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Vultr का भारत में बड़ा दांव: 2028 तक 600 MW AI क्षमता का लक्ष्य

अमेरिकी क्लाउड कंपनी Vultr ने चेन्नई में 20 MW का AI सुपरक्लस्टर शुरू करने की घोषणा की है और 2029 तक भारत में 1 GW क्षमता का लक्ष्य रखा है।

Vultr का भारत में बड़ा दांव: 2028 तक 600 MW AI क्षमता का लक्ष्य
प्रतीकात्मक फोटो। फोटो: HokuroN / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

अमेरिका की क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी Vultr भारत में अपना AI कारोबार तेज़ी से बढ़ाने जा रही है। BW Businessworld की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने 2028 तक 600 मेगावाट (MW) और 2029 तक 1 गीगावाट (GW) AI क्षमता तैयार करने का लक्ष्य रखा है। चेन्नई में हुई मीडिया ब्रीफिंग में कंपनी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर केविन कोक्रेन ने कहा कि भारत अब AI का सिर्फ उपयोग करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि वैश्विक बाज़ारों के लिए AI एप्लिकेशन भी बना रहा है।

एक नज़र में

  • Vultr ने 2 नवंबर को चेन्नई में 20 MW के AI सुपरक्लस्टर की घोषणा की, जो AMD Instinct MI355X GPU पर चलेगा।
  • शुरुआत में करीब 10,000 GPU लगने की उम्मीद है।
  • कंपनी का लक्ष्य 2028 तक 600 MW और 2029 तक 1 GW क्षमता है।
  • StartupTN के साथ समझौते में स्टार्टअप्स को 45,000 डॉलर तक के क्रेडिट और 20 प्रतिशत छूट मिलेगी।

चेन्नई सुपरक्लस्टर की जानकारी

Vultr के मुताबिक यह भारत में AMD Instinct की सबसे बड़ी तैनाती है। अमेरिका के बाहर भी यह कंपनी की सबसे बड़ी ऐसी तैनाती है। अमेरिका के ओहायो राज्य के स्प्रिंगफील्ड की सुविधा के साथ यह कंपनी की दो सबसे बड़ी AMD AI इन्फ्रास्ट्रक्चर तैनातियों में गिना जाएगा। Times of India की रिपोर्ट के अनुसार पहला क्लस्टर मार्च 2027 तक चालू होने की उम्मीद है।

कंपनी ने चेन्नई प्रोजेक्ट या भारत में अपने मौजूदा संचालन पर हुए निवेश की जानकारी नहीं दी है। Vultr ने 2022 में भारत में कदम रखा था। उसके डेटा सेंटर रीजन दिल्ली-NCR, बेंगलुरु और मुंबई में हैं, और देश में उसके 10,000 से ज़्यादा सक्रिय ग्राहक हैं। कोक्रेन ने भारत को अमेरिका के बाहर कंपनी का सबसे बड़ा बाज़ार बताया। चेन्नई के बाद कंपनी के 17 देशों और छह महाद्वीपों में 34 क्लाउड डेटा सेंटर रीजन हो गए हैं।

विस्तार की योजना और ग्राहक

Vultr के जनरल मैनेजर (AI और एंटरप्राइज़ क्लाउड) अमित राय ने 2028 तक 600 MW चालू करने और उसके अगले साल गीगावाट स्तर तक पहुंचने की बात कही। कंपनी अन्य जगहों पर भी विचार कर रही है, लेकिन पूरे निर्माण के लिए पक्की समय-सीमा तय नहीं की गई है। कोक्रेन के अनुसार अगले दो से तीन साल में होने वाला विस्तार मौजूदा तैनाती से "कई गुना बड़ा" होगा।

The Hindu से बातचीत में कोक्रेन ने बताया कि वैश्विक कंपनियों ने चेन्नई सुविधा की काफ़ी क्षमता पहले ही आरक्षित कर ली है। उन्होंने ग्राहकों के नाम या बुक की गई मात्रा नहीं बताई। यह आरक्षित क्षमता डिजिटल स्टार्टअप्स और विश्वविद्यालयों को उपलब्ध नहीं होगी। कंपनी का कहना है कि भारत में एंटरप्राइज़ प्लेटफ़ॉर्म इंजीनियर, क्लाउड आर्किटेक्ट और ओपन-सोर्स AI मॉडल बनाने वाले डेवलपर बड़ी संख्या में हैं। उनके करीब कंप्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर रखना उसकी रणनीति का अहम हिस्सा है।

स्टार्टअप, लागत और कॉर्पोरेट के लिए मायने

लॉन्च के मौके पर Vultr ने तमिलनाडु सरकार की स्टार्टअप एजेंसी StartupTN के साथ MoU किया। इसके तहत पात्र कंपनियों को क्लाउड कंप्यूटिंग क्रेडिट और तरजीही कीमतें मिलेंगी, जिनमें 45,000 डॉलर तक के क्रेडिट और 20 प्रतिशत की छूट शामिल है। कार्यक्रम में राज्य के MSME मंत्री पी. मथन राजा और IT एवं डिजिटल सर्विसेज़ विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अतुल आनंद मौजूद थे।

कंपनी के नेतृत्व का दावा है कि पारंपरिक हाइपरस्केलर की तुलना में ग्राहक कोर क्लाउड कंप्यूटिंग पर 50 से 90 प्रतिशत तक बचत कर सकते हैं। वाइस प्रेसिडेंट पीयूष गुप्ता के अनुसार कम इन्फ्रास्ट्रक्चर खर्च से कंपनियां पैसा हायरिंग और वर्कलोड बढ़ाने में लगा सकती हैं। हालांकि कंपनी ने GPU पर बचत का अलग अनुमान नहीं दिया।

कॉर्पोरेट पाठकों के लिए यह इसलिए अहम है कि AI कंप्यूटिंग क्षमता देश के भीतर उपलब्ध होने से बड़े मॉडल की ट्रेनिंग और AI प्रोजेक्ट चलाने के विकल्प बढ़ सकते हैं। यह सुपरक्लस्टर AI लैब, फ़ाउंडेशन मॉडल डेवलपर, स्टार्टअप, एंटरप्राइज़, शोध संस्थान और विश्वविद्यालयों के लिए बनाया गया है। यह बड़े लैंग्वेज मॉडल और फ़ाउंडेशन मॉडल की ट्रेनिंग में काम आएगा।


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