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तेलंगाना के 29 जिलों में सरकारी MRI नहीं, PPP मॉडल से मुफ्त स्कैन की तैयारी

तेलंगाना सरकार महबूबनगर GGH से PPP मॉडल पर मुफ्त MRI सेवा शुरू करने की योजना बना रही है, क्योंकि 33 में से 29 जिलों में सरकारी MRI मशीन नहीं है।

तेलंगाना के 29 जिलों में सरकारी MRI नहीं, PPP मॉडल से मुफ्त स्कैन की तैयारी
प्रतीकात्मक फोटो। फोटो: Mpamidimarthi / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

तेलंगाना सरकार सरकारी अस्पतालों में MRI सेवा बढ़ाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाने की तैयारी में है। इसकी शुरुआत महबूबनगर के गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल (GGH) में पायलट प्रोजेक्ट से होगी। The South First की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के 33 में से 29 जिलों में एक भी सरकारी MRI मशीन नहीं है।

एक नज़र में

  • तेलंगाना में करीब 3.87 करोड़ की अनुमानित आबादी के लिए सिर्फ 9 सरकारी MRI मशीनें हैं।
  • स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा ने PPP मॉडल को पूरे राज्य में लागू करने को कहा है।
  • सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर के रेफर किए मरीजों के लिए MRI स्कैन मुफ्त रहेगा।
  • अधिकारियों के मुताबिक इस मॉडल से मौजूदा व्यवस्था की तुलना में खर्च करीब 20% घटेगा।

सरकारी MRI सुविधा की मौजूदा स्थिति

सितंबर में विधान परिषद में दी गई जानकारी के अनुसार राज्य में आठ संस्थानों में कुल 9 सरकारी MRI मशीनें हैं। ये सिर्फ चार जिलों में हैं। यानी औसतन 43 लाख लोगों पर एक सरकारी MRI मशीन है। हैदराबाद में 6 मशीनें हैं, जबकि वारंगल, आदिलाबाद और जयशंकर भूपालपल्ली में एक-एक।

बाकी 29 जिलों में कोई सरकारी MRI सुविधा नहीं है। इनमें महबूबनगर, निजामाबाद, नलगोंडा, करीमनगर और खम्मम भी शामिल हैं। इन जिलों के मरीजों को या तो निजी डायग्नोस्टिक सेंटर जाना पड़ता है या स्कैन के लिए दूसरी जगह जाना पड़ता है।

PPP मॉडल में क्या होगा

स्वास्थ्य विभाग के 31 अक्टूबर के बयान के मुताबिक मंत्री ने कोटि में TGMSIDC कार्यालय पर वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक की। इसमें डॉक्टरों और अधिकारियों की उस टीम की स्टडी रिपोर्ट रखी गई, जिसने दूसरे राज्यों के MRI सेवा मॉडल देखे थे। टीम ने तमिलनाडु समेत कई जगह लागू PPP व्यवस्थाओं का अध्ययन किया और सरकार को सिफारिशें दीं।

अधिकारियों ने बताया कि इस मॉडल से मशीनों की खरीद, संचालन और रखरखाव से जुड़ी बार-बार आने वाली दिक्कतें भी कम होंगी। उनके मुताबिक इससे मरीजों को बिना रुकावट सेवा मिल सकेगी। प्रस्तावित व्यवस्था में MRI सेवाओं का संचालन निजी साझेदार करेंगे, लेकिन सरकारी अस्पतालों से रेफर मरीजों को स्कैन मुफ्त मिलता रहेगा। मंत्री ने कहा, “PPP मॉडल में भी सरकारी अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए MRI स्कैन पूरी तरह मुफ्त रहेगा।”

मंत्री ने अधिकारियों से समझौते और संचालन के दिशानिर्देश तैयार करने को कहा। इनमें सेवा की गुणवत्ता, उपकरणों का नियमित रखरखाव और रिपोर्ट समय पर देना सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी खराबी की वजह से मरीजों को परेशानी न हो।

आगे क्या

रिपोर्ट के अनुसार सरकार का लक्ष्य दो साल के भीतर पूरे राज्य में यह सेवा पहुंचाने का है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब सरकार 9 एडवांस्ड 3-Tesla MRI मशीनें और 8 अतिरिक्त CT स्कैन मशीनें खरीदने की घोषणा पहले ही कर चुकी है। 10 सितंबर को विधान परिषद में मंत्री ने बताया था कि नई MRI मशीनें निजामाबाद, सिद्दिपेट, सूर्यापेट, नलगोंडा और महबूबनगर के साथ हैदराबाद के निलोफर अस्पताल में लगाई जाएंगी। कुछ और मशीनें भी प्रस्तावित बताई गई थीं।

आम मरीजों के लिए इसका मतलब यह हो सकता है कि जिले में ही जांच की सुविधा मिले और निजी सेंटर या दूसरे शहरों पर निर्भरता घटे। हालांकि यह इस पर निर्भर करेगा कि समझौते और दिशानिर्देश कितनी जल्दी और कितनी सख्ती से लागू होते हैं।


स्रोत

देशतेलंगाना

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