की समीक्षा के बाद ही आगे की तस्वीर साफ होगी।