केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह सिक्किम में डेयरी विकास और पशुधन ढांचे को मजबूत करने के लिए कुल 251.56 लाख रुपये की परियोजनाओं और पहलों की शुरुआत करने वाले हैं। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, वे 2 और 3 नवंबर को सिक्किम के गंगटोक और मंगन जिलों का दौरा करेंगे।
एक नज़र में
- मंत्री 2-3 नवंबर को गंगटोक और मंगन जिलों के दौरे पर रहेंगे।
- सिक्किम मिल्क यूनियन के लिए माइक्रोबायोलॉजी लैब का उद्घाटन होगा।
- व्हाइट रेवोल्यूशन 2.0 के तहत 57 नई डेयरी सहकारी समितियां बनाने की पहल शुरू होगी।
- जैविक शहद और मिलेट से बने नए उत्पाद भी पेश किए जाएंगे।
दौरे में क्या-क्या होगा
बयान के अनुसार, दौरे के दौरान मंत्री राज्य में डेयरी विकास से जुड़ी पहलों की समीक्षा करेंगे। वे नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट (NPDD) के तहत सिक्किम मिल्क यूनियन के लिए बनी माइक्रोबायोलॉजी लैबोरेटरी का उद्घाटन करेंगे।
इसके अलावा वे व्हाइट रेवोल्यूशन 2.0 के तहत 57 नई डेयरी सहकारी समितियों (DCS) की स्थापना की पहल शुरू करेंगे। हाल ही में रजिस्टर हुई पांच नई समितियों को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे।
उत्तरी सिक्किम और चुरपी पर ध्यान
उत्तरी सिक्किम में 15 नई डेयरी सहकारी समितियों के गठन की शुरुआत भी की जाएगी। इससे ज्यादा डेयरी किसान सहकारी डेयरी नेटवर्क से जुड़ सकेंगे।
गंगटोक और जोरेथांग में बनने वाले चुरपी चीज़ के लिए ट्रेसेबिलिटी की पहल भी शुरू की जाएगी, यानी उत्पाद के स्रोत और निर्माण की जानकारी को ट्रैक किया जा सकेगा।
FPO और नए उत्पाद
मंत्री भारत सरकार की 10,000 FPO योजना के तहत सिक्किम मिल्क यूनियन के लिए दो फॉडर प्लस किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को बढ़ावा देंगे।
साथ ही कई नए उत्पाद लॉन्च किए जाएंगे। इनमें जैविक शहद, नाइजर सीड मिला पाउडर, तथा रागी जैसे मोटे अनाज और कुट्टू से बने जैविक बिस्कुट और मिठाइयां शामिल हैं। बयान में इसे उत्पादों में विविधता और वैल्यू एडिशन की दिशा में अहम कदम बताया गया है। यह जानकारी IANS की रिपोर्ट पर आधारित है।