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फैक्ट-चेक: राजनाथ सिंह का सेना पर टिप्पणी वाला वीडियो AI से बनाया गया

द क्विंट की जांच के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भारतीय सेना के खिलाफ बोलने वाला वायरल वीडियो AI से छेड़छाड़ किया हुआ है।

सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें दावा है कि वे अपनी ही सेना के खिलाफ बोल रहे हैं। द क्विंट की फैक्ट-चेक रिपोर्ट के मुताबिक यह दावा गलत है। वीडियो AI की मदद से बदला गया है और इसमें सिंह का कोई असली बयान नहीं है।

एक नज़र में

  • वायरल वीडियो में राजनाथ सिंह को भारत-चीन तनाव पर सेना की आलोचना करते दिखाया गया है।
  • द क्विंट की जांच में इस बयान का कोई भरोसेमंद सबूत नहीं मिला।
  • असली वीडियो 26 अक्टूबर का है, जिसमें सिंह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर बोल रहे थे।
  • दो AI डिटेक्शन टूल ने भी वीडियो के AI से बने होने की आशंका जताई।

वायरल वीडियो में क्या दावा किया गया

वीडियो में सिंह कथित तौर पर कहते हैं कि भारत और चीन के बीच रुक-रुककर होने वाला टकराव "हमारी नज़र में इतना बड़ा मुद्दा नहीं है।" उनके नाम से यह भी कहा गया कि सरकार सेना को पूरा सहयोग दे रही है और पहले से ज़्यादा फंड दे रही है, फिर भी सैनिक इस टकराव से "बेहद परेशान" हैं और सरकार के खिलाफ बगावत कर रहे हैं।

वीडियो में आगे कहा गया कि वायुसेना और नौसेना को कोई दिक्कत नहीं है, तो सेना को ही इतनी परेशानी क्यों है। साथ ही सेना पर भाजपा सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाया गया। X पर यह पोस्ट एक यूज़र ने शेयर की थी, जिसे पहले भी गलत जानकारी फैलाने के लिए चिह्नित किया जा चुका है। रिपोर्ट लिखे जाने तक इसे करीब 1.24 लाख बार देखा जा चुका था।

जांच में क्या मिला

द क्विंट ने पहले 'Rajnath Singh Indian Army China' कीवर्ड से खोज की, लेकिन कोई भरोसेमंद रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें सिंह ऐसा बयान देते दिखे हों। इसके बाद वीडियो का Google Lens से रिवर्स इमेज सर्च किया गया। इससे समाचार एजेंसी IANS की एक X पोस्ट मिली, जिसमें वही माइक्रोफोन दिख रहा था जो वायरल वीडियो में है।

IANS की यह पोस्ट 26 अक्टूबर की थी। उसमें सिंह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कथित टिप्पणी पर बोल रहे थे। उन्होंने इसे "व्यक्तिगत अपमान" और "अभद्र भाषा" बताया। सिंह के मुताबिक वैचारिक विरोध और असहमति का स्वागत है, पर निजी हमले ठीक नहीं हैं। यही बयान उन्होंने अपने वेरिफाइड X अकाउंट पर भी साझा किया था।

असली वीडियो और वायरल क्लिप की तुलना करने पर दोनों में सिंह की आवाज़ अलग सुनाई देती है।

AI टूल से भी जांच

चूंकि चीन और सेना को लेकर बयान का कोई सबूत नहीं था, इसलिए वीडियो को दो AI डिटेक्टर से गुज़ारा गया। Hiya के Deepfake Voice Detector ने ऑडियो की जांच की और संकेत दिया कि ऑडियो AI से बना या डीपफेक हो सकता है। Hive Moderation के टूल ने भी वीडियो में AI से बनी सामग्री की संभावना बताई।

रक्षा से जुड़े मामलों में सेना और सरकार के रिश्तों पर ऐसे दावे तेज़ी से फैल सकते हैं। ऐसे वीडियो को आगे बढ़ाने से पहले आधिकारिक स्रोतों या भरोसेमंद समाचार एजेंसियों से पुष्टि कर लेना बेहतर है।


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