सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 2013 के रेप मामले में तहलका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल की याचिका पर सुनवाई 5 नवंबर तक के लिए टाल दी। तेजपाल ने अपनी दोषसिद्धि और 10 साल के सश्रम कारावास की सज़ा को चुनौती दी है। इसके साथ ही गोवा सरकार की वह याचिका भी सुनी जानी थी, जिसमें सज़ा बढ़ाने की मांग की गई है। द हंस इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यह फैसला जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने लिया।
एक नज़र में
- सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल की अपील और गोवा सरकार की याचिका पर सुनवाई 5 नवंबर तक टाली।
- गोवा सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्थगन मांगा था।
- तेजपाल के वकील कपिल सिब्बल ने दिवाली पर घर जाने देने की मांग की, गोवा सरकार ने विरोध किया।
- तेजपाल 14 सितंबर को सरेंडर के बाद कोलवाले की सेंट्रल जेल में हैं।
सुनवाई में क्या हुआ
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गोवा सरकार की ओर से सुनवाई के लिए और समय मांगा। तेजपाल की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने समय देने पर आपत्ति नहीं की। लेकिन उन्होंने कोर्ट से कहा कि तेजपाल को दिवाली के दौरान बाहर आने दिया जाए। सिब्बल के शब्दों में, अगर सरकार को समय चाहिए तो वह ले सकती है, पर तेजपाल दिवाली पर बाहर आएं।
मेहता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि तेजपाल दोषी ठहराए जा चुके हैं। इस पर सिब्बल ने जवाब दिया कि यह बरी किए जाने के फैसले को पलटने का मामला है और सवाल उठाया कि उन्हें जेल के अंदर क्यों रहना चाहिए। गोवा सरकार ने तेजपाल को त्योहार के दौरान जेल से बाहर आने देने की मांग का विरोध किया।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला नवंबर 2013 का है। एक जूनियर सहकर्मी ने आरोप लगाया था कि गोवा के एक लग्जरी होटल में एक कार्यक्रम के दौरान लिफ्ट के अंदर तेजपाल ने उसका यौन उत्पीड़न किया। मई 2021 में सेशंस कोर्ट ने तेजपाल को बरी कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि अभियोजन पक्ष संदेह से परे अपना मामला साबित नहीं कर पाया, और जांच में कथित खामियों का भी ज़िक्र किया था।
इसके बाद गोवा सरकार ने बरी किए जाने के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी। 6 अगस्त को हाईकोर्ट ने बरी करने का आदेश रद्द कर दिया। उसने तेजपाल को IPC की धारा 376(2)(f), 376(2)(k), 354A और 354B के तहत दोषी ठहराया और 10 साल के सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई।
अब आगे क्या
गोवा सरकार ने अलग से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर हाईकोर्ट की दी गई सज़ा बढ़ाने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर, जिसमें सरेंडर से छूट की उनकी अर्जी खारिज की गई थी, तेजपाल ने 14 सितंबर को गोवा के मापुसा की अतिरिक्त सेशंस कोर्ट में सरेंडर किया। इसके बाद उन्हें उत्तरी गोवा की कोलवाले सेंट्रल जेल ले जाया गया। अब दोनों याचिकाओं पर अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी।