रेलवे बोर्ड ने रेल कर्मचारियों को राहत देते हुए बड़ा फैसला लिया है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, अब रेलकर्मी सुविधा पास पर राजधानी, शताब्दी और वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी यात्रा कर सकेंगे। इसका लाभ सेवारत कर्मचारियों के साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी मिलेगा। इससे जुड़ा आदेश जारी कर दिया गया है।
एक नज़र में
- सुविधा पास पर राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और वंदे भारत में यात्रा की अनुमति।
- सेवारत और सेवानिवृत्त, दोनों तरह के रेलकर्मियों को लाभ।
- पात्र श्रेणी से ऊपर की श्रेणी में जाने के लिए किराए का अंतर देना होगा।
- एचआरएमएस और पीआरएस में जरूरी बदलाव के निर्देश दिए गए।
आदेश में क्या है
रिपोर्ट के अनुसार, यह आदेश रेलवे बोर्ड के निदेशक यात्री विपणन द्वितीय संजय मनोचा और संयुक्त निदेशक स्थापना कल्याण एमएम जेयाबलान की ओर से जारी हुआ है।
नई व्यवस्था में कार्यरत और सेवानिवृत्त रेलकर्मी सुविधा पास, सेवानिवृत्ति पास और विधवा पास पर प्रीमियम ट्रेनों में सफर कर सकेंगे। वे अपनी पात्रता वाली यात्रा श्रेणी से ऊपर की श्रेणी में यात्रा कर पाएंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें निर्धारित किराए का अंतर चुकाना होगा। यानी पास की पात्रता के साथ ऊंची श्रेणी का विकल्प मिलेगा, पर अतिरिक्त किराया रेलकर्मी को देना होगा।
पहले क्यों थी रोक
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के जोनल सचिव ओपी शर्मा और ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के धनबाद मंडल मीडिया प्रभारी एनके खवास के अनुसार, ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था के कारण इस सुविधा पर रोक लग गई थी। फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा के लगातार प्रयासों के बाद यह रोक हटाई गई है।
रेलवे बोर्ड ने इस सुविधा को लागू करने के लिए उचित प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। साथ ही ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (एचआरएमएस) और पीआरएस में आवश्यक बदलाव करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आगे क्या
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि रेलकर्मियों के लिए अलग से पर्याप्त संख्या में कंफर्म बर्थ का कोटा तय कराने की मांग भी रेलवे बोर्ड से स्वीकृत कराई जाएगी। फिलहाल इस मांग पर बोर्ड की ओर से मंजूरी की जानकारी रिपोर्ट में नहीं दी गई है।
रेलकर्मियों को सलाह है कि यात्रा की योजना बनाने से पहले अपने विभाग या संबंधित कार्यालय से बुकिंग की प्रक्रिया और सिस्टम में बदलाव लागू होने की स्थिति की जानकारी ले लें।