केंद्र सरकार की PRAGATI-50 पहल के तहत 24 राज्यों के 50 शहर चुने गए हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर भी शामिल हैं। इस पहल का मकसद मापने योग्य लक्ष्य, तकनीक आधारित निगरानी और तय समय-सीमा के जरिए शहरों को सफाई के मॉडल के रूप में तैयार करना है। इंडियन माइंडमास्टर्स की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के नगरीय प्रशासन विभाग ने दोनों नगर निगमों को तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
एक नज़र में
- PRAGATI-50 में 24 राज्यों के 50 शहर चुने गए, रायपुर और बिलासपुर उनमें शामिल।
- कार्यक्रम 48 संकेतकों (KPI) पर आधारित है और प्रगति Swachhatam Portal पर दर्ज होगी।
- हर टीम की अगुवाई जिला कलेक्टर करेंगे, अतिरिक्त आयुक्त स्तर का अधिकारी नोडल अफसर होगा।
- इन दोनों शहरों के लिए अलग से कोई अतिरिक्त फंड घोषित नहीं हुआ है।
क्या है PRAGATI-50 पहल
केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने इस पहल की शुरुआत 29 सितंबर को की। यह स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के ढांचे के तहत काम करती है। इसमें ठोस कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई, उपयोग किए गए पानी के प्रबंधन और नागरिकों की भागीदारी को बेहतर करने पर ध्यान दिया जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार इस ढांचे का उद्देश्य केवल रोज़मर्रा की सफाई गतिविधियों पर निर्भर रहने के बजाय ठोस और मापने योग्य सुधार को परखना है।
नगर निगमों को क्या करना होगा
नगरीय प्रशासन विभाग ने रायपुर और बिलासपुर के नगर निगमों से कहा है कि वे अलग से क्रियान्वयन टीमें बनाएं और तय KPI ढांचे के आधार पर एक्शन प्लान तैयार करें। दोनों निगमों को चरणबद्ध कार्यक्रम के तहत मौजूदा सफाई व्यवस्था का आकलन करना है और जिन क्षेत्रों में सुधार की ज़रूरत है, उन्हें चिह्नित करना है।
एक्शन प्लान में आवासीय, व्यावसायिक और ज़्यादा भीड़ वाले इलाकों की सफाई कमियों को भी शामिल करना होगा। रेलवे कॉलोनी और औद्योगिक क्षेत्र जैसे स्थान, जो नगर निकायों के सीधे अधिकार क्षेत्र से बाहर हो सकते हैं, वहां सफाई की जिम्मेदारी किसे दी जाए, यह भी शहरों को तय करना होगा।
फंडिंग और निगरानी
केंद्र ने PRAGATI-50 के तहत इन दोनों शहरों के लिए अलग से कोई अतिरिक्त राशि घोषित नहीं की है। इसलिए नगर निकायों को उपलब्ध योजनाओं, अपनी आय और अन्य अनुमत स्रोतों के आधार पर खर्च की योजना बनानी होगी।
निगरानी तीन स्तरों पर होगी। नगर निगम स्तर पर प्रगति की समीक्षा हर सप्ताह होगी, राज्य स्तर पर हर 15 दिन में, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर मासिक या कार्यक्रम में तय अंतराल पर आकलन किया जाएगा। Swachhatam Portal पर दर्ज आंकड़े प्रदर्शन की निगरानी में काम आएंगे, और मौके पर जाकर सत्यापन से यह देखा जाएगा कि दर्ज सुधार जमीन पर दिख रहे हैं या नहीं।
अब ध्यान इस पर रहेगा कि तय संकेतक और समय-सीमा रायपुर और बिलासपुर में कचरा प्रबंधन, सफाई ढांचे और शहर की स्वच्छता में कितना ठोस बदलाव ला पाते हैं।