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केरल की हाथी की बच्ची माया का इलाज गुजरात के वनतारा में शुरू

माया को नवजात अवस्था में केरल में अकेला पाया गया था, और वन विभाग के कर्मचारियों ने उसे पाला। अब गुजरात में डॉक्टर देख रहे हैं कि उसकी हड्डियों की समस्या का इलाज हो सकता है या नहीं।

Elephant Kodanad India1
प्रतीकात्मक फोटो: Elephant Kodanad India1. Photo: Amolnaik3k / Wikimedia Commons, Public domain

माया 18 महीने की हाथी की बच्ची है, जो केरल की रहने वाली है। एक मेडिकल बोर्ड ने उसकी इच्छामृत्यु की सलाह दी थी।

अब उसे विशेष इलाज के लिए भेजा गया है।

News9 ने यह जानकारी 6 नवंबर को शुक्रवार के दिन दी। माया को गुजरात के जामनगर में वनतारा के पशु चिकित्सा केंद्र ले जाया गया।

वनतारा अनंत अंबानी का पशु बचाव केंद्र है। यह स्थानांतरण केरल के मुख्य वन्यजीव वार्डन के आदेश पर हुआ।

एक नज़र में

  • 18 महीने की माया को केरल से गुजरात के वनतारा भेजा गया है।
  • उसकी हड्डियां बहुत कमज़ोर हो गई थीं, इसलिए मेडिकल बोर्ड ने इच्छामृत्यु की सलाह दी थी।
  • डॉक्टर देख रहे हैं कि उसका इलाज हो सकता है या नहीं। उसकी सेहत को लेकर अनिश्चितता है।
  • Kerala Kaumudi की रिपोर्ट के अनुसार, वनतारा उसके इलाज का पूरा खर्च उठाएगा।

माया की मुश्किल शुरू कहाँ से हुई?

माया को अप्रैल 2025 में केरल में एक नदी किनारे पाया गया था। वह उस समय नवजात थी।

उसका झुंड नदी पार कर गया था और उसे पीछे छोड़ दिया था। वह बहुत कमज़ोर और निर्जलित थी।

वन अधिकारी उसे अभयारण्यम ले गए। वहां पशु चिकित्सक डॉ बिनॉय सी बाबू और देखभाल करने वाली टीम ने उसे हाथ से पाला।

उसे सबसे ज़्यादा निखिल बाबू से लगाव हो गया।

उसकी सेहत इतनी बिगड़ी कैसे?

जुलाई में खेलते समय माया फिसल गई और उसके कंधे में चोट लग गई। इसके बाद उसकी हड्डियां और कमज़ोर होती गईं।

अक्टूबर तक उसके दोनों अगले पैरों में फ्रैक्चर हो गए। उसे छाती में संक्रमण और दबाव के घाव भी हो गए। वह अब खड़ी नहीं हो पा रही थी।

News9 के अनुसार, 29 अक्टूबर को एक पशु चिकित्सा बोर्ड ने इच्छामृत्यु की सलाह दी।

इसके बाद मुख्य वन्यजीव वार्डन डॉ पी पुगाझेंधी ने एक और चिकित्सा राय ली।

बीमारी के कारण पर रिपोर्टों में अलग-अलग बातें हैं। News9 के मुताबिक, डॉ कुशल कोनवर शर्मा को पैराथायराइड से जुड़ी हड्डी की बीमारी का शक है।

Kerala Kaumudi ने इसे आनुवंशिक बीमारी बताया है।

अब माया के साथ आगे क्या होगा?

वनतारा में माया की गहन देखभाल, दर्द प्रबंधन और और जांच होगी। उसके साथ जीवन रक्षक उपकरण थे, और निखिल बाबू भी साथ गए।

यात्रा के रास्ते पर रिपोर्टें अलग हैं। Kerala Kaumudi के अनुसार वह कोच्चि से मुंबई गई और फिर एंबुलेंस से वनतारा पहुंची।

Asianet Newsable के अनुसार वह नेडुंबस्सेरी हवाई अड्डे से जामनगर जाने वाली थी।

वनतारा के सीईओ विवान करानी ने कहा, "माया ने अपने जीवन के हर दिन के लिए संघर्ष किया है। अब हमारी बारी है कि हम उसके लिए लड़ें।"

केरल का वन विभाग उसके इलाज की निगरानी करेगा। अगर उसकी सेहत सुधरती है, तो उसे अभयारण्यम वापस लाने की उम्मीद है।

डॉक्टरों के अनुसार उसकी ठीक होने की संभावना अभी अनिश्चित है।


स्रोत

देशकेरल

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