शुक्रवार को यूरोप के कई टीवी चैनलों को बम की धमकी मिली। कुछ स्टेशनों को खाली कराना पड़ा और कार्यक्रम रोकने पड़े।
सीएनबीसी टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी प्रभावित जगह पर बम नहीं मिला है।
धमकियां आयरलैंड के आरटीई, ब्रिटेन के स्काई और बुल्गारिया के नोवा टीवी समेत कई चैनलों को भेजी गईं। कंपनियों ने यह बात कही है।
एक नज़र में
- शुक्रवार को आयरलैंड, ब्रिटेन और बुल्गारिया के टीवी चैनलों को धमकी मिली।
- प्रभावित किसी भी जगह पर बम नहीं मिला है।
- इसी हफ्ते कई देशों में विमानों को भी फर्जी बम धमकियों से परेशानी हुई।
- अब तक साफ नहीं है कि धमकी किसने दी और क्यों दी।
शुक्रवार को टीवी स्टेशनों पर क्या हुआ?
आरटीई ने अपने कार्यक्रम बंद करके संगीत और पहले से रिकॉर्ड किया हुआ संदेश चलाया। कुछ मामलों में यह तीन घंटे तक चला।
पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्टाफ इमारत में लौटा। सोफिया में पुलिस नोवा के न्यूज़रूम पहुंची और उसे सुरक्षित पाया गया। प्रसारण नहीं रुका।
स्काई ने पुष्टि की कि उसे भी धमकी मिली। उसके प्रवक्ता ने कहा कि स्काई उन कई मीडिया संस्थानों में से एक था जिन्हें निशाना बनाया गया।
तो विमानों की धमकियां भी इसी कहानी का हिस्सा क्यों हैं?
इसी हफ्ते सर्बिया से फिनलैंड और स्पेन तक जाने वाली कई उड़ानों में खलल पड़ा। कुछ विमानों का रास्ता बदला गया और कुछ को आपात लैंडिंग करनी पड़ी।
अब तक कोई विस्फोटक नहीं मिला है।
फ्रांस ने बताया कि शुक्रवार को उसके हवाई क्षेत्र में विमानों को चार नई धमकियां मिलीं। सभी विमान सुरक्षित उतर गए।
नाटो ने हंगरी-रोमानिया सीमा के पास हवाई गश्त का आदेश दिया।
यूरोपीय आयोग ने यूरोपीय संघ के देशों के बीच सूचना साझा करने की व्यवस्था शुरू की है।
उसने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि ये घटनाएं आपस में जुड़ी हैं या नहीं।
धमकी किसने भेजी, और क्या ये मामले जुड़े हैं?
आरटीई और नोवा को भेजे गए ईमेल पर मिखाइल एंड्रोपोव का नाम था। भेजने वाले ने दावा किया कि वह इस हफ्ते की विमान धमकियों वाले समूह का नेता है।
उसमें लिखा था, "यह तो बस शुरुआत है।"
इस नाम का आखिरी नाम सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व महासचिव यूरी एंड्रोपोव से मिलता है।
यह साफ नहीं है कि इसमें रूस का हाथ है या मकसद मॉस्को पर उंगली उठाना है।
इस पर राय बंटी हुई है।
आयरलैंड के प्रधानमंत्री मिशेल मार्टिन ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां अभी तय नहीं कर पाई हैं कि धमकियां अलग-अलग लोगों की हैं या किसी योजना का हिस्सा।
आयरलैंड सरकार ने इन्हें संभवतः समन्वित बताया है।
बीबीसी के मुताबिक विमानों वाले संदेशों और प्रसारकों के बीच अब तक ठोस संबंध साबित नहीं हुआ है। जांच कई देशों में जारी है।