बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी सरकारी विभागों को दिवाली और छठ से पहले बकाया वेतन देने का निर्देश दिया है।
मकसद साफ़ है। त्योहार के मौसम में किसी भी सरकारी कर्मचारी को अपना बकाया पाने में देरी नहीं होनी चाहिए।
यह जानकारी हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में दी गई है। यह निर्देश शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिया गया।
बैठक में सभी ज़िलों के ज़िलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
अमृत ने कई विभागों में वेतन भुगतान में देरी पर चिंता जताई। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, गृह और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग शामिल हैं।
विभागों से कहा गया है कि ज़रूरत पड़ने पर शनिवार को भी दफ़्तर खुले रखें, ताकि ज़रूरी औपचारिकताएं पूरी हो सकें।
एक नज़र में
- सभी विभागों को दिवाली और छठ से पहले बकाया वेतन देना होगा।
- शिक्षा और स्वास्थ्य सहित कई विभागों में देरी की शिकायत है।
- ज़रूरी काम पूरे करने के लिए शनिवार को दफ़्तर खुल सकते हैं।
- 10 से 16 नवंबर तक राज्यभर में छठ जागरूकता अभियान चलेगा।
तो यह सरकारी कर्मचारियों के लिए क्यों ज़रूरी है?
अमृत ने ज़ोर देकर कहा कि हर सरकारी कर्मचारी को त्योहार से पहले वेतन मिलना चाहिए।
यह मुख्यमंत्री के निर्देश को ही दोहराना है। अमृत ने कामकाज का तरीका सुधारने की ज़रूरत पर भी बात की।
मंत्रिमंडल सचिवालय के बयान के मुताबिक़, सभी ज़िलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
जिन विभागों ने समय पर वेतन नहीं दिया, उन्हें खास चेतावनी दी गई है।
अमृत ने कहा कि ज़रूरत हो तो व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाएं।
छठ के लिए राज्य सरकार की क्या योजना है?
बिहार सरकार ने 10 से 16 नवंबर तक राज्यभर में छठ पूजा जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया है।
इस अभियान में पारंपरिक लोकगीत, प्रचार जिंगल और स्वागत द्वार शामिल होंगे।
रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल, हवाई अड्डों और पटना मेट्रो पर छठ गीत और जिंगल बजेंगे। इन जगहों पर पोस्टर भी लगाए जाएंगे।
सभी 18 सीमावर्ती ज़िलों के प्रवेश बिंदुओं पर स्वागत द्वार बनाए जाएंगे।
ग्राफिक: News Anek, इसी खबर के तथ्यों से
अधिकारियों के मुताबिक़, ग्रामीण इलाकों में पंचायत सरकार भवनों पर छठ से जुड़े पोस्टर, बैनर और झंडियां लगाई जाएंगी।
समझिए
पहले क्या हुआ
- मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने शुक्रवार की समीक्षा बैठक में कई विभागों में वेतन भुगतान में देरी पर चिंता जताई।
- मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया था कि हर सरकारी कर्मचारी को त्योहार से पहले वेतन मिलना चाहिए, और अमृत ने इसे दोहराया।
- मंत्रिमंडल सचिवालय के बयान के मुताबिक़, जिन विभागों ने समय पर वेतन नहीं दिया, उन्हें खास चेतावनी दी गई।
यह क्यों अहम है
त्योहार के समय वेतन में देरी से सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को परेशानी हो सकती है। इस आदेश का मकसद समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है।