उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका को मजबूत करने के लिए कई घोषणाएं की हैं। इनमें मानदेय और भत्ते में बढ़ोतरी तथा क्षेत्र पंचायतों के लिए 25 लाख रुपये के विकास फंड को दोबारा शुरू करना शामिल है। ये घोषणाएं रविवार को देहरादून के मुख्यसेवक सदन में उत्तराखंड प्रमुख संगठन के सम्मेलन में की गईं।
एक नज़र में
- क्षेत्र पंचायत प्रमुख, वरिष्ठ और कनिष्ठ उप प्रमुख तथा क्षेत्र पंचायत सदस्यों का मानदेय और भत्ता बढ़ेगा।
- क्षेत्र पंचायतों को विकास कार्यों के लिए 25 लाख रुपये का फंड फिर से मिलेगा।
- क्षेत्र पंचायत प्रमुख राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की ब्लॉक स्तरीय समिति में शामिल होंगे।
- किसी गांव को शहरी क्षेत्र में शामिल करने से पहले संबंधित ग्राम पंचायत की राय ली जाएगी।
क्या घोषणा हुई
Indian Masterminds की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र पंचायत प्रमुखों, वरिष्ठ व कनिष्ठ उप प्रमुखों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के मानदेय व भत्ते में बढ़ोतरी की जाएगी। रिपोर्ट में बढ़ोतरी की सटीक राशि नहीं बताई गई है।
इसके अलावा 25 लाख रुपये का वह फंड फिर शुरू किया जाएगा, जो पहले क्षेत्र पंचायतों को विकास कार्यों के लिए दिया जाता था। यह फंड पहले बंद कर दिया गया था। अब इसके बहाल होने से क्षेत्र पंचायतों को स्थानीय विकास गतिविधियों के लिए फिर से यह आवंटन मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि क्षेत्र पंचायत प्रमुखों को NRLM की ब्लॉक स्तरीय समिति में जगह दी जाएगी। साथ ही, किसी गांव को शहरी क्षेत्र में मिलाने से पहले उस ग्राम पंचायत से सलाह ली जाएगी।
पृष्ठभूमि और मांग
रिपोर्ट के अनुसार राज्य की 13 जिला पंचायतों, 95 क्षेत्र पंचायतों और 7,813 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि कुछ समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। साल 2021 में राज्य सरकार ने ग्राम प्रधानों का मासिक मानदेय बढ़ाकर 1,500 रुपये किया था। रिपोर्ट का कहना है कि उस समय जिला और क्षेत्र पंचायतों के प्रतिनिधियों के लिए ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ था।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा
सम्मेलन को संबोधित करते हुए धामी ने पंचायत प्रतिनिधियों को सरकार और जनता के बीच की अहम कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि निर्वाचित स्थानीय प्रतिनिधि अपने क्षेत्र की समस्याओं को अच्छी तरह समझते हैं और सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य व शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पंचायत प्रतिनिधियों की चिंताओं, सुझावों और मांगों से अवगत है। उनके मुताबिक इन मुद्दों पर संबंधित विभागों से बातचीत कर उचित निर्णय लिए जाएंगे।
इन फैसलों से क्षेत्र पंचायत स्तर के प्रतिनिधियों को आर्थिक सहारा मिलने और स्थानीय विकास कार्यों के लिए संसाधन उपलब्ध होने की उम्मीद है।